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वीडियो क्लिपिंग बनाने वाला बाोला सीओ ने लिए 40 हजार

Tue, 19 Jul 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां। Updated Tue, 19 Jul 2016 11:36 PM IST
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Video clippings, who said the 40 thousand CO
घूस - फोटो : अमर उजाला
वीडियो क्लिपिंग बनाने पर छीना गया मोबाइल
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एक लाख रुपये पहले भी लेने का आरोप
डीआईजी के नाम पत्र लिख की न्याय की गुहार

 सीओ पर घूस मांगने और वीडियो क्लिपिंग बनाने पर युवक को पीटकर मोबाइल छीनने के वकीलों के आरोपों पर मंगलवार को पीटे गए युवक ने मोहर लगा दी। उसने डीआईजी के नाम लिखे पत्र में सीओ पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बंडा के गांव पड़री चांदूपुर निवासी बलजिंदर सिंह सोमवार को सीओ कार्यालय पहुंचा था। लोगों ने देखा कि कार्यालय से भाग रहे बलजिंदर सिंह को सीओ ने दौड़ाकर पकड़ा और पिटाई कर उसका मोबाइल छीन लिया, इसके बाद बंडा पुलिस बुलाकर बलजिंदर को हिरासत में दे दिया गया। इसके बाद सिविल बार संघ से जुड़े वकील कृष्णानंद सिंह, ओमपाल सिंह यादव, मनोज कुमार, सुरेंद्र कुमार सहित तमाम वकीलों ने सीओ कार्यालय पर जमकर हंगामा करते हुए आरोप लगाया था कि सीओ बलजिंदर सिंह से दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस दौरान बलजिंदर सिंह ने वीडियो क्लिप बना ली, जिस पर सीओ ने उसकी पिटाई कर मोबाइल छीन लिया। सोमवार को बलजिंदर ने रिश्वत मांगे जाने के आरोप गलत बताए थे।
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मंगलवार को बलजिंदर सिंह ने डीआईजी को संबोधित पत्र में बताया कि वह और उसके परिवार के दो लोग गैर इरादतन हत्या और एससीएसटी एक्ट के आरोपी हैं। सीओ मामले की जांच कर रहे हैं। सीओ झूठी रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए दो लाख रुपये मांग रहे थे। सीओ उससे एक लाख रुपये पहले ही ले चुके हैं। सोमवार को शेष एक लाख रुपये की मांग की गई थी। व्यवस्था नहीं होने पर वह 40 हजार रुपये लेकर सीओ को देने आया था। रुपये देने के दौरान उसने वीडियो क्लिप बना ली। शक होने पर सीओ ने उससे मोबाइल मांगा तो वह कार्यालय से भाग निकला। सीओ ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटने के बाद मोबाइल छीन लिया। उसे धमकी दी गई थी कि यदि घूस मांगने की बात किसी को बताई तो झूठे मामले में जेल भेज दिया जाएगा, जिस कारण उसने डर के कारण रिश्वत नहीं मांगने की बात कह दी थी। बलजिंदर सिंह ने सीओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 
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अगर आरोपी था तो क्यों छोड़ा गया बलजिंदर
0 बंडा पुलिस के पास है छीना गया मोबाइल

पुवायां। जिस बलजिंदर सिंह को गैर इरादतन हत्या में नामजद और दोषी होने के कारण पकड़कर बंडा पुलिस को सौंपने की बात कहते हुए सीओ ने सफाई दी थी उसे सोमवार रात ही पुलिस ने छोड़ दिया। बड़ा सवाल है कि यदि बलजिंदर दोषी है तो सीओ के पकड़ने के बाद भी बंडा पुलिस ने उसे क्यों छोड़ दिया?
बलजिंदर सिंह की पिटाई कर मोबाइल छीने जाने और इसके बाद वकीलों के हंगामा कर रिश्वत मांगने का आरोप लगाए जाने के संबंध में सीओ सुधीर कुमार सिंह से सोमवार को उनका पक्ष जाना गया था तो सीओ का कहना था कि बलजिंदर सिंह गैर इरादतन हत्या का आरोपी है। सोमवार को बलजिंदर सिंह कार्यालय में उनसे मिलने आया तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और बंडा पुलिस को सौंप दिया था। 
मंगलवार को पुवायां आए बलजिंदर सिंह ने सवाल उठाया कि यदि वह गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी था और सीओ ने इसी कारण उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया था तो उसे बंडा थाने से रात में ही क्यों छोड़ दिया गया? उसे जेल क्यों नहीं भेजा गया? बलजिंदर सिंह के अनुसार उसका मोबाइल फोन भी बंडा पुलिस के पास है और मंगलवार को उसे कई बार सूचना देकर फोन ले जाने को कहा गया, लेकिन वह थाने नहीं गया। बलजिंदर सिंह के अनुसार वकीलों ने उसकी और सच्चाई की मदद की है। सीओ उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। वह डीजीपी, आईजी, डीआईजी से मिलकर सीओ के खिलाफ कार्रवाई कराएगा। बलजिंदर सिंह के अनुसार सीओ बंडा क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के माध्यम से उस पर दबाव बना रहे हैं कि घूस की बात को कहीं न कहें और सीओ के पक्ष में लिख कर दे दे। बलजिंदर ने जान का खतरा होने की आशंका भी जताई है। 
 
तहसील दिवस में नहीं पहुंचे सीओ
पुवायां। डीएम और एसपी की मौजूदगी के बाद भी सीओ सुधीर कुमार सिंह मंगलवार को तहसील दिवस में नहीं पहुंचे। इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं रहीं। बलजिंदर ने कहा कि वह तहसील दिवस में सीओ के सामने होने पर अधिकारियों से शिकायत करना चाहता था, जिससे सीओ उसके सामने जवाब दें और दूध का दूध और पानी का पानी हो सके, लेकिन सीओ को उसके तहसील दिवस में होने की भनक लग गई, जिस कारण वह तहसील दिवस में नहीं पहुंचे। 

 
बलजिंदर सिंह के सारे आरोप निराधार हैं। सोमवार सुबह बलजिंदर सिंह आवास पर भी आया था जिस पर मैंने उससे कार्यालय में मिलने को कहा था। रुपये लेने होते तो आवास पर ही नहीं ले लेता। बलजिंदर सिंह को इस कारण छोड़ा गया है कि हाईकोर्ट की रूलिंग है कि बिसरा प्रिजर्व वाले मामले में रिपोर्ट नहीं आने तक गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। बलजिंदर सिंह कुछ लोगों के बहकावे में आरोप लगा रहा है।
सुधीर कुमार सिंह, सीओ पुवायां
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