गणेश चतुर्थी 2026: पंडालों में विराजेंगे गणपति बप्पा, शाहजहांपुर के बाजार में छाईं मूर्तियां
शाहजहांपुर में गणेश चतुर्थी पर्व के लिए गणेश मूर्तियों की बिक्री शुरू हो गई है। विक्रेताओं को इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद है। मूर्तियां 100 रुपये से 22 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं। शहर में मराठा समुदाय कई स्थानों पर गणेश उत्सव मनाता है।
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शाहजहांपुर में गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इसी दिन शहर में जगह-जगह सजाए जाने वाले पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना होगी। पर्व को लेकर बाजार में गणेश भगवान की मूर्तियों की बिक्री शुरू हो गई है। सड़क किनारे से लेकर दुकानों तक छोटी से लेकर बड़ी और आकर्षक मूर्तियां श्रद्धालुओं का मन मोह रही हैं। विक्रेताओं को इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
हथौड़ा से रेती रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे राजस्थान के पाली जिले से आए दो परिवार मूर्तियों की बिक्री कर रहे हैं। इन परिवारों के पांच पुरुष और दो महिलाएं सावन में ही रोजा पहुंच गए थे। बारिश को देखते हुए वे अपने साथ पहले से तैयार की गई गणेश मूर्तियों को लेकर आए हैं। यहां अलग-अलग आकार और डिजाइन की मूर्तियां उपलब्ध हैं।
विक्रेता भरत ने बताया कि इस बार मूर्तियों में कई तरह के डिजाइन और आकार उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से शुरू होकर 22 हजार रुपये तक है। श्रद्धालु अपनी पसंद और बजट के अनुसार मूर्तियां खरीद रहे हैं। शहर के अलावा आसपास के जिलों से भी लोग मूर्तियों को खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं।
शहर में कई जगह होता है गणेश उत्सव
गणेश चतुर्थी पर शहर में मराठा समुदाय की ओर से कई स्थानों पर गणेश उत्सव मनाया जाता है। सदर मराठा मंडल की ओर से खिरनीबाग स्थित धर्मशाला में आयोजन किया जाता है। चौक क्षेत्र में भी दो प्रमुख स्थानों पर गणेश उत्सव मनाया जाता है। आयोजकों ने पंडालों को सजाने और गणपति स्थापना की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह दिखाई दे रहा है।