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धोखाधडी मामले में पीस पार्टी की नेता हिरासत में
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Mar 2017 12:13 AM IST
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धोखाधड़ी
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
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धोखाधड़ी के मामले में विवेचना के दौरान नाम सामने आने पर पुलिस ने पीस पार्टी की नेता सीमा वर्मा को हिरासत में ले लिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थाना कांट क्षेत्र के गांव अकर्रारसूलपुर निवासी रामू शर्मा ने एसपी केबी सिंह को बताया कि उसने कौशल विकास प्रशिक्षण के काम का थाना तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी सीमा वर्मा से अनुबंध किया था। इसके बाद उसने और उसके बेटे अमर शर्मा ने एक साल तक बच्चों को नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया। सीमा ने प्रशिक्षण देने पर रामू और उनके स्टाफ को भुगतान का वादा किया था। दो सितंबर को सीमा वर्मा ने एनजीओ के अधिकारियों द्वारा लाया गया चेक बताकर बेटे को दे दिया। बेटे ने घंटाघर स्थित बैंक शाखा में अपने एकाउंट में चेक जमा कर दिया। एकाउंट में रुपया आने पर सीमा ने सात लाख रुपया ले लिया। कुछ दिन बाद शाखा प्रबंधक ने बैंक में लगाए गए चेक को फर्जी बताते हुए रामू के बेटे के खिलाफ सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस मामले मेें रामू के बेटे को पुलिस ने बिना किसी जांच पड़ताल के जेल भेज दिया, जबकि धोखाधड़ी सीमा वर्मा ने की थी। पीड़ित ने मामले की विवेचना दूसरे थाने से कराने की मांग की। एसपी के निर्देश पर विवेचना चौक कोतवाली पुलिस को सौंप दी गई। विवेचना के दौरान सीमा वर्मा का नाम सामने आने पर मंगलवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल मेें भर्ती कराया गया है। यहां बता दें कि सीमा वर्मा को पीस पार्टी ने तिलहर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी भी घोषित किया था।
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थाना कांट क्षेत्र के गांव अकर्रारसूलपुर निवासी रामू शर्मा ने एसपी केबी सिंह को बताया कि उसने कौशल विकास प्रशिक्षण के काम का थाना तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी सीमा वर्मा से अनुबंध किया था। इसके बाद उसने और उसके बेटे अमर शर्मा ने एक साल तक बच्चों को नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया। सीमा ने प्रशिक्षण देने पर रामू और उनके स्टाफ को भुगतान का वादा किया था। दो सितंबर को सीमा वर्मा ने एनजीओ के अधिकारियों द्वारा लाया गया चेक बताकर बेटे को दे दिया। बेटे ने घंटाघर स्थित बैंक शाखा में अपने एकाउंट में चेक जमा कर दिया। एकाउंट में रुपया आने पर सीमा ने सात लाख रुपया ले लिया। कुछ दिन बाद शाखा प्रबंधक ने बैंक में लगाए गए चेक को फर्जी बताते हुए रामू के बेटे के खिलाफ सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस मामले मेें रामू के बेटे को पुलिस ने बिना किसी जांच पड़ताल के जेल भेज दिया, जबकि धोखाधड़ी सीमा वर्मा ने की थी। पीड़ित ने मामले की विवेचना दूसरे थाने से कराने की मांग की। एसपी के निर्देश पर विवेचना चौक कोतवाली पुलिस को सौंप दी गई। विवेचना के दौरान सीमा वर्मा का नाम सामने आने पर मंगलवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल मेें भर्ती कराया गया है। यहां बता दें कि सीमा वर्मा को पीस पार्टी ने तिलहर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी भी घोषित किया था।
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