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शाहजहांपुर: आरोपी की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज, पिता बोले- बेटे को झूठे मामले में फंसाया गया

Sat, 17 Oct 2026 02:56 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 17 Oct 2026 02:56 PM IST
सार

शाहजहांपुर के कचहरी परिसर के बंदीगृह में पॉक्सो एक्ट के आरोपी दीपक की मौत के मामले में उसके पिता ने सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पांच लोगों पर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे तीन लाख रुपये मांगे गए थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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Father of the deceased files a report regarding accused death in custody in Shahjahanpur
बंदीगृह के शौचालय में फंदे से लटका मिला था आरोपी का शव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शाहजहांपुर में कचहरी परिसर के बंदीगृह में पॉक्सो एक्ट के आरोपी दीपक की मौत के मामले में उसके पिता बेचेलाल ने सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पुवायां निवासी महिला, उसकी नाबालिग बेटी समेत पांच लोगों पर बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने और तीन लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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दीपक राजस्थान में ईंट-भट्ठे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाता था। पिता बेचेलाल भी बड़ागांव के एक ईंट-भट्ठे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाते हैं। बड़ा भाई राममिलन पीलीभीत के बिलसंडा में परिवार के साथ रहता है। बितौनी गांव में दीपक माता-पिता, छोटे भाई संजय और बहन किरन के साथ रहता था।
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बेचेलाल ने बताया कि उनका बेटा दीपक छह अक्तूबर से जेल में था। आरोप है कि मुकदमा दर्ज कराने से पहले लड़की पक्ष के लोग तीन लाख रुपये मांग रहे थे। रकम नहीं देने पर जीवनभर जेल में रहने की धमकी दी गई थी। पिता का कहना है कि इसी मानसिक दबाव के कारण दीपक परेशान था। दीपक के अधिवक्ता प्रवीण कुमार के अनुसार, पहले मामले में उच्च न्यायालय से दीपक की जमानत हो चुकी थी। 
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इसी लड़की से जुड़े दूसरे मुकदमे में उसे दोबारा जेल भेजा गया। उनका आरोप है कि मामले की पर्याप्त विवेचना के बिना कार्रवाई की गई। अधिवक्ता के अनुसार, पहले मामले में दीपक की नौ और 29 सितंबर को पेशी हुई थी और घटना से पहले भी पेशी होनी थी।

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यह था पूरा घटनाक्रम 
मामले की शुरुआत 13 मार्च को हुई थी। एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी परीक्षा देकर लौटते समय दीपक उर्फ टाइमपास के साथ चली गई। दीपक के भाई संजय को पुलिस ने हिरासत में लिया तो दीपक खुद पुलिस के सामने आ गया था। दीपक करीब पांच महीने जेल में रहा और 20 अगस्त को जमानत पर बाहर आया। 

परिजनों के अनुसार, कुछ दिन बाद किशोरी अचानक दीपक के घर पहुंच गई। परिवार ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। इसके बाद लड़की के परिजन पुलिस को लेकर वहां पहुंचे और दोनों को थाने ले गए। पांच अक्तूबर की रात करीब 8:30 बजे किशोरी को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए दोबारा तहरीर दी गई। 

इस बार दीपक के साथ उसकी मां गीता व परिवार के रामदास और ढाकन को भी नामजद किया गया। आरोप लगाया कि शिकायत का विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने छह अक्तूबर को दीपक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

गमछे से फंदा लगाने की आशंका, हाथ-गर्दन पर कट के निशान 
शुक्रवार सुबह करीब 11:26 बजे दीपक को अन्य बंदियों के साथ कचहरी में पेशी के लिए भेजा गया था। जेल अधीक्षक जेपी तिवारी के अनुसार, दीपक समेत 70 बंदियों को कचहरी भेजा गया था। उसके पास गमछा था, जिसका इस्तेमाल बंदीगृह में फंदा लगाने में किए जाने की बात सामने आई है। 

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके हाथ और गर्दन पर कट के निशान भी मिले हैं। इससे आशंका है कि फंदा लगाने से पहले उसने किसी धारदार वस्तु से खुद को चोट पहुंचाई थी। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और बंदीगृह में निगरानी व्यवस्था की जांच कर रही है। करीब ढाई घंटे तक बंदीगृह के अंदर जांच की गई और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए।

बंदीगृह के बाहर हुआ हंगामा
दीपक की मौत की सूचना के बाद बंदीगृह के बाहर परिजनों की भीड़ जुट गई। इसी दौरान रोजा क्षेत्र का एक दंपती अपने पाक्सो एक्ट के आरोपी बेटे की जानकारी लेने पहुंचा। नाम की पुष्टि न होने पर परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई। बाद में बेटे के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली।

बार एसोसिएशन ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल 
सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव राजेश कुमार अवस्थी ने बंदीगृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बंदीगृह के बाहर पर्याप्त पुलिस बल होने के बावजूद अंदर निगरानी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने अंदर कम से कम दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने, घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।

एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि बंदी के पिता की तहरीर पर सदर बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 

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