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सपा ब्लाक अध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट
जलालाबाद।
Updated Wed, 25 Mar 2015 12:16 AM IST
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फर्जी दस्तावेजों के जरिये कोटा हासिल करने वाले कोटेदार समेत इस काम में उसका सहयोग करने के आरोपी सपा के ब्लाक अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मामला गांव माल्हूपुर का है। यहां के कोटेदार रामनरेश द्वारा फर्जी टीसी लगाकर कोटा हासिल कर लेने की शिकायत इसी गांव के सपा नेता डॉ. मशकूर ने एसडीएम से की थी। इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई। जांच में न केवल उक्त शिकायत सही पाई गई, बल्कि यह बात भी उजागर हुई कि फर्जी कागजात बनवाने में इसी गांव के अजमल नाम का व्यक्ति शामिल था, जो सपा का ब्लाक अध्यक्ष भी है। इस कोटे का संचालन भी अजमल ही करता था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम द्वारा तलब किये गये स्पष्टीकरण का जवाब न मिलने पर उक्त कोटेदार का अनुबंध पत्र निरस्त कर जमानत राशि जब्त कर ली गई। बीते साल दिसंबर माह में कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद भी इस मामले में राजनीतिक दबाव के चलते मामला ठंडे बस्ते के हवाले रहा, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा लगातार की गई कोशिशों के बाद इस मामले में प्रशासन के हस्तक्षेप से डॉ. मशकूर की ओर से कोटेदार रामनरेश तथा सपा नेता अजमल के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिये धोखाधड़ी कर कोटा हासिल करने की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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मामला गांव माल्हूपुर का है। यहां के कोटेदार रामनरेश द्वारा फर्जी टीसी लगाकर कोटा हासिल कर लेने की शिकायत इसी गांव के सपा नेता डॉ. मशकूर ने एसडीएम से की थी। इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई। जांच में न केवल उक्त शिकायत सही पाई गई, बल्कि यह बात भी उजागर हुई कि फर्जी कागजात बनवाने में इसी गांव के अजमल नाम का व्यक्ति शामिल था, जो सपा का ब्लाक अध्यक्ष भी है। इस कोटे का संचालन भी अजमल ही करता था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम द्वारा तलब किये गये स्पष्टीकरण का जवाब न मिलने पर उक्त कोटेदार का अनुबंध पत्र निरस्त कर जमानत राशि जब्त कर ली गई। बीते साल दिसंबर माह में कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद भी इस मामले में राजनीतिक दबाव के चलते मामला ठंडे बस्ते के हवाले रहा, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा लगातार की गई कोशिशों के बाद इस मामले में प्रशासन के हस्तक्षेप से डॉ. मशकूर की ओर से कोटेदार रामनरेश तथा सपा नेता अजमल के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिये धोखाधड़ी कर कोटा हासिल करने की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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