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टैंकर से तेल छीनने के प्रतिरोध पर बनाया मुर्गा
तिलहर (शाहजहांपुर)
Updated Fri, 26 Dec 2014 11:58 PM IST
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शुक्रवार को बंथरा डिपो से तेल लेकर जा रहे टैंकर चालक से जबरन तेल छीनने को लेकर हुए विवाद के बाद दबंगों ने चालक और परिचालक के साथ दबंगई दिखाते हुए पहले तो उन्हें मुर्गा बनाकर प्रताड़ित किया। बाद में मारपीट कर लगभग 200 लीटर तेल लेने के बाद ही आगे बढ़ने दिया। घटना की सूचना नगरिया मोड़ पर देने के बावजूद पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। बाद में चालक अपना टैंकर लेकर बरेली रवाना हो गया।
बता दें कि बंथरा डिपो से तेल लेकर जाने वाले टैंकर चालकों के साथ होने वाली मारपीट की घटना कोई नई नहीं है। तेल की तिजारत और दबंगई के बल पर जबरन लूट को लेकर अनेक बार कई गुटों में वर्चस्व की लड़ाई में भिड़ंत तक हो चुकी है। समाचार पत्रों में छपने के बाद अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर इस तरह के घटनाक्रमों पर रोक के लिए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा चुके हैं। आंवला से आने वाले टैंकर चालकों से तेल की जबरन लूट को लेकर गत वर्षों में भी विवाद हो चुका है। इसकी सूचना मिलने पर तत्कालीन कोतवाल परवेज मियां द्वारा सख्ती बरतने के बाद कुछ हद तक घटनाओं में कमी आई थी। तेल के खेल को लेकर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और डिपो के अधिकारियों की ओर उठी उंगलियों के बाद तेल कंपनियों के अधिकारियों ने भी घटना का संज्ञान लेकर जांच की थी। नाम न छापने की शर्त पर टैंकर चालकों ने बताया कि अधिकारियों व प्रशासन में गहरी पकड़ रखने वाले तेल माफिया से भिड़ना हमारे वश की बात नहीं। हमें टैंकर चलाकर बच्चों का पेट पालना है।
इस तरह की घटना मेरे संज्ञान में नहीं है। ढाई बजे के लगभग मैं कोतवाली गया था। यहां मौजूद स्टाफ से भी इस तरह की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है।
- बाबूराम, हल्का प्रभारी
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बता दें कि बंथरा डिपो से तेल लेकर जाने वाले टैंकर चालकों के साथ होने वाली मारपीट की घटना कोई नई नहीं है। तेल की तिजारत और दबंगई के बल पर जबरन लूट को लेकर अनेक बार कई गुटों में वर्चस्व की लड़ाई में भिड़ंत तक हो चुकी है। समाचार पत्रों में छपने के बाद अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर इस तरह के घटनाक्रमों पर रोक के लिए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा चुके हैं। आंवला से आने वाले टैंकर चालकों से तेल की जबरन लूट को लेकर गत वर्षों में भी विवाद हो चुका है। इसकी सूचना मिलने पर तत्कालीन कोतवाल परवेज मियां द्वारा सख्ती बरतने के बाद कुछ हद तक घटनाओं में कमी आई थी। तेल के खेल को लेकर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और डिपो के अधिकारियों की ओर उठी उंगलियों के बाद तेल कंपनियों के अधिकारियों ने भी घटना का संज्ञान लेकर जांच की थी। नाम न छापने की शर्त पर टैंकर चालकों ने बताया कि अधिकारियों व प्रशासन में गहरी पकड़ रखने वाले तेल माफिया से भिड़ना हमारे वश की बात नहीं। हमें टैंकर चलाकर बच्चों का पेट पालना है।
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इस तरह की घटना मेरे संज्ञान में नहीं है। ढाई बजे के लगभग मैं कोतवाली गया था। यहां मौजूद स्टाफ से भी इस तरह की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है।
- बाबूराम, हल्का प्रभारी