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चार को उम्रकैद, सात को 10 साल की कैद

Fri, 15 May 2015 11:40 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Fri, 15 May 2015 11:40 PM IST
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Four life imprisonment, seven 10 years' imprisonment
शुक्रवार को तृतीय एडीजे भानुदेव शर्मा ने हत्या और हत्या की कोशिश के मामले में 11 लोगों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों में से चार को हत्या के मामले में दोषी पाकर उम्रकैद और बाकी सात को हत्या की कोशिश के मामले में सात लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई। एक अभियुक्त दयाल सिंह की दौरान-ए-मुकदमा मौत हो गई।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सतविंदर सिंह ने सात जून 1992 को निगोही थाना में रिपोर्ट लिखाई थी कि गांव में उनके भाई लखविंदर का झाला, जीत सिंह के झाले के पास था। बीच में तुलाराम का पट्टे का खेत था। इसे पहले जीत सिंह पटके पर रखता था। बाद में इस खेत को लखविंदर सिंह ने ले लिया। इस बात से जीत सिंह खफा हो गया। उसने खेत से होकर रास्ता बना लिया। इससे फसल को नुकसान होने लगा। जीत सिंह ने बिजली का केबिल भी काट दिया। लखविंदर ने जब ऐतराज जताया तो दोनों में कहासुनी हो गई। विवाद बढने पर लखविंदर के मामा प्रकट सिंह, भाई बहादुर सिंह, भतीजा परमजीत और पड़ोसी मनजीत सिंह मौके पर पहुंच गए। ये लोग बीचबचाव करने लगे। इसी बीच जीत सिंह, उनके भाई मिल्कियत सिंह और बल्देव सिंह, पिता दयाल सिंह और मामा प्यारा सिंह ने फायर कर दिए। गोली लगने से लखविंदर और प्रगट घायल हो गए। इलाज के दौरान लखविंदर की मौत हो गई। कोर्च ने लखविंदर की हत्या में दोषी पाकर जीत सिंह, मिल्कियत सिंह, बल्देव सिंह और प्यारा सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन पर 40-40 हजार रुपये जुर्माना भी किया।
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इधर, इसी घटना में दूसरे पक्ष की ओर से जीत सिंह के भाई संजीत सिंह ने भी रिपोर्ट लिखाई। इसके अनुसार सात जून 1992 की सुबह मामा प्यारा सिंह और मां निगोही जा रहे थे। रास्ते में बंडा थाना के गांव गुलडिय़ा निवासी गुरुदेव सिंह तथा कुकहा महमूदपुर के परमजीत सिंह, उसके भाई प्रगट सिंह, अंग्रेज सिंह, साहब सिंह, बहादुर सिंह, सतविंदर सिंह ने असलहे से प्यारा सिंह, संजीत और दयाल पर हमला कर दिया, इसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में कोर्ट ने सभी सातों आरोपियों को दोषी पाकर 10-10 साल की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संजय सिंह तोमर ने पैरवी की।
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