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प्रशासन ने जमा कराए जगेंद्र के दोनों पुत्रों के शस्त्र लाइसेंस
खुटार।
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:54 PM IST
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जिला प्रशासन ने पत्रकार जगेंद्र सिंह के दोनों पुत्रों को जारी शस्त्र लाइसेंस जमा करा लिए। बाद में बड़े बेटे राजन का शस्त्र लाइसेंस वापस कर दिया, लेकिन छोटे बेटे राहुल का शस्त्र लाइसेंस नहीं लौटाया। लाइसेंस जमा होने के बाद राहुल को खरीदी गई राइफल भी जमा करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद जगेंद्र सिंह के बड़े पुत्र राघवेंद्र उर्फ राजन को रिवाल्वर और छोटे पुत्र पुष्पेंद्र सिंह उर्फ राहुल को राइफल का लाइसेंस जारी किया गया था। राहुल ने राइफल खरीद भी ली थी। मिली जानकारी के अनुसार चार दिन पहले एडीएम (प्रशासन) एमएन उपाध्याय ने राजन और राहुल को अपने कार्यालय बुलाया और उन्हें अपने शस्त्र लाइसेंस जमा करने को कहा। लाइसेंस जमा कराने के बाद राहुल को राइफल थाने या शस्त्र दुकान पर जमा करने को कहा गया, हालांकि अभी तक राइफल राहुल के पास ही है।
शनिवार को राजन का शस्त्र लाइसेंस वापस कर दिया गया, लेकिन राहुल का लाइसेंस नहीं लौटाया गया। चर्चा है कि शस्त्र लाइसेंस जमा होने और पुलिस जांच का रवैया देखकर ही राहुल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया। अधिकारी कह रहे हैं कि त्रुटि के कारण लाइसेंस जमा कराया गया है, लेकिन सवाल है कि त्रुटिपूर्ण लाइसेंस जारी ही क्यों किया गया। यदि लाइसेंस में त्रुटि है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। राहुल ने बताया कि लाइसेंस जमा कराने के बाद कहा गया था कि जल्द ही वापस कर दिया जाएगा, लेकिन एक ही लाइसेंस वापस किया गया है।
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त्रुटियों के कारण जमा हुआ शस्त्र लाइसेंस
राहुल के शस्त्र लाइसेंस में कुछ त्रुटि रह गई थी। इस कारण लाइसेंस जमा कराया गया था। खामियां दूर करने के बाद लाइसेंस पुन: दे दिया जाएगा।
- एमएन उपाध्याय, एडीएम प्रशासन शाहजहांपुर
फिर पहुंची ओवी वैन
खुटार। कई दिन से शांत पड़ा जगेंद्र सिंह प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बाद फिर से चर्चा में आ गया है। राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी पाकर दिल्ली से एक चैनल की ओवी वैन और कई चैनलों के पत्रकार रविवार को जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे। इससे तमाशबीनों की भीड़ फिर से जगेंद्र के घर के पास लग गई।
राजनैतिक दलों के नेता भी हुए सक्रिय
पुवायां। जगेंद्र सिंह के पुत्र राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी और बदल रहे घटनाक्रम में कुछ राजनैतिक दल अपना हित साधने की तैयारी करने लगे हैं। वहीं कुछ लोगों को वर्तमान परिदृश्य से गहरा झटका भी लगा है। जगेंद्र के परिवार को आगे कर शह मात का खेल खेलने के लिए खिलाड़ी अपनी गोटियां बिछाने में जुट गए हैं।
जगेंद्र सिंह की जलने के बाद मौत हो जाने के बाद परिवार के लोग आर्थिक सहायता दिलाने, राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने आदि मांगों को लेकर घर के पास धरने पर बैठ गए थे। इससे सरकारी की किरकिरी हो रही थी। सत्तापक्ष के कई नेताओं ने धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर बसपा एमएलसी जयेश प्रसाद ने परिवार के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलाकर और धरना समाप्त कर अपना राजनीतिक कद ऊंचा करने के साथ ही सरकार को भी सांसत से उबारा था। मुख्यमंत्री ने जगेंद्र के परिवार को 30 लाख रुपए की मदद, दोनों पुत्रों को नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने की घोषणा की थी। जगेंद्र के पिता की जमीन की पैमाइश कर कब्जा भी दिलवा दिया गया था।
इस बीच जगेंद्र के छोटे पुत्र ने नौकरी नहीं मिलने, पुलिस पर जांच में लीपापोती कर आरोपियों का बचाने का प्रयास और जगेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज अपहरण और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट को सच साबित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की याचिका दाखिल कर दी। इससे कई नेताओं के चेहरे खिल गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि पूर्व के धरना-प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी करने से चूके एक पार्टी के नेता अब हाथ आया मौका भुनाने के लिए जुट गए हैं। इसमें एमएलसी के राजनीतिक विरोधी भी राजनीतिक रोटियां सेंकने की फिराक में हैं। यह नेता विभिन्न माध्यमों से जगेंद्र के परिवार से संपर्क करने में जुटे हैं और उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिला रहे हैं।
मामला शांत कराने वाले हतप्रभ
पुवायां। जगेंद्र प्रकरण में परिवार का धरना-प्रदर्शन समाप्त कराने और परिवार के लोगों को एमएलसी जयेश प्रसाद से मिलवाने वाले भी राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने से हतप्रभ हैं। राहुल के इस कदम की जानकारी किसी को भी नहीं हो सकी। अब यह लोग जगेंद्र के परिवार से बात कर मामले को फिर से पटरी पर लाने में जुटे हैं, लेकिन बात नहीं बन रही है। जगेंद्र के परिवार के लोग पुलिस पर आरोपियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए काफी खफा हैं। उनका कहना है कि न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा और वह किसी दबाव में नहीं आएंगे।
पापा की आत्मा को शांति तभी मिलेगी जब न्याय मिलेगा। चाहे हमें कुछ मिले या न मिले। पापा को न्याय दिलाने के लिए मेरे भाई राहुल ने जो कदम उठाया है मैं उससे सहमत हूं।
- जगेंद्र सिंह की बेटी रचना
मुझे राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी शनिवार को हुई। मुझे मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया था, लेकिन उनकी ओर से किए गए कुछ वायदे अभी तक पूरे नहीं हुए है। पुलिस जांच में लीपापोती कर रही है।
- सुमेर सिंह, जगेंद्र सिंह के पिता
राहुल ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात नहीं बताई। उसको यह निर्णय कुछ दिन रुक कर लेना चाहिए था। शायद उसके इस निर्णय से दोनों को नौकरी न मिल पाए। उसने पुलिस की कार्यशैली देखकर जो निर्णय लिया है ठीक है। -सुमन सिंह, जगेंद्र सिंह की पत्नी
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद जगेंद्र सिंह के बड़े पुत्र राघवेंद्र उर्फ राजन को रिवाल्वर और छोटे पुत्र पुष्पेंद्र सिंह उर्फ राहुल को राइफल का लाइसेंस जारी किया गया था। राहुल ने राइफल खरीद भी ली थी। मिली जानकारी के अनुसार चार दिन पहले एडीएम (प्रशासन) एमएन उपाध्याय ने राजन और राहुल को अपने कार्यालय बुलाया और उन्हें अपने शस्त्र लाइसेंस जमा करने को कहा। लाइसेंस जमा कराने के बाद राहुल को राइफल थाने या शस्त्र दुकान पर जमा करने को कहा गया, हालांकि अभी तक राइफल राहुल के पास ही है।
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शनिवार को राजन का शस्त्र लाइसेंस वापस कर दिया गया, लेकिन राहुल का लाइसेंस नहीं लौटाया गया। चर्चा है कि शस्त्र लाइसेंस जमा होने और पुलिस जांच का रवैया देखकर ही राहुल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया। अधिकारी कह रहे हैं कि त्रुटि के कारण लाइसेंस जमा कराया गया है, लेकिन सवाल है कि त्रुटिपूर्ण लाइसेंस जारी ही क्यों किया गया। यदि लाइसेंस में त्रुटि है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। राहुल ने बताया कि लाइसेंस जमा कराने के बाद कहा गया था कि जल्द ही वापस कर दिया जाएगा, लेकिन एक ही लाइसेंस वापस किया गया है।
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त्रुटियों के कारण जमा हुआ शस्त्र लाइसेंस
राहुल के शस्त्र लाइसेंस में कुछ त्रुटि रह गई थी। इस कारण लाइसेंस जमा कराया गया था। खामियां दूर करने के बाद लाइसेंस पुन: दे दिया जाएगा।
- एमएन उपाध्याय, एडीएम प्रशासन शाहजहांपुर
फिर पहुंची ओवी वैन
खुटार। कई दिन से शांत पड़ा जगेंद्र सिंह प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बाद फिर से चर्चा में आ गया है। राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी पाकर दिल्ली से एक चैनल की ओवी वैन और कई चैनलों के पत्रकार रविवार को जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे। इससे तमाशबीनों की भीड़ फिर से जगेंद्र के घर के पास लग गई।
राजनैतिक दलों के नेता भी हुए सक्रिय
पुवायां। जगेंद्र सिंह के पुत्र राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी और बदल रहे घटनाक्रम में कुछ राजनैतिक दल अपना हित साधने की तैयारी करने लगे हैं। वहीं कुछ लोगों को वर्तमान परिदृश्य से गहरा झटका भी लगा है। जगेंद्र के परिवार को आगे कर शह मात का खेल खेलने के लिए खिलाड़ी अपनी गोटियां बिछाने में जुट गए हैं।
जगेंद्र सिंह की जलने के बाद मौत हो जाने के बाद परिवार के लोग आर्थिक सहायता दिलाने, राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने आदि मांगों को लेकर घर के पास धरने पर बैठ गए थे। इससे सरकारी की किरकिरी हो रही थी। सत्तापक्ष के कई नेताओं ने धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर बसपा एमएलसी जयेश प्रसाद ने परिवार के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलाकर और धरना समाप्त कर अपना राजनीतिक कद ऊंचा करने के साथ ही सरकार को भी सांसत से उबारा था। मुख्यमंत्री ने जगेंद्र के परिवार को 30 लाख रुपए की मदद, दोनों पुत्रों को नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने की घोषणा की थी। जगेंद्र के पिता की जमीन की पैमाइश कर कब्जा भी दिलवा दिया गया था।
इस बीच जगेंद्र के छोटे पुत्र ने नौकरी नहीं मिलने, पुलिस पर जांच में लीपापोती कर आरोपियों का बचाने का प्रयास और जगेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज अपहरण और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट को सच साबित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की याचिका दाखिल कर दी। इससे कई नेताओं के चेहरे खिल गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि पूर्व के धरना-प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी करने से चूके एक पार्टी के नेता अब हाथ आया मौका भुनाने के लिए जुट गए हैं। इसमें एमएलसी के राजनीतिक विरोधी भी राजनीतिक रोटियां सेंकने की फिराक में हैं। यह नेता विभिन्न माध्यमों से जगेंद्र के परिवार से संपर्क करने में जुटे हैं और उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिला रहे हैं।
मामला शांत कराने वाले हतप्रभ
पुवायां। जगेंद्र प्रकरण में परिवार का धरना-प्रदर्शन समाप्त कराने और परिवार के लोगों को एमएलसी जयेश प्रसाद से मिलवाने वाले भी राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने से हतप्रभ हैं। राहुल के इस कदम की जानकारी किसी को भी नहीं हो सकी। अब यह लोग जगेंद्र के परिवार से बात कर मामले को फिर से पटरी पर लाने में जुटे हैं, लेकिन बात नहीं बन रही है। जगेंद्र के परिवार के लोग पुलिस पर आरोपियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए काफी खफा हैं। उनका कहना है कि न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा और वह किसी दबाव में नहीं आएंगे।
पापा की आत्मा को शांति तभी मिलेगी जब न्याय मिलेगा। चाहे हमें कुछ मिले या न मिले। पापा को न्याय दिलाने के लिए मेरे भाई राहुल ने जो कदम उठाया है मैं उससे सहमत हूं।
- जगेंद्र सिंह की बेटी रचना
मुझे राहुल के सुप्रीम कोर्ट जाने की जानकारी शनिवार को हुई। मुझे मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया था, लेकिन उनकी ओर से किए गए कुछ वायदे अभी तक पूरे नहीं हुए है। पुलिस जांच में लीपापोती कर रही है।
- सुमेर सिंह, जगेंद्र सिंह के पिता
राहुल ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात नहीं बताई। उसको यह निर्णय कुछ दिन रुक कर लेना चाहिए था। शायद उसके इस निर्णय से दोनों को नौकरी न मिल पाए। उसने पुलिस की कार्यशैली देखकर जो निर्णय लिया है ठीक है। -सुमन सिंह, जगेंद्र सिंह की पत्नी