फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   crime

25 दिनों में भी पुलिस को नहीं मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट

Mon, 19 Oct 2015 11:06 PM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Mon, 19 Oct 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
सेहरामऊ दक्षिणी/शाहजहांपुर। सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के गांव मियांपुर निवासी महादेव की संदिग्ध हाल में हुई मौत के मामले में बीते 25 दिनों से पुलिस यह कहते हुए केस दर्ज करने से कतरा रही है कि अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिला है। उस रिपोर्ट में सामने आने वाले मौत की वजह के आधार पर केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई करने का आश्वासन देकर थाने स्तर पर परिवारवालों को टरकाया जा रहा है। मायूस परिवारवालों ने जिला स्तरीय पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल प्रकरण में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार की है। एसपी सिटी राजेश कुमार ने प्रकरण पर गंभीर संज्ञान लेते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और यथोचित विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।

सेहरामऊ दक्षिणी के गांव मियांपुर से गत 20 सितंबर को महादेव सुबह गांव के गयादीन के साथ पुश्तैनी गांव दिबैयापुर को गया था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा तो परिवारवालों ने उसकी तलाश की और गयादीन से पूछताछ की लेकिन वह बात टाल गया। महादेव की पत्नी सुनीता ने गत 23 सितंबर को थाने पर अपने पति की गुमशुदगी की सूचना दी और उसी रात महादेव का शव गर्रा नदी में क्षत-विक्षत हालत में परिवारवालों को मिला, जिसकी पहचान शव के शरीर पर मिले कपड़ों के आधार पर की गई। फिर गत 24 सितंबर को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उसी दौरान सुनीता ने थाने में तहरीर देकर कहा कि उसके पति महादेव को गांव के गयादीन मजदूरी के लिए लेकर गया था और बाद में उनसे मियांपुर के सर्वेंद्र सिंह उर्फ टूहरू और गांव दिबैयापुर के कलट्टर सिंह व राम भरोसे गर्रा नदी के दूसरी तरफ बसे मजरा गोटिया ले गए। वहां से वापसी में उन सब ने उसके पति को नदी में डुबोकर मार दिया। इस तहरीर के आधार पर केस दर्ज न कर एसओ केके वर्मा ने कहा कि महादेव की मौत अधिक शराब पीने के चलते पानी में डूबने के चलते हुई है। शुरू में उनके इस बयान पर स्थानीय लोगों ने काफी तर्कपूर्ण सवाल उछाल दिए। पहला तो यह कि महादेव ने अधिक शराब पी रखी थी तो वह एक किमी दूर नदी के घाट तक पैदल चलकर कैसे पहुंचा, दूसरा कि जहां मृतक के डूबने की बात कही जा रही है, वहां पानी की गहराई बमुश्किल तीन फीट ही है। जबकि मृतक साढ़े पांच फीट लंबा था, तीसरा कि महादेव तैरना भी जानता था, चौथा कि तीन फीट से  कम गहरे पानी में डूबने लगा तो साथ चल रहे बाकी लोगों ने डूबने से क्यों नहीं बचाया और पांचवां कि उसके डूबने की सूचना घर पर देने के बजाय आरोपों के घेरे में उसके साथी घर छोड़कर क्यों फरार हो गए। सोमवार रात एसओ केके वर्मा ने कहा कि तहरीर मिली है लेकिन उसी के आधार पर केस दर्ज नहीं हो सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने दीजिए, उसमें पुष्ट होने वाले मौत की वजह के आधार पर केस दर्ज कर विवेचना शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed