Shahjahanpur News: पहले महापौर के चुनाव में भाजपा-सपा के बीच दिखा मुकाबला, कांग्रेस ने भी दी टक्कर
शाहजहांपुर में भाजपा और सपा के बीच ही सीधा मुकाबला होता दिखा। हालांकि मुस्लिम मतों के बंटवारे से सपा का पलड़ा कुछ कमजोर माना जा रहा है। आज मतगणना के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि कौन पहला मेयर बनेगा।
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शाहजहांपुर में पहली बार हुए महापौर के चुनाव में भाजपा और सपा के बीच ही सीधा मुकाबला होता दिखा। हालांकि मुस्लिम मतों के बंटवारे से सपा का पलड़ा कुछ कमजोर माना जा रहा है। कांग्रेस ने सपा के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाई है। मुस्लिम बहुल इलाकों में ही साइकिल की रफ्तार धीमी दिखी। बसपा कहीं मुकाबले में नहीं दिखी। ऐसे में बसपा समर्थक चमत्कार की आस में हैं।
नगर निगम के चुनाव में सपा ने पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की बहू पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना वर्मा को मैदान में उतारा था। नामांकन से एक दिन पहले ही अर्चना ने पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया। लखनऊ में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और टिकट भी पा लिया। इस घटनाक्रम से सकते में आई सपा ने माला राठौर को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतार दिया।
सपा जिलाध्यक्ष ने संभाली थी चुनाव की कमान
उधर, सपा से टिकट न मिलने पर निकहत इकबाल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने माला राठौर के चुनाव की कमान संभाली। उन्होंने मोहल्लों में जाकर भावुक होकर वोटरों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया, लेकिन बृहस्पतिवार को हुए मतदान में स्थिति विपरीत नजर आई।
मुस्लिम बहुल इलाके जलालनगर, किला, ककरा, महमंद जलालनगर आदि में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी बेहतर बताया जा रहा है। हालांकि इन बूथों पर साइकिल भी खूब दौड़ी है। बसपा कहीं मुकाबले में नजर नहीं आई। दूसरी ओर कम मतदान होना भाजपा के लिए चिंता का सबब बन सकता है। नगर निकाय चुनाव में पॉश कॉलोनियों के मतदाताओं में वोटिंग को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखा।