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Shahjahanpur News: सहमा, ठिठका, फिर छलांग लगाकर आजाद
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रानीपुर वन्य अभयारण्य में छोड़ते सामय पिंजरे से छलांग लगाता तेंदुआ। स्रोत वनकर्मी
खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार रेंज के जंगल से निकलकर चांदपुर और आसपास के गांवों में पालतू पशुओं को शिकार बनाने वाले तेंदुए का नया पता अब चित्रकूृट का रानीपुर वन्य अभयारण्य होगा। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रानीपुर के जंगल में छोड़ दिया। तेंदुए के सकुशल जंगल में छोड़े जाने से वनकर्मियों ने राहत की सांस ली।
जंगल से निकला चार से पांच वर्ष का नर तेंदुआ चांदपुर के आसपास कई गांवों में घूम रहा था और पालतू पशुओं का शिकार कर रहा था। लगभग डेढ़ माह में तेंदुए ने 14 पशुओं को मार डाला। 18 अगस्त को तेंदुआ चांदपुर के पास बाग में लगे पिंजरे में बकरी को मारते समय कैद हो गया। रेंजर मनोज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम तेंदुए को रेंज कार्यालय मैलानी ले गई।
अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद तेंदुए को चित्रकूट के रानीपुर वन्य अभयारण्य ले जाने का फैसला किया गया। इसके बाद रेंजर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तेंदुए को लेकर रवाना हुई। मंगलवार को तेंदुआ रानीपुर जंगल में छोड़ दिया गया। रेंजर ने बताया कि पिंजरा खोले जाने के बाद तेंदुआ पहले कुछ सहमा रहा। बाद में आगे बढ़कर कुछ देर ठिठका और पिंजरे से छलांग लगाकर जंगल में गुम हो गया।
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रेंजर ने बताया कि रानीपुर वन्य अभयारण्य 230 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है और अपनी वन्यजीव विविधता के लिए जाना जाता है। तेंदुए को यहां खुटार के जंगलों जैसा ही माहौल मिलेगा।
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जंगल से निकला चार से पांच वर्ष का नर तेंदुआ चांदपुर के आसपास कई गांवों में घूम रहा था और पालतू पशुओं का शिकार कर रहा था। लगभग डेढ़ माह में तेंदुए ने 14 पशुओं को मार डाला। 18 अगस्त को तेंदुआ चांदपुर के पास बाग में लगे पिंजरे में बकरी को मारते समय कैद हो गया। रेंजर मनोज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम तेंदुए को रेंज कार्यालय मैलानी ले गई।
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अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद तेंदुए को चित्रकूट के रानीपुर वन्य अभयारण्य ले जाने का फैसला किया गया। इसके बाद रेंजर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तेंदुए को लेकर रवाना हुई। मंगलवार को तेंदुआ रानीपुर जंगल में छोड़ दिया गया। रेंजर ने बताया कि पिंजरा खोले जाने के बाद तेंदुआ पहले कुछ सहमा रहा। बाद में आगे बढ़कर कुछ देर ठिठका और पिंजरे से छलांग लगाकर जंगल में गुम हो गया।
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रेंजर ने बताया कि रानीपुर वन्य अभयारण्य 230 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है और अपनी वन्यजीव विविधता के लिए जाना जाता है। तेंदुए को यहां खुटार के जंगलों जैसा ही माहौल मिलेगा।

रानीपुर वन्य अभयारण्य में छोड़ते सामय पिंजरे से छलांग लगाता तेंदुआ। स्रोत वनकर्मी