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एक महीने में डेंगू के 32 और मलेरिया के 65 मरीज मिले
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बदलते मौसम में जिले में मच्छरजनित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। सिर्फ एक महीने में 32 मरीज डेंगू के मिले हैं। वहीं 65 मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं। डेंगू से निगोही की एक महिला की मृत्यु बरेली में हो चुकी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना एक हजार से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 250-300 मरीज केवल बुखार के होते हैं।
मच्छरजनित बीमारियां बरसात के महीनों में ज्यादा फैलती हैं। मच्छर पनपने के कारण डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। 25 अगस्त से 22 सितंबर तक डेंगू की 499 जांच की गई। इनमें 32 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जबकि मलेरिया की 2,148 जांच कराई गई हैं। इनमें 65 मरीज मलेरिया पॉजिटिव मिले हैं।
हालांकि मलेरिया या डेंगू से किसी मरीज की मृत्यु की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। वहीं प्राइवेट लैब में तमाम मलेरिया और डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं, जिनका आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं पहुंच पाता। इस संबंध में सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने निजी अस्पतालों और निजी लैब को निर्देशित किया है कि डेंगू या मलेरिया का मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
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डेंगू से महिला की जा चुकी है जान
20 सितंबर को निगोही के छतेनी गांव के रहने वाले उमाकांत की पत्नी सुषमा की बरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सुषमा को काफी समय से बुखार आ रहा था और जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग करा रहा सर्वे
अगस्त में बुखार के तमाम रोगी मिले थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव-गांव, घर-घर सर्वे कराना शुरू किया था। इसमें 993 टीमों को लगाया गया था। यह अभियान सात से 16 सितंबर तक चला। इसमें 2013 मरीज बुखार के मिले थे। अधिकतर मरीज ग्रामीण इलाकों में मिले थे। जिन गांवों में बुखार के मरीजों की संख्या अधिक थी, वहां के लिए स्वास्थ्य विभाग के 17 चिकित्सकों की टीम गठित की गई है जो शिविर लगाकर जांच के बाद दवाई का वितरण करेंगे।
बुखार के जितने भी मरीज भर्ती हो रहे हैं। उनकी जांच की जा रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में नई बिल्डिंग में तैयारी कर ली गई है। डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। मरीजों के लिए मच्छरदानी लगाई जाती है। लगातार ऐसे मरीजों पर डाक्टर नजर बनाए हुए हैं। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
प्राइवेट लैब की रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग नहीं मानता है। हालांकि प्राइवेट लैब और अस्पतालों को निर्देश दिये गए हैं कि मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सीएचसी और पीएचसी पर मलेरिया और डेंगू के जांच करने के लिए किट रखवाई गई हैं। जांच में अगर किसी को मलेरिया या डेंगू निकलता है तो उसका इलाज किया जाता है।
- डॉ. एसपी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
जिला मलेरिया अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मलेरिया के सामान्य मरीज निकल रहे हैं। हालात भी सामान्य हैं। मरीजों की संख्या कितनी है और कौन से क्षेत्र में ज्यादा मरीज निकल रहे हैं, इसकी रिपोर्ट आना बाकी है।
डेंगू-मलेरिया के लक्षण
- तेज बुखार आता है।
- जोड़ों एवं शरीर में दर्द होता है।
- सदर्ी लगती है।
- आंखें लाल हो जाती हैं।
- शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं।
बचाव
- घर के आसपास सफाई व्यवस्था रखें।
- कूलर का पानी नियमित बदलते रहें।
- घर की खिड़कियों में जाली लगवाएं।
- मच्छरदानी लगाकर सोएं।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया )
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मच्छरजनित बीमारियां बरसात के महीनों में ज्यादा फैलती हैं। मच्छर पनपने के कारण डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। 25 अगस्त से 22 सितंबर तक डेंगू की 499 जांच की गई। इनमें 32 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जबकि मलेरिया की 2,148 जांच कराई गई हैं। इनमें 65 मरीज मलेरिया पॉजिटिव मिले हैं।
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हालांकि मलेरिया या डेंगू से किसी मरीज की मृत्यु की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। वहीं प्राइवेट लैब में तमाम मलेरिया और डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं, जिनका आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं पहुंच पाता। इस संबंध में सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने निजी अस्पतालों और निजी लैब को निर्देशित किया है कि डेंगू या मलेरिया का मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
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डेंगू से महिला की जा चुकी है जान
20 सितंबर को निगोही के छतेनी गांव के रहने वाले उमाकांत की पत्नी सुषमा की बरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सुषमा को काफी समय से बुखार आ रहा था और जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग करा रहा सर्वे
अगस्त में बुखार के तमाम रोगी मिले थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव-गांव, घर-घर सर्वे कराना शुरू किया था। इसमें 993 टीमों को लगाया गया था। यह अभियान सात से 16 सितंबर तक चला। इसमें 2013 मरीज बुखार के मिले थे। अधिकतर मरीज ग्रामीण इलाकों में मिले थे। जिन गांवों में बुखार के मरीजों की संख्या अधिक थी, वहां के लिए स्वास्थ्य विभाग के 17 चिकित्सकों की टीम गठित की गई है जो शिविर लगाकर जांच के बाद दवाई का वितरण करेंगे।
बुखार के जितने भी मरीज भर्ती हो रहे हैं। उनकी जांच की जा रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में नई बिल्डिंग में तैयारी कर ली गई है। डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। मरीजों के लिए मच्छरदानी लगाई जाती है। लगातार ऐसे मरीजों पर डाक्टर नजर बनाए हुए हैं। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
प्राइवेट लैब की रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग नहीं मानता है। हालांकि प्राइवेट लैब और अस्पतालों को निर्देश दिये गए हैं कि मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सीएचसी और पीएचसी पर मलेरिया और डेंगू के जांच करने के लिए किट रखवाई गई हैं। जांच में अगर किसी को मलेरिया या डेंगू निकलता है तो उसका इलाज किया जाता है।
- डॉ. एसपी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
जिला मलेरिया अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि मलेरिया के सामान्य मरीज निकल रहे हैं। हालात भी सामान्य हैं। मरीजों की संख्या कितनी है और कौन से क्षेत्र में ज्यादा मरीज निकल रहे हैं, इसकी रिपोर्ट आना बाकी है।
डेंगू-मलेरिया के लक्षण
- तेज बुखार आता है।
- जोड़ों एवं शरीर में दर्द होता है।
- सदर्ी लगती है।
- आंखें लाल हो जाती हैं।
- शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं।
बचाव
- घर के आसपास सफाई व्यवस्था रखें।
- कूलर का पानी नियमित बदलते रहें।
- घर की खिड़कियों में जाली लगवाएं।
- मच्छरदानी लगाकर सोएं।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया )