फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Tragic Katghora accident kills three cattle, two injured left writhing; sarpanch ignored calls,

कोरबा में दर्दनाक हादसा: भारी वाहन ने तीन गौवंशों को कुचला, दो घायल घंटों तड़पते रहे; व्यवस्था पर उठे सवाल

Tue, 01 Sep 2026 10:29 AM IST
कोरबा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा Published by: कोरबा ब्यूरो Updated Tue, 01 Sep 2026 10:29 AM IST
सार

Chhattisgarh News: कोरबा के कटघोरा क्षेत्र में तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से तीन गौवंशों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल मवेशी घंटों सड़क किनारे तड़पते रहे। गौसेवकों ने प्रशासन, एनएचएआई और ग्राम पंचायत की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घायल पशु-पक्षियों के लिए एम्बुलेंस और चिकित्सालय की मांग की है।
 

विज्ञापन
Tragic Katghora accident kills three cattle, two injured left writhing; sarpanch ignored calls,
तीन गोवंश की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कटघोरा क्षेत्र के जेबीडी कॉलेज, जयपुर के पास बीती रात लगभग 11 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से तीन गौवंशों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे घंटों तड़पते रहे। घटना के बाद स्थानीय लोगों और गौसेवकों में भारी आक्रोश है।

विज्ञापन


मदद के लिए भटकते रहे लोग, नहीं मिली त्वरित व्यवस्था

ग्रामीणों और गौसेवकों के अनुसार, हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायल मवेशियों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन शासन-प्रशासन, नेशनल हाईवे अथॉरिटी और ग्राम पंचायत स्तर से अपेक्षित त्वरित व्यवस्था नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन सरपंच और सचिव ने फोन तक रिसीव नहीं किया। वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से कथित तौर पर वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया।
विज्ञापन


बेलगाम रफ्तार और सड़क पर मवेशी, लगातार हो रहे हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात नेशनल हाईवे पर भारी वाहन बेलगाम गति से दौड़ते हैं और रफ्तार पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है। सड़क पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही दर्री मुख्य मार्ग पर 11 मवेशी भारी वाहन की चपेट में आ गए थे, जिसमें कई की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद गौसेवकों ने चक्काजाम कर विरोध जताया था, लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी।
विज्ञापन
विज्ञापन


घायल पशु घंटों तड़पते रहे, जिम्मेदारी पर सवाल
यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या नेशनल हाईवे पर दुर्घटना के बाद घायल या मृत पशुओं को हटाने की कोई तत्काल व्यवस्था नहीं है? क्या सड़क हादसे के बाद घंटों तक घायल जीव को तड़पते रहने देना व्यवस्था की विफलता नहीं है? क्या ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित रह गई है?

व्यवस्था ने मुंह मोड़ा तो ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
जब जिम्मेदार विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटते नजर आए, तब एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों और गौसेवकों को ही आगे आना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि जिम्मेदार व्यवस्था की संवेदनहीनता और लापरवाही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।


यह भी पढ़ें: CGPSC मुख्य परीक्षा-2025 का रिलल्ट जारी, 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिये सलेक्ट, 21 सितंबर से होगा साक्षात्कार

एम्बुलेंस और चिकित्सालय की व्यवस्था की मांग
गौसेवकों ने शासन-प्रशासन, एनएचएआई और ग्राम पंचायत से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए तत्काल आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सवाल सिर्फ गौवंश का नहीं है, सवाल सड़क सुरक्षा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का है। गौसेवकों ने घायल पशु-पक्षियों के लिए एम्बुलेंस और चिकित्सालय की व्यवस्था की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed