फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Crop damage from shock Death of five farmers

फसली नुकसान के सदमे से पांच और किसानों की मौत

Fri, 17 Apr 2015 12:33 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Fri, 17 Apr 2015 12:33 AM IST
विज्ञापन
Crop damage from shock Death of five farmers
बेमौसम की बरसात से फसलों को हुए नुकसान का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाने से जिले में पांच और किसानों की मौत हो गई। पुवायां कस्बे के मोहल्ला तरती बाजार में बुधवार की रात 55 वर्षीय राम बहादुर पांडेय जलभराव से फसल खराब होने के गम में चल बसे। जलालाबाद तहसील के गांव पल्हरई में 55 साल के बहोरन लाल और ढूही जदीद गांव के 58 वर्षीय तुलाराम की मौत हो गई। उधर, तिलहर तहसील के भौना गांव में 42 साल के सत्यपाल ने बृहस्पतिवार को खेत से लौटकर सीने में दर्द की शिकायत की और कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक 20 किसानों की अस्वाभाविक मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


रामबहादुर को साढ़े चार एकड़ में मिले 20 क्विंटल गेहूं
पुवायां। साढ़े चार एकड़ में मात्र 20 क्विंटल गेहूं निकले तो पुवायां के मोहल्ला कटरा बाजार निवासी 50 वर्षीय रामबहादुर को ऐसा सदमा बैठा कि उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि फसल खराब होने के बावजूद उनको कोई सहायता राशि नहीं दी गई थी।
विज्ञापन


आठ बीघा खेत की बर्बादी सह नहीं पाए जदुनाथ  
कमलापुर/सिंधौली। साढे़ आठ बीघा खेत में खड़े गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने के सदमे से गांव ब्योर निवासी 60 वर्षीय किसान जदुनाथ सिंह की सदमे से मौत हो गई। किसान की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फसली बर्बादी ने रोक दी सत्यपाल की हृदय गति
मीरानपुर कटरा। क्षेत्र का गांव भौना निवासी 42 वर्षीय सत्यपाल खेती बाड़ी करके अपने परिवार की आजीविका चला रहा था उसने अपनी साढ़े सात बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। इस साल गेहूं की फसल में अपनी जमा पूंजी इस उम्मीद से लगाई थी कि फसल अच्छी होगी तब चार पैसे बच जाएंगे जिससे वह अपने परिवार की रोजी-रोटी ठीक ढंग से चला लेगा। मगर पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि ने उसके सारे अरमानो पर पानी फेर दिया। बृहस्पतिवार को सुबह वह करीब सात बजे अपनी गेहूं की फसल को देखने गया था। वहां फसल की दुर्दशा को देख उसके सीने में दर्द होने लगा। खेत से वह जैसे-तैसे घर पहुंचा। उसने अपनी पत्नी को दर्द के बारे में बताया। जब तक उस की पत्नी कुछ समझ पाती, ह्रदय गति रुक जाने से उसकी मौत हो गयी। अचानक हुई इस मौत से घर में कोहराम मच गया।

पल्हरई में थम गईं बहोरन सिंह की सांसें
जलालाबाद। बुधवार देर रात क्षेत्र के गांव पल्हरई में अपनी फसल की बर्बादी देख सदमे में आए 55 वर्षीय बहोरन सिंह ने दम तोड़ दिया। मुखिया की मौत से घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। घरवालों के अनुसार माली हालत अच्छी न होने के कारण बहोरन लाल ने गांव के कई लोगों से उधार रकम लेकर जैसे-तैसे गेहूं की फसल तैयार की थी परन्तु खराब मौसम के चलतेे फसल की बर्बादी का वह सदमा बर्दाश्त नही कर सके।

ढूही जदीद में तुलाराम ने तोड़ा दम
जलालाबाद। फसली नुकसान के सदमे से मौत का शिकार बने किसानों में गांव ढूही जदीद के 58 वर्षीय तुलाराम भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी मौत दो दिन पहले हो चुकी है, लेकिन यह मामला बृहस्पतिवार को प्रकाश में आया जब मृतक के बेटे महेंद्र ने एसडीएम जंगबहादुर यादव को प्रार्थना पत्र देकर पिता की मौत का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता मांगी। महेंद्र के अनुसार एक एकड़ निजी जमीन और बटाई पर लिए गए 25 बीघा खेत की फसल बर्बाद देख मंगलवार को दिन में उसके  पिता की हालत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। एसडीएम के अनुसार लेखपाल को गांव भेजकर जांच कराई जा रही है।


10732 किसानों को बांटे 3.33 करोड़ रुपये
प्रशासन ने बृहस्पतिवार को विभिन्न तहसीलों में फसली नुकसान से प्रभावित 10732 किसानों को तीन करोड़ 33 लाख 98 हजार 741 रुपये के चेक वितरित कराए। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि जिले में अब तक 25690 किसानों को 10.10 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। डीएम के अनुसार फसल की क्षति वाले सभी किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed