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Shahjahanpur News: सीएमओ कार्यालय परिसर में बनेगा जिला अस्पताल
Thu, 25 Jan 2024 03:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 25 Jan 2024 03:21 AM IST
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शाहजहांपुर। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सीएमओ कार्यालय परिसर में ही जिला अस्पताल बनेगा। यहां बने पुराने क्वार्टरों को तोड़कर कम जगह में मल्टीस्टोरी भवन बनाया जाएगा। यहां 100 बेड की सुविधा मिलेगी। सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक को इस संबंध में पत्र भेजा है।
वर्ष 2018 में जिला अस्पताल राजकीय मेडिकल कॉलेज बन गया। इसके बाद से जिला अस्पताल का अस्तित्व ही खत्म हो गया। शहर में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए अजीजगंज स्थित अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। संचारी रोगों के दौरान वहां बेड तक नहीं मिलते। ऐसे में लंबे समय से पुराने जिला अस्पताल को सिटी अस्पताल के रूप में विकसित कर उपचार की व्यवस्था की मांग उठ रही थी। महानगर बनने के बाद सिटी अस्पताल की उम्मीद जाग गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के प्रयास के बाद शहर में 100 बेड के अस्पताल के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इसमें सीएमओ कार्यालय परिसर में टाइप-वन के क्वार्टरों को तोड़कर भूमि पर अस्पताल बनाने की कवायद शुरू हुई है।
80 साल पुराने हैं भवन
-पुराने जिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय का संचालन हो रहा है। परिसर में जलीकोठी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। इसके आसपास काफी क्वार्टर और भवन भी बने हैं। सीएमओ ने महानिदेशक को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय में जगह नहीं है, लेकिन 80 साल पुराने टाइप वन क्वार्टर को तोड़कर 80 गुणा 40 मीटर भूमि उपलब्ध मिलने से भवन बन सकता है।
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पूर्व में दस बेड का था इंतजाम
-वर्षों पहले पुराने जिला अस्पताल में सिटी अस्पताल का संचालन होता था। इसमें दस बेड थे और चार डॉक्टर भी बैठते थे। गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। 2000 में अजीजगंज में जिला अस्पताल बन जाने के बाद इसे बंद कर दिया गया था।
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बेड की मारामारी होगी खत्म, नए पद होंगे सृजित
-गर्मी में संचारी रोगों के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं पटरी से उतर जाती हैं। बेड को लेकर मारामारी रहती है। पुराने जिला अस्पताल में मल्टीस्टोरी भवन में 100 बेड का इंतजाम होने से मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के खत्म हो रहे पद भी फिर से सृजित हो सकेंगे। अस्पताल के आसपास भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
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ऐसे हो सकती है सिटी अस्पताल की संरचना
-पुराने जिला अस्पताल में पर्याप्त जगह है। जिलास्तरीय अधिकारी पूरे क्षेत्र में भवन का निर्माण कराकर सीएमओ कार्यालय को उसमें संचालित कर सकते हैं। अन्य कार्यालयों को जगह मिल सकती है। ऐसे में अस्पताल के साथ दफ्तर भी संचालित हो सकेंगे।
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-परिसर में 100 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। पुराने क्वार्टर को तोड़कर जमीन उपलब्ध होने की सूचना भेज दी गई है। अस्पताल बनने से मरीजों को लाभ होने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
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वर्ष 2018 में जिला अस्पताल राजकीय मेडिकल कॉलेज बन गया। इसके बाद से जिला अस्पताल का अस्तित्व ही खत्म हो गया। शहर में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए अजीजगंज स्थित अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। संचारी रोगों के दौरान वहां बेड तक नहीं मिलते। ऐसे में लंबे समय से पुराने जिला अस्पताल को सिटी अस्पताल के रूप में विकसित कर उपचार की व्यवस्था की मांग उठ रही थी। महानगर बनने के बाद सिटी अस्पताल की उम्मीद जाग गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के प्रयास के बाद शहर में 100 बेड के अस्पताल के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इसमें सीएमओ कार्यालय परिसर में टाइप-वन के क्वार्टरों को तोड़कर भूमि पर अस्पताल बनाने की कवायद शुरू हुई है।
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80 साल पुराने हैं भवन
-पुराने जिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय का संचालन हो रहा है। परिसर में जलीकोठी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। इसके आसपास काफी क्वार्टर और भवन भी बने हैं। सीएमओ ने महानिदेशक को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय में जगह नहीं है, लेकिन 80 साल पुराने टाइप वन क्वार्टर को तोड़कर 80 गुणा 40 मीटर भूमि उपलब्ध मिलने से भवन बन सकता है।
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पूर्व में दस बेड का था इंतजाम
-वर्षों पहले पुराने जिला अस्पताल में सिटी अस्पताल का संचालन होता था। इसमें दस बेड थे और चार डॉक्टर भी बैठते थे। गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। 2000 में अजीजगंज में जिला अस्पताल बन जाने के बाद इसे बंद कर दिया गया था।
बेड की मारामारी होगी खत्म, नए पद होंगे सृजित
-गर्मी में संचारी रोगों के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं पटरी से उतर जाती हैं। बेड को लेकर मारामारी रहती है। पुराने जिला अस्पताल में मल्टीस्टोरी भवन में 100 बेड का इंतजाम होने से मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के खत्म हो रहे पद भी फिर से सृजित हो सकेंगे। अस्पताल के आसपास भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
ऐसे हो सकती है सिटी अस्पताल की संरचना
-पुराने जिला अस्पताल में पर्याप्त जगह है। जिलास्तरीय अधिकारी पूरे क्षेत्र में भवन का निर्माण कराकर सीएमओ कार्यालय को उसमें संचालित कर सकते हैं। अन्य कार्यालयों को जगह मिल सकती है। ऐसे में अस्पताल के साथ दफ्तर भी संचालित हो सकेंगे।
-परिसर में 100 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। पुराने क्वार्टर को तोड़कर जमीन उपलब्ध होने की सूचना भेज दी गई है। अस्पताल बनने से मरीजों को लाभ होने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ