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गिरफ्तार भाई की रिहाई को टंकी पर चढ़ गईं सगी बहनें
तिलहर।
Updated Tue, 17 Mar 2015 11:51 PM IST
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नगर की दो बहनें एक मामले में भाई को गिरफ्तार किए जाने पर अपना आपा खो बैठीं। ब्लॉक कार्यालय केपास पानी के ओवरहेड टैंक पर जा चढ़ीं और चिल्ला-चिल्ला कर अपने भाई के निर्दोष होने की दुहाई देने लगीं। सूचना पाकर पहुंचे एसडीएम पदम सिंह और कोतवाल रूम सिंह यादव ने जब ऊपर जाकर समझाने की कोशिश तो टैंक से नीचे लटक कर कूदने की कोशिश करने पर अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।
दोनों बहनों को खुदकुशी के लिए आमादा देख भीड़ ने चिल्लाकर कर अधिकारियाें को ऊपर जाने से रोका। फोन पर हुई वार्ता के दौरान दोनों बहनें लगभग तीन घंटे तक डीएम को बुलाने पर अड़ी रहीं। बाद में कांग्रेसी नेताओं की मध्यस्थता और कोतवाल द्वारा एक सप्ताह में उसके भाई को रिहा कराने के लिखित आश्वासन के बाद रोशनी और सीमा टैंक से नीचे आईं। कोतवाल रूम सिंह यादव ने बताया कि एक मामले में रोशनी के भाई अभिषेक को नामजद किये जाने पर एक मार्च को उसे जेल भेज दिया गया था। उसके निर्दोष होने की दुहाई देते हुये उसकी दोनों बहनें अधिकारियों से मिलीं थीं और न्याय न होने पर आत्मदाह की धमकी दी थी।
न्याय न मिलने पर जान देने की धमकी
तिलहर। मंगलवार को तहसील दिवस में जब अधिकारियों ने कोई तवज्जों नहीं दी तो ग्राम बिलहरा निवासी रोशनी शर्मा और बड़ी बहन सीमा ने कुछ दूर स्थित ब्लाक कार्यालय के सामने वाटर टैंक पर चढ़कर अपना सत्याग्रह शुरू कर दिया। उसका कहना है कि उसके भाई अभिषेक शर्मा के खिलाफ एक युवती को गायब करने का झूठा अभियोग पंजीकृत कराया गया। पुलिस ने सच्चाई जानने के बावजूद द्वेषवश उसे होली से ठीक पहले जेल भेज दिया। जबकि अभिषेक का विवाह फरवरी में होना तय था। थाने से लेकर एसपी तक कहीं भी उसकी नहीं सुनी गई। जब कहीं से कोई उम्मीद न दिखी तो उसने यह कदम उठाया।
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अभिषेक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य-सीओ
सीओ संजय कुमार का कहना है कि 25 नवंबर 2014 को मोहल्ला बहादुरगंज केएक व्यक्ति ने अपनी बेटी को गायब करने का आरोप लगाते हुये बिलहरा निवासी अभिषेक शर्मा व उसकी बुआ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एसआई अनुज तिवारी इसकी विवेचना कर रहे थे। वादी पक्ष की आपत्ति के बाद विवेचना उनसे हटाकर रामबरन सिंह यादव को दी गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जब अभिषेक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले तब ही उसे जेल भेजा गया।
वाटर हेड टैंक बने पुलिस के लिए सिरदर्द
कांशीराम आवासीय कॉलोनी परिसर में बना ओवर हैड टैंक पुलिस के लिये एक सिर दर्द बन चुका है। टंकी का जीना खुला होने के कारण इससे पूर्व भी पिछले साल सात फरवरी को मानदेय भुगतान की मांग को लेकर कई रोजगार सेवक इसके ऊपर चढ़ गये थे और लगभग बारह घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद देर रात नागरिकों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें नीचे उतारा जा सका था। इसी तरह बीते साल सात अगस्त को निर्बाध बिजली सप्लाई की मांग को लेकर नगरपालिका स्थित वाटर टैंक पर चढ़कर लगभग 13-14 घंटे तक हंगामा काटने के बाद पालिका सदस्यों ने विद्युत आपूर्ति सुचारू होने के बाद ही अपना आंदोलन खत्म किया था।
एक सप्ताह में होगी युवती की बरामदगी
कोतवाल रूम सिंह यादव ने लिखित रूप से आश्वासन देकर अभिषेक की बहन रोशनी शर्मा को बताया कि एक सप्ताह के अंदर उक्त प्रकरण में गायब युवती की बरामदगी कर प्रकरण का खुलासा किया जायेगा और यदि उसका भाई निर्दोष साबित होता है तो उसकी रिहाई के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों बहनों को खुदकुशी के लिए आमादा देख भीड़ ने चिल्लाकर कर अधिकारियाें को ऊपर जाने से रोका। फोन पर हुई वार्ता के दौरान दोनों बहनें लगभग तीन घंटे तक डीएम को बुलाने पर अड़ी रहीं। बाद में कांग्रेसी नेताओं की मध्यस्थता और कोतवाल द्वारा एक सप्ताह में उसके भाई को रिहा कराने के लिखित आश्वासन के बाद रोशनी और सीमा टैंक से नीचे आईं। कोतवाल रूम सिंह यादव ने बताया कि एक मामले में रोशनी के भाई अभिषेक को नामजद किये जाने पर एक मार्च को उसे जेल भेज दिया गया था। उसके निर्दोष होने की दुहाई देते हुये उसकी दोनों बहनें अधिकारियों से मिलीं थीं और न्याय न होने पर आत्मदाह की धमकी दी थी।
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न्याय न मिलने पर जान देने की धमकी
तिलहर। मंगलवार को तहसील दिवस में जब अधिकारियों ने कोई तवज्जों नहीं दी तो ग्राम बिलहरा निवासी रोशनी शर्मा और बड़ी बहन सीमा ने कुछ दूर स्थित ब्लाक कार्यालय के सामने वाटर टैंक पर चढ़कर अपना सत्याग्रह शुरू कर दिया। उसका कहना है कि उसके भाई अभिषेक शर्मा के खिलाफ एक युवती को गायब करने का झूठा अभियोग पंजीकृत कराया गया। पुलिस ने सच्चाई जानने के बावजूद द्वेषवश उसे होली से ठीक पहले जेल भेज दिया। जबकि अभिषेक का विवाह फरवरी में होना तय था। थाने से लेकर एसपी तक कहीं भी उसकी नहीं सुनी गई। जब कहीं से कोई उम्मीद न दिखी तो उसने यह कदम उठाया।
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अभिषेक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य-सीओ
सीओ संजय कुमार का कहना है कि 25 नवंबर 2014 को मोहल्ला बहादुरगंज केएक व्यक्ति ने अपनी बेटी को गायब करने का आरोप लगाते हुये बिलहरा निवासी अभिषेक शर्मा व उसकी बुआ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एसआई अनुज तिवारी इसकी विवेचना कर रहे थे। वादी पक्ष की आपत्ति के बाद विवेचना उनसे हटाकर रामबरन सिंह यादव को दी गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जब अभिषेक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले तब ही उसे जेल भेजा गया।
वाटर हेड टैंक बने पुलिस के लिए सिरदर्द
कांशीराम आवासीय कॉलोनी परिसर में बना ओवर हैड टैंक पुलिस के लिये एक सिर दर्द बन चुका है। टंकी का जीना खुला होने के कारण इससे पूर्व भी पिछले साल सात फरवरी को मानदेय भुगतान की मांग को लेकर कई रोजगार सेवक इसके ऊपर चढ़ गये थे और लगभग बारह घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद देर रात नागरिकों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें नीचे उतारा जा सका था। इसी तरह बीते साल सात अगस्त को निर्बाध बिजली सप्लाई की मांग को लेकर नगरपालिका स्थित वाटर टैंक पर चढ़कर लगभग 13-14 घंटे तक हंगामा काटने के बाद पालिका सदस्यों ने विद्युत आपूर्ति सुचारू होने के बाद ही अपना आंदोलन खत्म किया था।
एक सप्ताह में होगी युवती की बरामदगी
कोतवाल रूम सिंह यादव ने लिखित रूप से आश्वासन देकर अभिषेक की बहन रोशनी शर्मा को बताया कि एक सप्ताह के अंदर उक्त प्रकरण में गायब युवती की बरामदगी कर प्रकरण का खुलासा किया जायेगा और यदि उसका भाई निर्दोष साबित होता है तो उसकी रिहाई के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।