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बग्गर में सो रहे अधेड़ की धारदार हथियार से हत्या
अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:44 PM IST
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मृतक के बेटे अमर सिंह ने बताया कि रात करीब नौ बजे खाना खाने के बाद उसके पिता सोबरन बग्गर में लेटने चले गए। सुबह छह बजे वह बग्गर के बाहर लगे नल से पानी लेकर शौच के लिए चला गया। उस समय बग्गर का दरवाजा खुला हुआ था। वापस लौटकर उसने नल पर हाथपैर धोए और फिर घर वापस चला गया। सुबह सात बजे तक जब पिता घर नहीं आए तो मां धनदेवी ने कहा कि बग्गर में जाकर देख आओ कि वह आज इतनी देर क्यों कर रहे हैं, तभी रास्ते में उसकी बड़ी मां गंगा देवी चीखती हुई आई कि और बोलीं कि बेटा तुम्हारे पिता की हत्या कर दी गई है। सोबरन का शव बग्गर में छप्पर के नीचे जमीन पर चारपाई से कुछ दूरी पर पड़ा हुआ था। पेट के दाहिने हिस्से और गर्दन की बाएं तरफ धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिससे पेट बुरी तरह से फट गया था और गर्दन पर गहरा घाव था। हत्या की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई। सूचना मिलने पर एसओ आशुतोष कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी राजेश कुमार और सीओ सदर अनुराग दर्शन ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया।
सोबरन ने की थी दो शादियां
सोबरन ने पहली शादी थाना आरसी मिशन क्षेत्र के गांव चक परमाली निवासी गंगा देवी से की थी। शादी के कई साल तक जब कोई औलाद नहीं हुई तो पिता जगन्नाथ के कहने पर सोबरन ने दूसरी शादी कस्बा कांट के मोहल्ला पट्टी निवासी धनदेवी से की थी। धनदेवी से सोबरन के तीन बेटे अमर सिंह, आलोक और ब्रिजेश हुए।
20 साल पहले प्रधानी की रंजिश में हुई थी भाई की हत्या
करीब 20 साल पहले सोबरन के बड़े भाई रामखिलावन की प्रधानी की रंजिश के चलते हत्या कर दी गई। मामले में गांव के रामलाल, हरेराम, सियाराम और मिश्री को नामजद कराया गया था। जमानत के बाद रामलाल ने प्रधानी का चुनाव लड़ा और वह जीत गया लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी भी हत्या हो गई। इस मामले में सोबरन और उनके पिता जगन्नाथ, गांव के राजेश्वर और उनके रिश्तेदार गांव दिवईया निवासी भगवान सिंह को आरोपी बनाया गया था। चार-पांच साल पहले इस मामले में दोनों पक्षों का कोर्ट में समझौता हो गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ है।
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अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामले की जांच की जा रही है।
- अनुराग दर्शन, सीओ सदर
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सोबरन ने की थी दो शादियां
सोबरन ने पहली शादी थाना आरसी मिशन क्षेत्र के गांव चक परमाली निवासी गंगा देवी से की थी। शादी के कई साल तक जब कोई औलाद नहीं हुई तो पिता जगन्नाथ के कहने पर सोबरन ने दूसरी शादी कस्बा कांट के मोहल्ला पट्टी निवासी धनदेवी से की थी। धनदेवी से सोबरन के तीन बेटे अमर सिंह, आलोक और ब्रिजेश हुए।
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20 साल पहले प्रधानी की रंजिश में हुई थी भाई की हत्या
करीब 20 साल पहले सोबरन के बड़े भाई रामखिलावन की प्रधानी की रंजिश के चलते हत्या कर दी गई। मामले में गांव के रामलाल, हरेराम, सियाराम और मिश्री को नामजद कराया गया था। जमानत के बाद रामलाल ने प्रधानी का चुनाव लड़ा और वह जीत गया लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी भी हत्या हो गई। इस मामले में सोबरन और उनके पिता जगन्नाथ, गांव के राजेश्वर और उनके रिश्तेदार गांव दिवईया निवासी भगवान सिंह को आरोपी बनाया गया था। चार-पांच साल पहले इस मामले में दोनों पक्षों का कोर्ट में समझौता हो गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ है।
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अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामले की जांच की जा रही है।
- अनुराग दर्शन, सीओ सदर