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Shahjahanpur News: चकबंदी में खामियों के खिलाफ प्रदर्शन
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कलान के गांव छिदकुरी में प्रदर्शन करते ग्रामीण। स्रोत : जागरूक पाठक
कलान। ग्राम पंचायत छिदकुरी में चकबंदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शनिवार को गांव में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और चकबंदी आयुक्त को प्रार्थना पत्र भेजकर खामियों की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह के मुताबिक वर्ष 2016 से गांव में चकबंदी पक्रिया शुरू हुई। वर्ष 2022 तक अभिलेख तैयार किए गए। बाद में चकबंदीकर्ताओं ने पैमाइश कर कई किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा के किनारे उड़ान चक में स्थानांतरित कर दी। कुछ किसानों के एक ही सेक्टर में सात-सात चक बना दिए गए जबकि नियमानुसार एक सेक्टर में एक किसान का एक ही चक होना चाहिए। अधिकारियों ने बिना अभिलेख वाले लोगों के नाम भी मानचित्र में जोड़ दिए।
उन्होंने बताया कि कुछ किसानों को मृत दर्शाकर उनकी जमीन का दुरुपयोग किया गया। तत्कालीन लेखपाल के रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद चकबंदी कर्ताओं और लेखपाल को निलंबित कर गांव की पैमाइश रद्द कर गत 21 अप्रैल से दोबारा शुरू की गई, लेकिन इस बार भी पहले जैसी अनियमितताएं दोहराई जा रही हैं। एक किसान के पांच से सात चक बनाए गए और प्रभावशाली लोगों को लाभ दिया जा रहा है।
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लेखपाल के रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल
कलान। छिदकुरी में चल रही चकबंदी के दौरान एक लेखपाल का रिश्वत को लेकर बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक किसान उन्हें दस हजार रुपये देने की बात कर रहा है। किसान कह रहा है कि उसके रुपये भी चले गए और खेत भी एक जगह नहीं हो सका। लेखपाल कह रहा है यदि तुम्हारा काम नहीं होगा तो पैसे वापस करवा देंगे। पूछे जाने पर किसान ने बताया कि चकबंदी विभाग के एक अधिकारी को रुपये दिए थे, लेकिन अधिकारी ने इससे इन्कार किया है। हालांकि, अमर उजाला वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह के मुताबिक वर्ष 2016 से गांव में चकबंदी पक्रिया शुरू हुई। वर्ष 2022 तक अभिलेख तैयार किए गए। बाद में चकबंदीकर्ताओं ने पैमाइश कर कई किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा के किनारे उड़ान चक में स्थानांतरित कर दी। कुछ किसानों के एक ही सेक्टर में सात-सात चक बना दिए गए जबकि नियमानुसार एक सेक्टर में एक किसान का एक ही चक होना चाहिए। अधिकारियों ने बिना अभिलेख वाले लोगों के नाम भी मानचित्र में जोड़ दिए।
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उन्होंने बताया कि कुछ किसानों को मृत दर्शाकर उनकी जमीन का दुरुपयोग किया गया। तत्कालीन लेखपाल के रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद चकबंदी कर्ताओं और लेखपाल को निलंबित कर गांव की पैमाइश रद्द कर गत 21 अप्रैल से दोबारा शुरू की गई, लेकिन इस बार भी पहले जैसी अनियमितताएं दोहराई जा रही हैं। एक किसान के पांच से सात चक बनाए गए और प्रभावशाली लोगों को लाभ दिया जा रहा है।
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लेखपाल के रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल
कलान। छिदकुरी में चल रही चकबंदी के दौरान एक लेखपाल का रिश्वत को लेकर बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक किसान उन्हें दस हजार रुपये देने की बात कर रहा है। किसान कह रहा है कि उसके रुपये भी चले गए और खेत भी एक जगह नहीं हो सका। लेखपाल कह रहा है यदि तुम्हारा काम नहीं होगा तो पैसे वापस करवा देंगे। पूछे जाने पर किसान ने बताया कि चकबंदी विभाग के एक अधिकारी को रुपये दिए थे, लेकिन अधिकारी ने इससे इन्कार किया है। हालांकि, अमर उजाला वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।