{"_id":"579502b64f1c1ba07cc4c9d5","slug":"the-eight-year-old-teen-death-him-self-by-walking-in-the-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ वर्षीय किशोर की पानी में डूबकर मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आठ वर्षीय किशोर की पानी में डूबकर मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
रविवार को परिवार के लोगों के साथ खेत पर गए किशोर की पानी में डूबकर मौत हो गई। किशोर की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
नगर के मोहल्ला नरायनपुर निवासी चेतराम रविवार को परिवार के लोगों के साथ गांव सरेली में खेत पर मजदूरी करने गया था। साथ में उसका आठ वर्षीय पुत्र विनय भी खेत पर साथ गया था। परिवार के लोग धान के खेत में निराई करने लगे, इस बीच विनय कुछ अन्य बच्चों के साथ खेत के पास मिट्टी निकाले गए गड्ढे में नहाने चला गया। गहराई अधिक होने के कारण वह पानी में डूबने लगा। साथ में नहा रहे बच्चों ने जब उसे डूबता देखा तो शोर मचाया। तब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और विनय को पानी से निकाला। उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनय को मृत घोषित कर दिया।
विनय की मौत की जानकारी घर पहुंची तो कोहराम मच गया। सूचना पाकर नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि किशोर के परिवार के लोगों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
ग्रामीण बहगुल नदी में डूबा
जैतीपुर। कस्बा निवासी 45 वर्षीय वीरपाल रविवार को अपने खेत पर काम करने गया था। शाम पांच बजे वह खेत के पास से निकली बहगुल नदी किनारे शौच करने गया, तभी पैर फिसलकर वह नदी में गिर गया। युवक को नदी में गिरते देख खेत में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर आ गए। ग्रामीणों और गोताखोरों ने युवक को निकालने में भरसक प्रयास किए, लेकिन वह नहीं मिला। कस्बा निवासी 45 वर्षीय वीरपाल अपने पुत्र मनोज के साथ रविवार को खेत पर गया था। कुछ देर बाद उसने अपने पुत्र मनोज को घर भेज दिया। वीरपाल के खेत के पास ही बहगुल नदी है जो इस वक्त जोरों से खेतों का कटान कर रही है। वीरपाल नदी के किनारे गया, जिससे उसका पैर फिसल गया और वह नदी में जा गिरा। वीरपाल को डूबता देख ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तमाम ग्रामीण इकठ्ठा हुए, तब तक वह नदी में डूब गया। ग्रामीणों ने नदी में वीरपाल को तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाने पर दी। एसआई रामनिवास शर्मा, अनित कुमार, सुभाष शर्मा, कपिल सैनी, मनमोहन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोताखोरों को बुलवाकर वीरपाल को नदी से बाहर निकालने को कहा, लेकिन गोताखोरों के काफी प्रयास के बावजूद वीरपाल का कहीं पता नहीं चला। वीरपाल की नदी में डूबने की खबर पाकर उसकी पत्नी रामरती और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर के मोहल्ला नरायनपुर निवासी चेतराम रविवार को परिवार के लोगों के साथ गांव सरेली में खेत पर मजदूरी करने गया था। साथ में उसका आठ वर्षीय पुत्र विनय भी खेत पर साथ गया था। परिवार के लोग धान के खेत में निराई करने लगे, इस बीच विनय कुछ अन्य बच्चों के साथ खेत के पास मिट्टी निकाले गए गड्ढे में नहाने चला गया। गहराई अधिक होने के कारण वह पानी में डूबने लगा। साथ में नहा रहे बच्चों ने जब उसे डूबता देखा तो शोर मचाया। तब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और विनय को पानी से निकाला। उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनय को मृत घोषित कर दिया।
विनय की मौत की जानकारी घर पहुंची तो कोहराम मच गया। सूचना पाकर नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि किशोर के परिवार के लोगों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन
ग्रामीण बहगुल नदी में डूबा
जैतीपुर। कस्बा निवासी 45 वर्षीय वीरपाल रविवार को अपने खेत पर काम करने गया था। शाम पांच बजे वह खेत के पास से निकली बहगुल नदी किनारे शौच करने गया, तभी पैर फिसलकर वह नदी में गिर गया। युवक को नदी में गिरते देख खेत में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर आ गए। ग्रामीणों और गोताखोरों ने युवक को निकालने में भरसक प्रयास किए, लेकिन वह नहीं मिला। कस्बा निवासी 45 वर्षीय वीरपाल अपने पुत्र मनोज के साथ रविवार को खेत पर गया था। कुछ देर बाद उसने अपने पुत्र मनोज को घर भेज दिया। वीरपाल के खेत के पास ही बहगुल नदी है जो इस वक्त जोरों से खेतों का कटान कर रही है। वीरपाल नदी के किनारे गया, जिससे उसका पैर फिसल गया और वह नदी में जा गिरा। वीरपाल को डूबता देख ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तमाम ग्रामीण इकठ्ठा हुए, तब तक वह नदी में डूब गया। ग्रामीणों ने नदी में वीरपाल को तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाने पर दी। एसआई रामनिवास शर्मा, अनित कुमार, सुभाष शर्मा, कपिल सैनी, मनमोहन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोताखोरों को बुलवाकर वीरपाल को नदी से बाहर निकालने को कहा, लेकिन गोताखोरों के काफी प्रयास के बावजूद वीरपाल का कहीं पता नहीं चला। वीरपाल की नदी में डूबने की खबर पाकर उसकी पत्नी रामरती और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन