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अनूठा विवाद : बिहार में अब एक भैंस की डीएनए जांच हो रही; आदेश आ गया, कारण जानकर चौंक जाएंगे
Wed, 26 Aug 2026 10:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:51 AM IST
सार
Bihar News: संतान का विवाद खूब सुना होगा आपने। ऐसे विवादों में डीएनए जांच के बारे में भी खबरें आती रहती हैं। लेकिन, बिहार से यह खबर एक भैंस के मालिकाना हक पर विवाद के बाद चर्चित आईपीएस के आदेश से निकली है। आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला...
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मामले की जानकारी लेने पहुंचे हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गया जिले में एक भैंस के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ विवाद अब वैज्ञानिक जांच तक पहुंच गया है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने मामले में डीएनए जांच कराने का निर्देश दिया है, ताकि दावों और आरोपों के बीच भैंस के वास्तविक मालिक की पहचान हो सके। साथ ही ग्रामीण एसपी को निष्पक्ष और त्वरित जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आखिर कैसे शुरू हुआ विवाद?
गया के अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में एक भैंस के मालिकाना हक को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। पुलिस के मुताबिक, डीएनए जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि भैंस का असली मालिक कौन है। जानकारी के अनुसार, मोहड़ा प्रखंड के सेवतर गांव निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले लापता हो गई थी। बाद में वह अतरी प्रखंड के उपथू महाचक गांव के नौरंगा टोला पहुंच गई, जहां प्रकाश मांझी ने उसे अपने पास रख लिया। सूरज यादव को जानकारी मिलने पर वह भैंस लेने पहुंचा, लेकिन दोनों पक्षों ने उस पर अपना-अपना दावा कर दिया।
थाने तक पहुंचा मामला, पुलिस पर भी लगे आरोप
भैंस चोरी की शिकायत अतरी थाना में दर्ज कराई गई। पुलिस ने पहले भैंस को थाने मंगवाया और बाद में उसे सूरज यादव को सौंप दिया। इसी दौरान थाना प्रभारी पर एक पक्ष का समर्थन करने के आरोप भी लगे, जिससे मामला और विवादित हो गया।
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चार साल पुरानी चोरी का दावा
प्रकाश मांझी के परिजनों का कहना है कि विवादित भैंस करीब चार वर्ष पहले चोरी हो गई थी और अब वही भैंस वापस आई है। इस दावे के बाद भैंस के वास्तविक मालिक को लेकर मामला और उलझ गया।
हम नेता ने गांव पहुंचकर ली जानकारी
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण नौरंगा गांव पहुंचे और प्रकाश मांझी के परिवार तथा ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और गरीब परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
डीएनए जांच से खुलेगा मालिकाना हक का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी विकास वैभव ने ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल को निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है। साथ ही भैंस के वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराने को कहा है। रिपोर्ट आने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर भैंस उसके वास्तविक मालिक को सौंपे जाने की बात कही गई है।
अब सबकी नजर डीएनए रिपोर्ट पर
श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई सामने लाना है। गया में भैंस के मालिकाना हक का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब डीएनए रिपोर्ट ही तय करेगी कि भैंस किसकी है और विवाद का समाधान किसके पक्ष में होगा।
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आखिर कैसे शुरू हुआ विवाद?
गया के अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में एक भैंस के मालिकाना हक को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। पुलिस के मुताबिक, डीएनए जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि भैंस का असली मालिक कौन है। जानकारी के अनुसार, मोहड़ा प्रखंड के सेवतर गांव निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले लापता हो गई थी। बाद में वह अतरी प्रखंड के उपथू महाचक गांव के नौरंगा टोला पहुंच गई, जहां प्रकाश मांझी ने उसे अपने पास रख लिया। सूरज यादव को जानकारी मिलने पर वह भैंस लेने पहुंचा, लेकिन दोनों पक्षों ने उस पर अपना-अपना दावा कर दिया।
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थाने तक पहुंचा मामला, पुलिस पर भी लगे आरोप
भैंस चोरी की शिकायत अतरी थाना में दर्ज कराई गई। पुलिस ने पहले भैंस को थाने मंगवाया और बाद में उसे सूरज यादव को सौंप दिया। इसी दौरान थाना प्रभारी पर एक पक्ष का समर्थन करने के आरोप भी लगे, जिससे मामला और विवादित हो गया।
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चार साल पुरानी चोरी का दावा
प्रकाश मांझी के परिजनों का कहना है कि विवादित भैंस करीब चार वर्ष पहले चोरी हो गई थी और अब वही भैंस वापस आई है। इस दावे के बाद भैंस के वास्तविक मालिक को लेकर मामला और उलझ गया।
हम नेता ने गांव पहुंचकर ली जानकारी
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण नौरंगा गांव पहुंचे और प्रकाश मांझी के परिवार तथा ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और गरीब परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
डीएनए जांच से खुलेगा मालिकाना हक का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी विकास वैभव ने ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल को निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है। साथ ही भैंस के वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराने को कहा है। रिपोर्ट आने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर भैंस उसके वास्तविक मालिक को सौंपे जाने की बात कही गई है।
अब सबकी नजर डीएनए रिपोर्ट पर
श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई सामने लाना है। गया में भैंस के मालिकाना हक का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब डीएनए रिपोर्ट ही तय करेगी कि भैंस किसकी है और विवाद का समाधान किसके पक्ष में होगा।