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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही किया अंतिम संस्कार
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गांव मीरपुर हरदुआ में रोती बिलखतीं छत्रपाल के परिवार की महिलाएं। संवाद
- फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव मीरपुर में रहने वाले बुजुर्ग छत्रपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने से नाराज परिजन ने अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। पांच घंटे की जद्दोजहद और हंगामे के बाद जब एफआईआर दर्ज हुई तब परिजन ने अंतिम संस्कार किया। परिजन बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। इसके विपरीत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयघात आया है।
गांव मीरपुर हरदुआ के छत्रपाल (55) को बुधवार रात पुवायां सीएचसी लाया गया था। यहां डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना था कि इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है और पुत्र राजेश से पड़ोसी का झगड़ा होने पर बीचबचाव में नाली में पैर फिसल जाने से छत्रपाल की मौत हुई है। बृहस्पतिवार शाम को शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोगों को सौंप दिया गया।
शुक्रवार सुबह छत्रपाल के पुत्र राजेश कुमार ने पिता की पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। जानकारी पाकर पुलिस गांव पहुंची और राजेश को समझाया लेकिन छत्रपाल के परिवार वालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद राजेश की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई। दर्ज रिपोर्ट में राजेश ने बताया कि उसके पिता 17 फरवरी को गांव के ही बलवंत से मजदूरी के बकाया पांच सौ रुपये रुपये मांगने गए थे। इस पर बलवंत, जसवंत, बलवंत के पिता जयराम ने लाठी, डंडों से पिता के सिर पर प्रहार कर दिया। गंभीर घायल पिता को वह सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने पिता को मृत घोषित कर दिया।
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गांव वालों के विरोध करने पर बैकफुट पर आई पुवायां पुलिस
पुवायां। छत्रपाल की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर परिवार के साथ ही कई ग्रामीणों के आ जाने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा में तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। दर्ज रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शुक्रवार सुबह छत्रपाल का अंतिम संस्कार नहीं करने की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची तो परिवार के लोग हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। कहा कि, रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस ने छत्रपाल के घर वालों को बताया कि मौत हार्ट अटैक से हुई है। इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है, लेकिन गांव के तमाम लोग एकजुट होकर पुलिस से बहस करने लगे। इस पर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
छत्रपाल की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दो सवाल खड़े हो गए हैं। पहला सवाल है कि यदि पोस्टमार्टम में छत्रपाल की मौत हार्ट अटैक से होना पाया गया है तो गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट क्यों दर्ज की गई है और यदि छत्रपाल की मौत चोटों के कारण हुई तो तो रिपोर्ट हत्या की धारा में न दर्ज कर गैर इरादतन हत्या में क्यों दर्ज की गई है।
अवैध शराब के लिए बदनाम है मीरपुर
पुवायां। गांव मीरपुर हरदुआ के कई घरों में अवैध रूप से शराब बनाई और बेची जाती है। अवैध शराब के कारण गांव में किसी न किसी का आए दिन झगड़ा होता रहता है। गांव के अधिकतर लोग गरीब तबके से हैं और मजदूरी आदि कर गुजर करते हैं। शाम को यहां रोजाना अवैध शराब बिकती देखी जा सकती है। आसपास के गांवों के लोग भी यहां शराब लेने आते हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छत्रपाल की मौत हार्ट अटैक से होना पाई गई है। उसके शरीर पर एक चोट मिली है। छत्रपाल के पुत्र राजेश की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। - कुंवर बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर पुवायां
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गांव मीरपुर हरदुआ के छत्रपाल (55) को बुधवार रात पुवायां सीएचसी लाया गया था। यहां डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना था कि इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है और पुत्र राजेश से पड़ोसी का झगड़ा होने पर बीचबचाव में नाली में पैर फिसल जाने से छत्रपाल की मौत हुई है। बृहस्पतिवार शाम को शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोगों को सौंप दिया गया।
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शुक्रवार सुबह छत्रपाल के पुत्र राजेश कुमार ने पिता की पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। जानकारी पाकर पुलिस गांव पहुंची और राजेश को समझाया लेकिन छत्रपाल के परिवार वालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद राजेश की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई। दर्ज रिपोर्ट में राजेश ने बताया कि उसके पिता 17 फरवरी को गांव के ही बलवंत से मजदूरी के बकाया पांच सौ रुपये रुपये मांगने गए थे। इस पर बलवंत, जसवंत, बलवंत के पिता जयराम ने लाठी, डंडों से पिता के सिर पर प्रहार कर दिया। गंभीर घायल पिता को वह सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने पिता को मृत घोषित कर दिया।
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गांव वालों के विरोध करने पर बैकफुट पर आई पुवायां पुलिस
पुवायां। छत्रपाल की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर परिवार के साथ ही कई ग्रामीणों के आ जाने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा में तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। दर्ज रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शुक्रवार सुबह छत्रपाल का अंतिम संस्कार नहीं करने की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची तो परिवार के लोग हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। कहा कि, रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस ने छत्रपाल के घर वालों को बताया कि मौत हार्ट अटैक से हुई है। इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है, लेकिन गांव के तमाम लोग एकजुट होकर पुलिस से बहस करने लगे। इस पर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
छत्रपाल की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दो सवाल खड़े हो गए हैं। पहला सवाल है कि यदि पोस्टमार्टम में छत्रपाल की मौत हार्ट अटैक से होना पाया गया है तो गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट क्यों दर्ज की गई है और यदि छत्रपाल की मौत चोटों के कारण हुई तो तो रिपोर्ट हत्या की धारा में न दर्ज कर गैर इरादतन हत्या में क्यों दर्ज की गई है।
अवैध शराब के लिए बदनाम है मीरपुर
पुवायां। गांव मीरपुर हरदुआ के कई घरों में अवैध रूप से शराब बनाई और बेची जाती है। अवैध शराब के कारण गांव में किसी न किसी का आए दिन झगड़ा होता रहता है। गांव के अधिकतर लोग गरीब तबके से हैं और मजदूरी आदि कर गुजर करते हैं। शाम को यहां रोजाना अवैध शराब बिकती देखी जा सकती है। आसपास के गांवों के लोग भी यहां शराब लेने आते हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छत्रपाल की मौत हार्ट अटैक से होना पाई गई है। उसके शरीर पर एक चोट मिली है। छत्रपाल के पुत्र राजेश की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। - कुंवर बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर पुवायां