{"_id":"4b290223203b4958bd851f982c6f8e22","slug":"pressure-are-greedily-trying-to-break-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दबाव, लालच से तोड़ने की कर रहे हैं कोशिश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दबाव, लालच से तोड़ने की कर रहे हैं कोशिश
पुवायां।
Updated Sat, 13 Jun 2015 09:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद परिवार के लोगों की नींद समझाने के नाम पर दी जा रही धमकियों से उड़ गई है। परेशान परिवार अब अनहोनी की आशंका से दहशत में है। परिवार के लोग अधिकारियों और मीडिया के लोगों से अपनी व्यथा साझा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।
गौरतलब है कि जगेंद्र सिंह की लखनऊ में मौत की खबर मिलते ही एक आरोपी के मिलने वाले मामले को निपटाने के लिए सक्रिय हो गए थे। जगेंद्र का शव घर आने से पहले ही कुछ लोगों ने जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह को ऊंचनीच समझाते हुए कहा था कि वह परिवार के लोगों को मदद दिला देंगे। शर्त यह है कि मामले में कोई कार्रवाई न की जाए। अंतिम संस्कार के दिन सुबह से लेकर दोपहर तक परिवार के लोगों को प्रलोभन देने का दौर चलता रहा, लेकिन परिवार के लोग रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने तहरीर ले ली, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। श्मसान स्थल पर शव तीन घंटे तक चिता पर रखा रहा, तब जाकर राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
अंतिम संस्कार के बाद जांच को पहुंची महिला एसआई सीमा सिंह ने परिवार के लोगों पर समझौते का दबाव बनाया था। जांच के नाम पर एसआई के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शनिवार को जगेंद्र सिंह के पुत्र राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि दबाव, डर और लालच से उसे और परिवार के लोगों को तोड़कर राजीनामा कर लेने की कोशिश की जा रही है। इससे परिवार के लोग परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि जगेंद्र सिंह की लखनऊ में मौत की खबर मिलते ही एक आरोपी के मिलने वाले मामले को निपटाने के लिए सक्रिय हो गए थे। जगेंद्र का शव घर आने से पहले ही कुछ लोगों ने जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह को ऊंचनीच समझाते हुए कहा था कि वह परिवार के लोगों को मदद दिला देंगे। शर्त यह है कि मामले में कोई कार्रवाई न की जाए। अंतिम संस्कार के दिन सुबह से लेकर दोपहर तक परिवार के लोगों को प्रलोभन देने का दौर चलता रहा, लेकिन परिवार के लोग रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने तहरीर ले ली, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। श्मसान स्थल पर शव तीन घंटे तक चिता पर रखा रहा, तब जाकर राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
विज्ञापन
अंतिम संस्कार के बाद जांच को पहुंची महिला एसआई सीमा सिंह ने परिवार के लोगों पर समझौते का दबाव बनाया था। जांच के नाम पर एसआई के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शनिवार को जगेंद्र सिंह के पुत्र राहुल सिंह ने आरोप लगाया कि दबाव, डर और लालच से उसे और परिवार के लोगों को तोड़कर राजीनामा कर लेने की कोशिश की जा रही है। इससे परिवार के लोग परेशान हैं।
विज्ञापन