फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Farmers are distressed due to losses in floods, said- it is difficult to get relief through compensation

Shahjahanpur News: बाढ़ में नुकसान से किसान बेहाल, बोले-मुआवजे से मरहम लग पाना मुश्किल

Wed, 10 Sep 2025 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
Farmers are distressed due to losses in floods, said- it is difficult to get relief through compensation
राजीव, गुटेटी उत्तर।
शाहजहांपुर। गर्रा, खन्नौत, गंंगा और रामगंगा नदियों में आई बाढ़ से किसानों की फसलों का काफी नुकसान हुआ है। मकानों की क्षति भी हुई है। पिछले वर्ष आई बाढ़ में किसानों को हुए नुकसान के सापेक्ष काफी कम मुआवजा दिया गया था। प्रशासन के मुताबिक इस बार भी राजस्व विभाग की टीम से फसल आदि नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा का वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन

पिछले वर्ष नदियों में आई बाढ़ में किसानों का काफी नुकसान हुआ था। किसानों को केवल ढाई हजार से लेकर चार हजार रुपये तक का मुआवजा दिया गया था। इससे अधिक तो किसानों की खाद लगाने की लागत लग गई थी। इस बार भी बाढ़ क्षेत्र में आने वाले अधिकतर गांवों में फसल जलमग्न होकर खराब हो गई है।
विज्ञापन

प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद में बाढ़ से कुल 442 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसमें कृषि क्षेत्र 239 हेक्टेयर है। इसकी अनुमानित लागत 36 लाख रुपये आंकी गई है। प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक यह अनुमानित आंकड़ा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे कराकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके आधार पर ही मुआवजा वितरण किया जाएगा। इसमें कृषि क्षेत्र में हुआ नुकसान और आवासीय नुकसान भी शामिल होगा। इस कार्य में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
--
प्रशासन की ओर से तय किए गए मुआवजे के मानक
किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। 60 फीसदी से अधिक आंख खराब होने पर ढाई लाख रुपये, गंभीर चोट आने पर अस्पताल में एक सप्ताह से अधिक भर्ती होने पर 16 हजार रुपये, एक सप्ताह से कम भर्ती होने पर 5400 रुपये दिए जाएंगे। बाढ़ में घर में कपड़े नष्ट होने पर 2500 रुपये और बर्तन नष्ट होने पर भी 2500 रुपये दिए जाएंगे। 33 फीसदी से अधिक फसल नुकसान होने पर असिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 8500 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 17 हजार रुपये, वार्षिक फसल का नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर 22500 रुपये दिए जाएंगे। पशुहानि में दुधारू पशु भैंस या गाय के लिए 37500 रुपये, भेड़, बकरी, सूअर के लिए 4000 हजार रुपये, गैर दुधारू पशु घोड़ा और बैल के लिए 32000 रुपये, गाय या भैंस के लिए 20 हजार रुपये, पोल्ट्री फार्म में प्रति पक्षी के लिए 100 रुपये निर्धारित किए गए हैं। मकान की पूरी क्षति होने पर 120000 रुपये, आंशिक क्षतिग्रस्त होने पर 6500 रुपये, आंशिक रूप से कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने पर 4000 रुपये, प्रति झोंपड़ी 8000 रुपये, प्रति पशुशाला 3000 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
--
किसानों से बातचीत
- पिछले वर्ष आई बाढ़ में पूरी फसल नष्ट हो गई थी। सरकार की ओर से मुआवजे के नाम पर 2300 रुपये मिले थे। इस वर्ष भी बाढ़ में फसल नष्ट हो गई है। मुआवजे से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
- लालू, गुटेटी उत्तर
--
पिछले वर्ष आई बाढ़ में गन्ने और धान की फसल नष्ट हो गई थी। मुआवजे के नाम पर 2800 रुपये दिए गए। इतने में तो खाद का खर्चा भी नहीं निकला। इस बार ही फसल नष्ट हो गई है।
- राजीव, गुटेटी उत्तर
--
पिछले वर्ष आई बाढ़ में लेखपालों ने मनमाना सर्वे किया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार की ओर से 2500 रुपये मुआवजा मिला। इस बार फिर फसल नष्ट हो गई। मुआवजा मिलने से कोई फायदा नहीं है।

- विजय कुमार, पैलानी उत्तर
--
10 बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो गई थी। मुआवजे के नाम पर 4700 रुपये दिए गए। इसके लिए भी चक्कर लगाने पड़े। मुआवजे से किसानों का जख्म नहीं भर पाते हैं।
- राजपाल, पैलानी उत्तर
--
बाढ़ क्षेत्र से संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए है कि राजस्व कर्मियों से फसल नुकसान व अन्य क्षति का सर्वे कराकर सही से आकलन करें। इस कार्य में लापरवाही नहीं की जाए। जिससे किसानों को समय से सही मुआवजा दिया जाए।
- अरविंद कुमार, एडीएम एफआर

राजीव, गुटेटी  उत्तर।

राजीव, गुटेटी उत्तर।

राजीव, गुटेटी  उत्तर।

राजीव, गुटेटी उत्तर।

राजीव, गुटेटी  उत्तर।

राजीव, गुटेटी उत्तर।

राजीव, गुटेटी  उत्तर।

राजीव, गुटेटी उत्तर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed