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दिवाली पर हुई डेढ़ करोड़ की आतिशबाजी
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Mon, 31 Oct 2016 11:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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महंगाई पर भारी पड़ा आतिशबाजी का जुनून
आतिशबाजी के जुनून पर महंगाई कोई असर नहीं डाल सकी। रविवार को दिवाली के दिन शाम से लेकर आधी रात आसमान सतरंगी रोशनी से नहाया रहा। धूम-धड़ाम की आवाजें गूंजती रहीं। जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आतिशबाजी होने का अनुमान है।
सीको पटाखे से लेकर बूस्टर बम पिछले साल की तुलना मेें 20 से 25 प्रतिशत महंगे बिके। इसके बावजूद आतिशबाजी का जुनून दिखा। शहर में इस बार शाह क्लब ग्राउंड और मुमुक्षु आश्रम के मैदान पर आतिशबाजी मार्केट लगाई गईं थीं। दोनों मार्केट में सजी करीब सौ दुकानों पर एक से सवा करोड़ रुपये की आतिशबाजी बिकने का अनुमान है। इन दुकानदारों में आतिशबाजी के लाइसेंसी दुकानदार भी शामिल हैं। तहसील मुख्यालयों समेत अन्य कस्बों के व्यवसाय को शामिल कर लें तो आतिशबाजी की बिक्री का आंकड़ा करीब डेढ़ करोड़ रुपये पर जाकर टिकता है। खास यह है कि इसमें वर्ष भर की सहालगी बिक्री शामिल नहीं है।
किसानों की खुशहाली ने बढ़ाया बिक्री का ग्राफ
बंपर बिक्री से उत्साहित आतिशबाजी के होलसेल व्यवसायी वेदप्रकाश गुप्ता की मानें तो इस बार किसानों की खुशहाली ने आतिशबाजी आइटमों की बिक्री का ग्राफ बढ़ा दिया। शहर के किसी भी लाइसेंसी दुकानदार ने चीन का माल नहीं मंगाया था। उनके अनुसार पिछले साल प्राकृतिक आपदा से किसान खासे परेशान थे। इस वजह से देहात में ज्यादा ग्राहक नहीं मिले और काफी माल बच गया था, लेकिन इस बार दिवाली की शाम तक इतनी बिक्री हुई कि माल कम पड़ गया।
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आतिशबाजी के जुनून पर महंगाई कोई असर नहीं डाल सकी। रविवार को दिवाली के दिन शाम से लेकर आधी रात आसमान सतरंगी रोशनी से नहाया रहा। धूम-धड़ाम की आवाजें गूंजती रहीं। जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आतिशबाजी होने का अनुमान है।
सीको पटाखे से लेकर बूस्टर बम पिछले साल की तुलना मेें 20 से 25 प्रतिशत महंगे बिके। इसके बावजूद आतिशबाजी का जुनून दिखा। शहर में इस बार शाह क्लब ग्राउंड और मुमुक्षु आश्रम के मैदान पर आतिशबाजी मार्केट लगाई गईं थीं। दोनों मार्केट में सजी करीब सौ दुकानों पर एक से सवा करोड़ रुपये की आतिशबाजी बिकने का अनुमान है। इन दुकानदारों में आतिशबाजी के लाइसेंसी दुकानदार भी शामिल हैं। तहसील मुख्यालयों समेत अन्य कस्बों के व्यवसाय को शामिल कर लें तो आतिशबाजी की बिक्री का आंकड़ा करीब डेढ़ करोड़ रुपये पर जाकर टिकता है। खास यह है कि इसमें वर्ष भर की सहालगी बिक्री शामिल नहीं है।
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किसानों की खुशहाली ने बढ़ाया बिक्री का ग्राफ
बंपर बिक्री से उत्साहित आतिशबाजी के होलसेल व्यवसायी वेदप्रकाश गुप्ता की मानें तो इस बार किसानों की खुशहाली ने आतिशबाजी आइटमों की बिक्री का ग्राफ बढ़ा दिया। शहर के किसी भी लाइसेंसी दुकानदार ने चीन का माल नहीं मंगाया था। उनके अनुसार पिछले साल प्राकृतिक आपदा से किसान खासे परेशान थे। इस वजह से देहात में ज्यादा ग्राहक नहीं मिले और काफी माल बच गया था, लेकिन इस बार दिवाली की शाम तक इतनी बिक्री हुई कि माल कम पड़ गया।
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