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28.92 लाख के बिजली तार चोरी की रिपोर्ट दर्ज
पुवायां (शाहजहांपुर)
Updated Tue, 16 Dec 2014 12:42 AM IST
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पुवायां। बिजली विभाग बरेली के माध्यमिक कार्यखंड के अवर अभियंता सतीशचंद्र श्रीवास्तव ने पुवायां बंडा बिजली लाइन का तार, पोल सहित अन्य सामान चोरी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दर्ज रिपोर्ट में श्री श्रीवास्तव ने बताया कि पुवायां के बिजली उपकेंद्र से बंडा बिजली उपकेंद्र को बिजली सप्लाई के लिए वर्ष 2007-08 में लाइन डाली गई थी। कुछ दिन तक बिजली सप्लाई के बाद लाइन बंद कर दी गई। इसके बाद चोरों ने लाइन का तार, इंसुलेटर, कुछ पोल सहित अन्य सामान चुरा लिया। चोरी गए सामान की कीमत 28 लाख 92 हजार छह रुपये आंकी गई है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
लाइन शुरू करने के आदेश पर आई चोरी की याद
पुवायां। बंडा से पुवायां बिजली उपकेंद्र को जाने वाली बिजली लाइन के तार वर्ष 2008-09 में ही चोरी कर लिए गए थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने की जरूरत नहीं समझी। सोमवार को भी रिपोर्ट तब दर्ज कराई गई जब लाइन को शुरू करने के आदेश किए गए हैं।
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जानकारी सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2007 में डाली गई इस लाइन से कभी भी बिजली सप्लाई नहीं की गई। लाइन बंद रहने की जानकारी विभाग के लोगों को थी और उनकी ही शह पर कीमती तार काटकर गायब कर दिए गए। लगभग 20 किमी लंबी लाइन के तार गायब होने के बाद भी तत्कालीन अधिकारियों की चुप्पी बड़ा सवाल खड़ी करती रही। बताया जाता है कि अब इस लाइन को फिर से चालू करने के आदेश हुए तो जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की गई। इसके पीछे फंडा है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद चोरी गए सामान को विभाग के स्टोर से प्राप्त किया जा सकेगा। बिना रिपोर्ट कराए यह सामान जारी होना संभव नहीं था।
बिजली विभाग बरेली के माध्यमिक कार्यखंड के अवर अभियंता सतीश श्रीवास्तव का कहना है कि निर्माण कार्यखंड ने लाइन बनाने के बाद वितरण खंड को सौंप दी होगी। तार आदि चोरी की रिपोर्ट वितरण खंड वालों को दर्ज करानी चाहिए थी। उन्होंने माना कि बिना रिपोर्ट कराए नया तार आदि नहीं मिल सकता है और लाइन नहीं शुरू की जा सकती है।
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दर्ज रिपोर्ट में श्री श्रीवास्तव ने बताया कि पुवायां के बिजली उपकेंद्र से बंडा बिजली उपकेंद्र को बिजली सप्लाई के लिए वर्ष 2007-08 में लाइन डाली गई थी। कुछ दिन तक बिजली सप्लाई के बाद लाइन बंद कर दी गई। इसके बाद चोरों ने लाइन का तार, इंसुलेटर, कुछ पोल सहित अन्य सामान चुरा लिया। चोरी गए सामान की कीमत 28 लाख 92 हजार छह रुपये आंकी गई है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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लाइन शुरू करने के आदेश पर आई चोरी की याद
पुवायां। बंडा से पुवायां बिजली उपकेंद्र को जाने वाली बिजली लाइन के तार वर्ष 2008-09 में ही चोरी कर लिए गए थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने की जरूरत नहीं समझी। सोमवार को भी रिपोर्ट तब दर्ज कराई गई जब लाइन को शुरू करने के आदेश किए गए हैं।
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जानकारी सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2007 में डाली गई इस लाइन से कभी भी बिजली सप्लाई नहीं की गई। लाइन बंद रहने की जानकारी विभाग के लोगों को थी और उनकी ही शह पर कीमती तार काटकर गायब कर दिए गए। लगभग 20 किमी लंबी लाइन के तार गायब होने के बाद भी तत्कालीन अधिकारियों की चुप्पी बड़ा सवाल खड़ी करती रही। बताया जाता है कि अब इस लाइन को फिर से चालू करने के आदेश हुए तो जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की गई। इसके पीछे फंडा है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद चोरी गए सामान को विभाग के स्टोर से प्राप्त किया जा सकेगा। बिना रिपोर्ट कराए यह सामान जारी होना संभव नहीं था।
बिजली विभाग बरेली के माध्यमिक कार्यखंड के अवर अभियंता सतीश श्रीवास्तव का कहना है कि निर्माण कार्यखंड ने लाइन बनाने के बाद वितरण खंड को सौंप दी होगी। तार आदि चोरी की रिपोर्ट वितरण खंड वालों को दर्ज करानी चाहिए थी। उन्होंने माना कि बिना रिपोर्ट कराए नया तार आदि नहीं मिल सकता है और लाइन नहीं शुरू की जा सकती है।