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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The detainees' muscle now Video conferencing from

बंदियों की पेशी अब वीडियो कांफ्रेसिंग से

Tue, 12 May 2015 11:57 PM IST
मनोज मिश्र, शाहजहांपुर
मनोज मिश्र, शाहजहांपुर Updated Tue, 12 May 2015 11:57 PM IST
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रिमांड के बंदियों को भारी सुरक्षा और तामझाम के बीच पेशी पर लाने की अब जरूरत नहीं रहेगी। जल्द ही इन बंदियों की पेशी जेल से ही सीधे वीडियो कांफ्रेस के जरिए हो जाएगी। इसके लिए जेल और न्यायालय में स्थान का चयन हो चुका है।
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गंभीर मामलों में आरोपी मुल्जिमों को जेल से अदालत तक पेशी पर लाने के लिए भारी सुरक्षा करनी होती है। वहीं यह जोखिम भरा भी होता है। बंदियों के फरार होने की अक्सर घटनाएं भी हो जाती हैं। इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए सीधे जेल से वीडियो कांफ्रेस के जरिए अदालत में हाजिरी की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिला न्यायालय परिसर स्थित कंप्यूटर कक्ष और जेल में वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की गई है। सभी उपकरण आ चुके हैं तथा आरएफ टावर की स्थापना तथा जीपीएस फ्रीक्वेंसी न्यायालय परिसर में चेक होनी है, जबकि जिला जेल में इसकी चेकिंग हो चुकी है।
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ये है कानून में व्यवस्था
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 की उपधारा-2 को जोड़कर बंदियों को वीडियो कांफ्रेस के जरिए अदालत में पेशी की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

रिमांड वाले बंदियों की पेशी जल्द ही वीडियो कांफ्रेसिंग के द्वारा शुरू होगी। इसके लिए सभी उपकरण आ चुके हैं। जेल में रूम का चयन हो चुका है। मंगलवार को जिला जज इफाकत अली खां से भी मिला हूॅ। न्यायालय में जल्द ही स्थान चयन कर यह कार्य शुरू हो जाएगा।
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-बृजेंद्र सिंह यादव, जेल अधीक्षक जिला जेल
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