दूसरी तिमाही के नतीजे: एचडीएफसी बैंक का मुनाफा ₹19,510 करोड़ बढ़ा, जानें एक्सिस बैंक के बारे में क्या अपडेट
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का शुद्ध लाभ 5% बढ़कर ₹19,510 करोड़ और एक्सिस बैंक का मुनाफा 38% उछलकर ₹7,003 करोड़ पर पहुंच गया। जानिए दोनों बैंकों की ब्याज आय, एनपीए और डिपॉजिट ग्रोथ का पूरा डेटा आधारित विश्लेषण। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
विस्तार
देश के दो प्रमुख निजी ऋणदाताओं एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। दोनों बैंकों के प्रदर्शन में शुद्ध लाभ, निवल ब्याज आय (एनआईआई) और परिसंपत्ति गुणवत्ता के स्तर पर सकारात्मक रुझान देखने को मिले हैं। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक का मुनाफा बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, वहीं एक्सिस बैंक ने अपने शुद्ध लाभ में 38 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की है।
मुनाफे और ब्याज से आय की क्या स्थिति रही?
एचडीएफसी बैंक ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 18,641 करोड़ रुपये के मुकाबले 4.6 प्रतिशत (लगभग 5%) अधिक है।
बैंक की वित्तीय सेहत को दर्शाने वाले प्रमुख संकेतक क्या कह रहे?
ब्याज से शुद्ध आय (एनआईआई): बैंक की एनआईआई सालाना आधार पर 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल समान तिमाही में 31,550 करोड़ रुपये थी।
शुद्ध ब्याज मार्जिक (एनआईएम): समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का निवल ब्याज मार्जिन कुल परिसंपत्तियों पर 3.16 प्रतिशत और ब्याज-अर्जित परिसंपत्तियों पर 3.32 प्रतिशत रहा।
बैलेंस शीट के मोर्चे पर क्या सुधार दिखे?
दूसरी तिमाही के दौरान एचडीएफसी बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता स्थिर बनी रही और एनपीए (एनपीए) के आंकड़ों में मामूली गिरावट आई:
- सकल एनपीए: बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 35,810 करोड़ रुपये (1.11%) रह गया, जो जून तिमाही में 35,846 करोड़ रुपये (1.17%) था। बाजार विश्लेषकों ने ग्रॉस एनपीए अनुपात 1.17% रहने का अनुमान जताया था।
- नेट एनपीए: बैंक का नेट एनपीए पिछली तिमाही के 12,357 करोड़ रुपये (0.41%) से घटकर 11,851 करोड़ रुपये (0.37%) पर आ गया।
- बैलेंस शीट का आकार: 30 सितंबर, 2026 तक एचडीएफसी बैंक की कुल बैलेंस शीट का आकार बढ़कर 45.78 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तारीख को 40.03 लाख करोड़ रुपये था।
बैंक के डिपॉजिट और कासा रेशियो में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई?
जमा जुटाने के मामले में एचडीएफसी बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा है:
- औसत डिपॉजिट: बैंक का औसतन डिपॉजिट सालाना आधार पर 16.8% बढ़कर 31.66 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 27.11 लाख करोड़ रुपये था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 5.1% की बढ़त हुई।
- कासा डिपॉजिट: औसतन चालू और बचत खाता (सीएएसए) जमा 10.7% बढ़कर 9.71 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 8.77 लाख करोड़ रुपये था।
एक्सिस बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजों में लाभ और मार्जिन का प्रदर्शन कैसा रहा?
निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक एक्सिस बैंक ने भी जुलाई-सितंबर तिमाही में शानदार आंकड़े पेश किए हैं:
शुद्ध लाभ: एक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ 38 प्रतिशत बढ़कर 7,003 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5,089 करोड़ रुपये था।
एनआईआई और एनआईएम: बैंक की निवल ब्याज आय 12% बढ़कर 15,371 करोड़ रुपये रही, जबकि बैंक का निवल ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 3.36% दर्ज किया गया।
इन नतीजों के बैंकिंग क्षेत्र और निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
दोनों बैंकों के तिमाही नतीजे यह दर्शाते हैं कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली में क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार स्थिर बनी हुई है और संपत्ति गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। ग्रॉस और नेट एनपीए में आई कमी यह संकेत देती है कि बैंकों का फंसा हुआ कर्ज नियंत्रित सीमा में है। इसके अलावा, डिपॉजिट ग्रोथ में दोहरे अंकों की वृद्धि बैंकों को आगे के कर्ज विस्तार के लिए पर्याप्त तरलता प्रदान करेगी।