{"_id":"ca351db427d3be3ae78cb89674ee4ac9","slug":"gas-cylinder-made-fireball-killing-one-two-scorched-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैस सिलेंडर बना आग का गोला, एक की मौत, दो झुलसे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैस सिलेंडर बना आग का गोला, एक की मौत, दो झुलसे
पुवायां।
Updated Wed, 02 Sep 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडेन के नए गैस सिलेंडर और चूल्हे का अभी विधिवत उद्घाटन भी नहीं हुआ था कि यह गांव भटिउरा बहलोलपुर के कमलेश कुमार के घरवालों पर वह आग का गोला बनकर फूट पड़ा। हादसे में कमलेश की मौत हो गई और उनकी बहू व पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए। बहू ममता देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। लोगों का कहना है कि नया सिलेंडर फिट करने के लिए एजेंसी का कोई भी कर्मचारी नहीं आया था।
कमलेश बुधवार को पुवायां गैस एजेंसी से इंडेन का नया सिलेंडर लेकर घर आए थे। वह और बहू ममता ने कमरे में सिलेंडर रखकर रेगुलेटर आदि लगाकर चाय बनाने की सोची। रेगुलेटर ऑन कर माचिस जलाते ही सिलेंडर ने आग पकड़ ली और कमरे में तेज लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेज थी कि ससुर, बहू को कमरे से निकलने का मौका नहीं मिला और दोनों आग की लपटों में घिर कर कमरे में गिर पड़े। कमलेश की पत्नी भी झुलस गईं। उन्होंने घर के बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू किया तो गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए, लेकिन घर से निकल रही तेज लपटों के चलते किसी की हिम्मत ससुर, बहू को बचाने की नहीं हुई। कुछ युवकों ने कमरे की दीवार तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। कमलेश और उनकी बहू ममता को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां कमलेश ने दम तोड़ दिया।
वाहन चलाते थे कमलेश
थाना सिंधौली और पुवायां ब्लाक के गांव भटिउरा बहलोलपुर निवासी 45 वर्षीय कमलेश कुमार भूमिहीन थे। वह वाहन चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। उनका बड़ा बेटा दीपक गाजियाबाद में और छोटा बेटा संदीप मोहम्मदी में नौकरी कर परिवार की गुजर बसर में मदद करते हैं। घर पर कमलेश के साथ उनकी पत्नी प्रभा देवी और पुत्र दीपक की पत्नी 25 वर्षीय ममता देवी रहती हैं।
विज्ञापन
ममता के मायके में भी मचा कोहराम
पुवायां। दीपक की पत्नी ममता का मायका पास के ही गांव नबाबपुर गंगा में है। पिता राजकुमार सहित परिवार के लोगों को बेटी और उसके ससुर के साथ हुए हादसे की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। लोग रोते बिलखते जिला अस्पताल को रवाना हो गए। दीपक और संदीप को भी हादसे की सूचना दी गई है।
रसोई गैस का इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानियां
पुवायां। आईएसपीएल (इंडियन सेफ्टी प्रोफेशनल्स लाइन) और इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने घरेलू गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर पहले से कुछ अहम सावधानियां जारी कर रखी हैं। महिलाओं को घरेलू गैस सिलेंडर के प्रयोग के समय सुरक्षा के लिहाज से बचाव के लिए कुछ सावधानियों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
0 गैस सिलेंडर को लेने से पहले उसकी लीकेज की जांच करें।
0 दो सिलेंडरों को एक साथ न रखें और सिलेंडर को ज्यादा गर्मी से दूर रखें।
0 भरे या खाली गैस सिलेंडर के मुंह पर सेफ्टी कैप लगाकर रखें।
0 संभव हो तो गैस सिलेंडर को रसोई से बाहर रखें।
0 गैस सिलेंडर पर रेगूलेटर लगाते या उतारते समय बिजली उपकरण बंद रखें।
0 आईएसआई मार्का के गैस चूल्हे और पाइप का प्रयोग करें। पाइप की नियमित रूप से जांच करवाएं।
0 गैस सिलेंडर के ऊपरी हिस्से में लिखी एक्सपायरी डेट देखकर ही सिलेंडर खरीदें।
0 सिलेंडर के मुख्य वॉल में लगे रबड़ रिंग या वॉल से छेड़छाड़ न करें।
0 गैस चूल्हा जलाते समय माचिस का ही प्रयोग करें, क्योंकि लाइटर से स्पार्क होने में देरी नुकसान कर सकती है।
0 रसोई घर में संभव हो तो अग्निशमक यंत्र लगाएं।
विज्ञापन
कमलेश बुधवार को पुवायां गैस एजेंसी से इंडेन का नया सिलेंडर लेकर घर आए थे। वह और बहू ममता ने कमरे में सिलेंडर रखकर रेगुलेटर आदि लगाकर चाय बनाने की सोची। रेगुलेटर ऑन कर माचिस जलाते ही सिलेंडर ने आग पकड़ ली और कमरे में तेज लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेज थी कि ससुर, बहू को कमरे से निकलने का मौका नहीं मिला और दोनों आग की लपटों में घिर कर कमरे में गिर पड़े। कमलेश की पत्नी भी झुलस गईं। उन्होंने घर के बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू किया तो गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए, लेकिन घर से निकल रही तेज लपटों के चलते किसी की हिम्मत ससुर, बहू को बचाने की नहीं हुई। कुछ युवकों ने कमरे की दीवार तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। कमलेश और उनकी बहू ममता को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां कमलेश ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
वाहन चलाते थे कमलेश
थाना सिंधौली और पुवायां ब्लाक के गांव भटिउरा बहलोलपुर निवासी 45 वर्षीय कमलेश कुमार भूमिहीन थे। वह वाहन चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। उनका बड़ा बेटा दीपक गाजियाबाद में और छोटा बेटा संदीप मोहम्मदी में नौकरी कर परिवार की गुजर बसर में मदद करते हैं। घर पर कमलेश के साथ उनकी पत्नी प्रभा देवी और पुत्र दीपक की पत्नी 25 वर्षीय ममता देवी रहती हैं।
विज्ञापन
ममता के मायके में भी मचा कोहराम
पुवायां। दीपक की पत्नी ममता का मायका पास के ही गांव नबाबपुर गंगा में है। पिता राजकुमार सहित परिवार के लोगों को बेटी और उसके ससुर के साथ हुए हादसे की जानकारी मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। लोग रोते बिलखते जिला अस्पताल को रवाना हो गए। दीपक और संदीप को भी हादसे की सूचना दी गई है।
रसोई गैस का इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानियां
पुवायां। आईएसपीएल (इंडियन सेफ्टी प्रोफेशनल्स लाइन) और इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने घरेलू गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर पहले से कुछ अहम सावधानियां जारी कर रखी हैं। महिलाओं को घरेलू गैस सिलेंडर के प्रयोग के समय सुरक्षा के लिहाज से बचाव के लिए कुछ सावधानियों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
0 गैस सिलेंडर को लेने से पहले उसकी लीकेज की जांच करें।
0 दो सिलेंडरों को एक साथ न रखें और सिलेंडर को ज्यादा गर्मी से दूर रखें।
0 भरे या खाली गैस सिलेंडर के मुंह पर सेफ्टी कैप लगाकर रखें।
0 संभव हो तो गैस सिलेंडर को रसोई से बाहर रखें।
0 गैस सिलेंडर पर रेगूलेटर लगाते या उतारते समय बिजली उपकरण बंद रखें।
0 आईएसआई मार्का के गैस चूल्हे और पाइप का प्रयोग करें। पाइप की नियमित रूप से जांच करवाएं।
0 गैस सिलेंडर के ऊपरी हिस्से में लिखी एक्सपायरी डेट देखकर ही सिलेंडर खरीदें।
0 सिलेंडर के मुख्य वॉल में लगे रबड़ रिंग या वॉल से छेड़छाड़ न करें।
0 गैस चूल्हा जलाते समय माचिस का ही प्रयोग करें, क्योंकि लाइटर से स्पार्क होने में देरी नुकसान कर सकती है।
0 रसोई घर में संभव हो तो अग्निशमक यंत्र लगाएं।