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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Father stopped at the police station for questioning

ससुर को पूछताछ के लिए थाने में रोका

Mon, 14 Sep 2015 12:04 AM IST
अल्हागंज/ शाहजहांपुर।
अल्हागंज/ शाहजहांपुर। Updated Mon, 14 Sep 2015 12:04 AM IST
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अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव रामपुर में बृहस्पतिवार की सुबह मारकर पेड़ पर लटका दी गई 26 वर्षीय गीता के ससुर को पुलिस ने रविवार को थाने में ही रोक लिया। उनसे गहन पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि वह शनिवार को गीता के मायके हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के गांव बमटापुर चिल्लौर में समझौता का दबाव बनाने गए थे। वह दहेज हत्या का केस वापस लेने को कह रहे थे। वहां यह करीब चार घंटे तक रुके रहे। भनक लगते ही पुलिस टीम वहां पहुंची और बीती रात ही उन्हें अपने साथ यहां ले आई।
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रविवार को लेखपाल भर्ती के लिए हुई परीक्षा की ड्यूटी में एसपी देहात से लेकर सीओ और थानेदार के व्यस्त होने के चलते विवेचना में कोई विशेष प्रगति नहीं हो पाई, लेकिन बीती रात तक हुई विवेचना में कई नए तथ्य सामने आए। मृतका के पिता रामधार और अन्य पर समझौते का दबाव बनाने के लिए उसका ससुर धनीराम रामपुर के ही अपने पारिवारिक सदस्य के साथ पहुंचा था। इस बीच मृतका का पति धीरेंद्र गांव छोड़कर रिश्तेदारी में जा छुपा है। वह फर्रुखाबाद के नवाबगंज स्थित एक रिश्तेदार के यहां है। वहां से भी कुछ लोग रविवार को बमटापुर चिल्लौर में मृतका के मायके वालों पर दहेज हत्या का केस वापस कराने का अनुरोध करने पहुंचे थे। मृतका के चाचा रामस्वरूप ने बताया कि दहेज हत्या का केस वापस लेने के लिए बनाए जा रहे दबाव से अब यह शक पुख्ता हो गया है कि गीता को ससुराल वालों ने ही मरवाया है।
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बता दें कि गत बृहस्पतिवार की भोर में गीता की लाश गांव की आबादी से करीब 500 मीटर दूर अनूप के खाली पड़े खंडहरनुमा मकान में बकैना के पेड़ की डाल से अर्द्धनग्न हाल में लटकी मिली था। तब उसके पति और ससुर ने गांव के ही यादव परिवार के चार लोगों पर बलात्कार कर हत्या करने का आरोप लगाया था। पहले भी उन्हीं आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में केस दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। उस प्रार्थना पत्र पर न तो आवेदक के हस्ताक्षर थे और ना ही अंगूठे का ही निशान लगा था। कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी और आवेदक को भी बयान लेने के लिए बुलाया था। उससे पहले ही आवेदक गीता की हत्या हो गई।
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