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Shahjahanpur News: केंद्र सरकार के बजट से हर वर्ग को खासी उम्मीदें
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सचिन बाथम
शाहजहांपुर। केंद्र सरकार का बजट 23 जुलाई बुधवार को आएगा। इसको लेकर व्यापारियों, शिक्षकों को खासी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि इस बार केंद्र सरकार का बजट उनके हितों को ध्यान में रखकर आएगा।
सरकार जीएसटी के स्लैब को कम करेगी। पारिवारिक बीमा का लाभ देगी। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ ही शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ भी देगी। इसके साथ ही रेल बजट भी आएगा, इसमें रेलकर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। रेल यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
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व्यापारी वर्ग के लिए स्वास्थ्य बीमा और पेंशन का प्रावधान होना चाहिए। जरूरी है कि जीएसटी के नियमों को सरल किया जाए। गैस सिलिंडर पर सब्सिडी मिले। ऑनलाइन व्यापार पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए और खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रिकवरी एक्ट बनाया जाए। कहा गया था कि एक ही टैक्स लगेगा, लेकिन पेट्रोल और डीजल पर इसको लागू नहीं किया गया। इसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। इसको भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
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- सचिन बाथम, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
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उम्मीद है कि इस महंगाई के दौर में आयकर की छूट सीमा कम से कम दस लाख की जाएगी। मांग है कि पुरानी पेंशन योजना को पुन: बहाल किया जाए। इसके साथ ही सरकारी व सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना कन्वर्जन कास्ट को बढ़ाया जाए।
- राजकुमार तिवारी, शिक्षक नेता, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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बजट युवाओं, किसानों, व्यापारियों व कर्मचारियों के हित में होना चाहिए। भारत को विश्वगुरु बनाने की जो चाहत प्रधानमंत्री की है वह साकार हो ऐसा बजट रहे। मेरा मानना है कि मुफ्त की सुविधाओं में कटौती हो। उन्हें काम के बदले दाम की व्यवस्था लागू की जाए। नौकरियों को बढ़ाया जाए। साथ ही संविदा कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की जाए।
- रत्नाकर दीक्षित, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ
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पुरानी पेंशन को बहाल करने की उम्मीद है। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए नरमू के महामंत्री गोपाल मिश्र ने जो मांग की है उस पर विचार किया जाएगा। रेल कर्मचारियों की खस्ताहाल कॉलोनियों के सुधार के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा। रेलवे में जो तमाम पद खाली पड़े हैं उनको भरा जाएगा।
- नरेंद्र त्यागी, मंडलीय नेता, नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन
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महंगाई बेलगाम हो गई है, बजट में इस पर लगाम लगाए जाने की उम्मीद है। जरूरी है कि प्राकृतिक आपदा को ध्यान में रखकर किसानों को राहत दी जाए। उसके बाद जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी का कम करके महंगाई से छुटकारा दिलाया जाए। निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगे। रोजगार को बढ़ावा दिया जाए।
- शिवा सक्सेना, रंगकर्मी
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सरकार को इस बजट में रसोई से संबंधित सभी वस्तुओं पर महंगाई कम करनी चाहिए। महिलाओं की बात है तो उनकी सुरक्षा, शिक्षा और प्रतिष्ठा को बेहतर करने पर सरकार का फोकस होना चाहिए। जरूरी है कि उन्हें पूरा सम्मान मिले।
- रिद्धि बहल, गृहिणी
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सरकार जीएसटी के स्लैब को कम करेगी। पारिवारिक बीमा का लाभ देगी। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ ही शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ भी देगी। इसके साथ ही रेल बजट भी आएगा, इसमें रेलकर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। रेल यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
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व्यापारी वर्ग के लिए स्वास्थ्य बीमा और पेंशन का प्रावधान होना चाहिए। जरूरी है कि जीएसटी के नियमों को सरल किया जाए। गैस सिलिंडर पर सब्सिडी मिले। ऑनलाइन व्यापार पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए और खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रिकवरी एक्ट बनाया जाए। कहा गया था कि एक ही टैक्स लगेगा, लेकिन पेट्रोल और डीजल पर इसको लागू नहीं किया गया। इसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। इसको भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
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- सचिन बाथम, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
उम्मीद है कि इस महंगाई के दौर में आयकर की छूट सीमा कम से कम दस लाख की जाएगी। मांग है कि पुरानी पेंशन योजना को पुन: बहाल किया जाए। इसके साथ ही सरकारी व सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना कन्वर्जन कास्ट को बढ़ाया जाए।
- राजकुमार तिवारी, शिक्षक नेता, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
बजट युवाओं, किसानों, व्यापारियों व कर्मचारियों के हित में होना चाहिए। भारत को विश्वगुरु बनाने की जो चाहत प्रधानमंत्री की है वह साकार हो ऐसा बजट रहे। मेरा मानना है कि मुफ्त की सुविधाओं में कटौती हो। उन्हें काम के बदले दाम की व्यवस्था लागू की जाए। नौकरियों को बढ़ाया जाए। साथ ही संविदा कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की जाए।
- रत्नाकर दीक्षित, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ
पुरानी पेंशन को बहाल करने की उम्मीद है। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए नरमू के महामंत्री गोपाल मिश्र ने जो मांग की है उस पर विचार किया जाएगा। रेल कर्मचारियों की खस्ताहाल कॉलोनियों के सुधार के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा। रेलवे में जो तमाम पद खाली पड़े हैं उनको भरा जाएगा।
- नरेंद्र त्यागी, मंडलीय नेता, नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन
महंगाई बेलगाम हो गई है, बजट में इस पर लगाम लगाए जाने की उम्मीद है। जरूरी है कि प्राकृतिक आपदा को ध्यान में रखकर किसानों को राहत दी जाए। उसके बाद जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी का कम करके महंगाई से छुटकारा दिलाया जाए। निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगे। रोजगार को बढ़ावा दिया जाए।
- शिवा सक्सेना, रंगकर्मी
सरकार को इस बजट में रसोई से संबंधित सभी वस्तुओं पर महंगाई कम करनी चाहिए। महिलाओं की बात है तो उनकी सुरक्षा, शिक्षा और प्रतिष्ठा को बेहतर करने पर सरकार का फोकस होना चाहिए। जरूरी है कि उन्हें पूरा सम्मान मिले।
- रिद्धि बहल, गृहिणी

सचिन बाथम

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सचिन बाथम

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