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गीता का दम घोंटने के बाद गले में कसा था फंदा
अल्हागंज/ शाहजहांपुर।
Updated Fri, 11 Sep 2015 10:20 PM IST
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अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव रामपुर में बृहस्पतिवार की भोर में 26 वर्षीया गीता का पहले दम घोंटा गया था। फिर उसकी सांस रोकने के लिए नाक और मुंह दबाए गए थे। उसी क्रम में उसके चेहरे पर खरोंच के कई निशान पड़े। दम तोड़ देने के बाद उसके गले में फंदा कसा गया और उसी से शरीर को लटका दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जलालाबाद के सीओ आदेश त्यागी ने इसकी पुष्टि शुक्रवार देर शाम को की। यह भी पुष्ट किया कि इस हत्या में हत्यारा इकलौता नहीं था, बल्कि उनकी संख्या एकाधिक थी। इनका रहस्य खोलने के लिए शक के दायरे में आए सभी आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल एसपी बबलू कुमार के आदेश पर खंगाली जानी शुरू कर दी गई हैं। शक के दायरे में हरदोई का वह अमित सिंह भी है जो मृतका के पिता और चाचा से दहेज हत्या की तहरीर दिलवाने अल्हागंज पहुंचा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह युवक संदिग्ध किस्म का मिला है। सियासी हलके में जान-पहचान रखने के साथ ही हरदोई और शाहजहांपुर के कुछ हिस्ट्रीशीटरों के साथ भी इसके निकट संबंध होने की बात सामने आई है। इसके बाद से ही उसे भी जांच के दायरे में ले लिया गया है। दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने में वह पूरे दम से पैरोकारी कर रहा था, लेकिन पूछताछ के दौरान यह परदे की ओट में हो जा रहा था। उधर, शुक्रवार सुबह मृत गीता की गांव रामपुर में परिवारजनों ने अंत्येष्टि कर दी। अंतिम संस्कार की रस्म में दिनभर परिवारजनों के व्यस्त रहने पर पुलिस अधिकारियों ने किसी से पूछताछ नहीं की, लेकिन रात को सीओ जलालाबाद ने इलाके में डेरा डाल दिया। गांव वालों के अलावा मृतका के पति धीरेंद्र को भी पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस को तलाश अब उन कातिलों की है जिन्होंने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। वे मृतका के स्वजन भी हो सकते हैं और दूसरे जान-पहचान वाले भी। बता दें कि बृहस्पतिवार की सुबह घर से गायब गीता की लाश गांव की आबादी से 500 मीटर दूर अनूप के खाली पड़े खंडहरनुमा मकान में बकैना के पेड़ से लटकी हुई हालत में मिली थी। तब पति धीरेंद्र और ससुर धनीराम ने गांव के ही यादव परिवार के चार लोगों पर दुराचार और हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन रात को मृतका के पिता और चाचा की ओर से थाने में दहेज हत्या संबंधी दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 498 और 302 के तहत केस दर्ज कर लिया था। गांव के जिन चार लोगों के नाम इस हत्याकांड में मृतका के पति और ससुर ने लिए थे, वे शुक्रवार को भी गांव में अपने घर पर मिले थे।
चार थाना प्रभारी जिले से रिलीव
शाहजहांपुर। दूसरे जिलों के लिए स्थानांतरित हो चुके शाहजहांपुर के चार थाना प्रभारियों को एसपी बबलू कुमार शुक्रवार देर शाम रिलीव कर दिया। इनमें अल्हागंज थाना प्रभारी प्रदीप सिंह, मदनापुर थाना प्रभारी आरपी सिंह, जलालाबाद थाना प्रभारी राजपाल सिंह और मिर्जापुर अरविंद कुमार पांडेय शामिल हैं। इनके स्थान पर नई तैनाती का आदेश भी जारी हो गया। सदर बाजार कोतवाली में तैनात एसएसआई प्रभुकांत को मिर्जापुर का, सदर कोतवाली में तैनात एसआई अमित कुमार सिंह को मदनापुर का, सिंधौली में तैनात एसएसआई शाहिद अली को अल्हागंज और क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर यतेेंद्र बाबू भारद्वाज को जलालाबाद का थाना प्रभारी बनाया गया है।
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भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की
अल्हागंज। भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मनोज कश्यप शुक्रवार को यहां रामपुर गांव पहुंचे और मृत गीता के शोकसंतप्त परिवारजनों से मिले। उन्होंने एसपी से मांग की कि इस हत्याकांड की जांच निष्पक्षता से की जाय और विवेचना में सत्तापक्ष के दबाव वाली झलक ना रहे। उन्होंने घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को जिस तरह से दहेज हत्या दर्शाने की कोशिश की जा रही है, उससे पुलिस की कार्यशैली और विवेचना पर सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस सही तथ्य सामने लाए और किसी के दबाव न आए।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह युवक संदिग्ध किस्म का मिला है। सियासी हलके में जान-पहचान रखने के साथ ही हरदोई और शाहजहांपुर के कुछ हिस्ट्रीशीटरों के साथ भी इसके निकट संबंध होने की बात सामने आई है। इसके बाद से ही उसे भी जांच के दायरे में ले लिया गया है। दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने में वह पूरे दम से पैरोकारी कर रहा था, लेकिन पूछताछ के दौरान यह परदे की ओट में हो जा रहा था। उधर, शुक्रवार सुबह मृत गीता की गांव रामपुर में परिवारजनों ने अंत्येष्टि कर दी। अंतिम संस्कार की रस्म में दिनभर परिवारजनों के व्यस्त रहने पर पुलिस अधिकारियों ने किसी से पूछताछ नहीं की, लेकिन रात को सीओ जलालाबाद ने इलाके में डेरा डाल दिया। गांव वालों के अलावा मृतका के पति धीरेंद्र को भी पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस को तलाश अब उन कातिलों की है जिन्होंने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। वे मृतका के स्वजन भी हो सकते हैं और दूसरे जान-पहचान वाले भी। बता दें कि बृहस्पतिवार की सुबह घर से गायब गीता की लाश गांव की आबादी से 500 मीटर दूर अनूप के खाली पड़े खंडहरनुमा मकान में बकैना के पेड़ से लटकी हुई हालत में मिली थी। तब पति धीरेंद्र और ससुर धनीराम ने गांव के ही यादव परिवार के चार लोगों पर दुराचार और हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन रात को मृतका के पिता और चाचा की ओर से थाने में दहेज हत्या संबंधी दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 498 और 302 के तहत केस दर्ज कर लिया था। गांव के जिन चार लोगों के नाम इस हत्याकांड में मृतका के पति और ससुर ने लिए थे, वे शुक्रवार को भी गांव में अपने घर पर मिले थे।
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चार थाना प्रभारी जिले से रिलीव
शाहजहांपुर। दूसरे जिलों के लिए स्थानांतरित हो चुके शाहजहांपुर के चार थाना प्रभारियों को एसपी बबलू कुमार शुक्रवार देर शाम रिलीव कर दिया। इनमें अल्हागंज थाना प्रभारी प्रदीप सिंह, मदनापुर थाना प्रभारी आरपी सिंह, जलालाबाद थाना प्रभारी राजपाल सिंह और मिर्जापुर अरविंद कुमार पांडेय शामिल हैं। इनके स्थान पर नई तैनाती का आदेश भी जारी हो गया। सदर बाजार कोतवाली में तैनात एसएसआई प्रभुकांत को मिर्जापुर का, सदर कोतवाली में तैनात एसआई अमित कुमार सिंह को मदनापुर का, सिंधौली में तैनात एसएसआई शाहिद अली को अल्हागंज और क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर यतेेंद्र बाबू भारद्वाज को जलालाबाद का थाना प्रभारी बनाया गया है।
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भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की
अल्हागंज। भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मनोज कश्यप शुक्रवार को यहां रामपुर गांव पहुंचे और मृत गीता के शोकसंतप्त परिवारजनों से मिले। उन्होंने एसपी से मांग की कि इस हत्याकांड की जांच निष्पक्षता से की जाय और विवेचना में सत्तापक्ष के दबाव वाली झलक ना रहे। उन्होंने घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को जिस तरह से दहेज हत्या दर्शाने की कोशिश की जा रही है, उससे पुलिस की कार्यशैली और विवेचना पर सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस सही तथ्य सामने लाए और किसी के दबाव न आए।