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Ghaziabad News: पुलिस नहीं कर रही सुनवाई...कहकर चौकी के बाहर युवक ने खुद को लगाई आग
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खोड़ा (गाजियाबाद)। पुरानी रंजिश में मंगलवार को अगवा कर पिटाई करने और फिर पुलिस पर उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए, खोड़ा की नेहरू गार्डन पुलिस चौकी के बाहर मोनू उर्फ इरफान ने बुधवार रात पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। आत्मदाह का प्रयास करने वाले इरफान को वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बचाया और उसके कपड़ों में लगी आग को बुझाया। इस दौरान युवक काफी झुलस गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक दबंगों की पिटाई के बाद कार्रवाई की मांग कर रहा था।
इरफान (18) मूलरूप से पूर्णिया बिहार का रहना वाला है। वह मजदूरी करता है और खोड़ा की वंदना कॉलोनी में मां, भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहता है।
वह भाकियू गजय का भी सदस्य है। उसने बताया कि काॅलोनी में रहने वाले कुछ लड़कों से उसका पुराना विवाद चल रहा है। विवाद के चलते आरोपी उनसे रंजिश रखने लगे थे। आरोप है कि रंजिश के चलते मंगलवार को कॉलोनी में रहने वाले तीन दबंगों ने उन्हें घर के पास से जबरन स्कूटी पर बैठाकर अगवा कर लिया।
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तीनों इरफान को पानी के प्लांट पर ले गए। आरोप है कि वहां तीनों ने उसे बहुत मारा। पिटाई से इरफान बेहोश हो गया। इसके बाद तीनों ने मोनू उर्फ इरफान को प्लांट के बाहर फेंक दिया। तभी वहां से गुजर रहे पड़ोसी इमरान ने देखा और परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी।
सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग इरफान को पुलिस चौकी ले गए। आरोप है कि पुलिस चौकी पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह खोड़ा थाने पहुंचे। थाने पर भी पुलिस कर्मियों द्वारा बोल दिया गया कि अपना मेडिकल करा लो। किसी तरह परिवार के लोग इरफान को लेकर अस्पताल मेडिकल के लिए पहुंचे, लेकिन बिना पुलिस के दस्तावेज के मेडिकल नहीं हुआ। बुधवार शाम के समय मोनू को नेहरू गार्डन पुलिस चौकी बुलाया गया। मोनू साथी के साथ पुलिस चौकी पहुंचा। चौकी पर पहले से ही आरोपी पक्ष बैठा हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता करने को कहा। मोनू ने समझौता करने से इन्कार कर दिया और कार्रवाई की मांग करने लगा।
मेरी सुनवाई नहीं हो रही मैं खुद ही मर जाउंगा
मोनू का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों उस पर दबंगों से समझौता करने का दबाव बनाने लगे। पुलिस का दबाव नहीं मानने पर मोनू को धमकाया गया।
पुलिस का दबाव और दबंगों की धमकी से आहत होकर मोनू आनन फानन में पुलिस चौकी के बाहर आया। उसने पेट्रोल अपने ऊपर डालकर खुद को आग लगा ली। आग बुझने के बाद मोनू को दिल्ली के जीटीबी में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि मोनू के दोनों हाथ और शरीर कई जगह से जल गए हैं। इलाज किया जा रहा है।
साथी की मदद करना मोनू को भारी पड़ा
मोनू ने बताया कि आरोपी पानी का कारोबार करते हैं। आरोपियों के पानी के प्लांट के पास जैद सिद्दीकी की हार्डवेयर की दुकान थी। आरोपी अक्सर पानी के टैंकर जैद सिद्दीकी की दुकान के बाहर खड़ा कर देते थे। जिससे दुकान में आने वाले ग्राहकों को परेशानी होती थी। जैद सिद्दीकी ने कई बार पानी के टैंकरों को हटाने को कहा था। कई बार पानी के टैंकरों को लेकर विवाद भी हुआ था। कुछ समय पूर्व जैद सिद्दीकी के साथ मारपीट के बाद आरोपियों ने उसकी दुकान में ताला भी डाल दिया था।
दुकान में ताला लगाने पर भारतीय किसान यूनियन गजय ने थाने पर धरना-प्रदर्शन किया था। जिसके बाद पुलिस ने दुकान खुलवाकर जैद सिद्दीकी का सामान दुकान से निकलवा दिया था। इस धरने में इरफान उर्फ मोनू भी शामिल हुआ था। जिसके चलते दबंग उससे रंजिश मानने लगे थे।
भाकियू गजय के प्रदेश अध्यक्ष अनीस पांडे ने बताया कि पुलिस की दबंगों से सांठगांठ के चलते ही संगठन के कार्यकर्ता को आत्मदाह के लिए विवश होना पड़ा। संगठन अपने कार्यकर्ता को न्याय दिलवाने के लिए आंदोलन करेगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक शांत नहीं बैठेगा।
क्या बोली पुलिस
एसीपी प्रभारी इंदिरापुरम अमित सक्सेना ने बताया कि मामले में पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। अस्पताल में पीड़ित की हालत में सुधार है।
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इरफान (18) मूलरूप से पूर्णिया बिहार का रहना वाला है। वह मजदूरी करता है और खोड़ा की वंदना कॉलोनी में मां, भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहता है।
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वह भाकियू गजय का भी सदस्य है। उसने बताया कि काॅलोनी में रहने वाले कुछ लड़कों से उसका पुराना विवाद चल रहा है। विवाद के चलते आरोपी उनसे रंजिश रखने लगे थे। आरोप है कि रंजिश के चलते मंगलवार को कॉलोनी में रहने वाले तीन दबंगों ने उन्हें घर के पास से जबरन स्कूटी पर बैठाकर अगवा कर लिया।
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तीनों इरफान को पानी के प्लांट पर ले गए। आरोप है कि वहां तीनों ने उसे बहुत मारा। पिटाई से इरफान बेहोश हो गया। इसके बाद तीनों ने मोनू उर्फ इरफान को प्लांट के बाहर फेंक दिया। तभी वहां से गुजर रहे पड़ोसी इमरान ने देखा और परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी।
सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग इरफान को पुलिस चौकी ले गए। आरोप है कि पुलिस चौकी पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह खोड़ा थाने पहुंचे। थाने पर भी पुलिस कर्मियों द्वारा बोल दिया गया कि अपना मेडिकल करा लो। किसी तरह परिवार के लोग इरफान को लेकर अस्पताल मेडिकल के लिए पहुंचे, लेकिन बिना पुलिस के दस्तावेज के मेडिकल नहीं हुआ। बुधवार शाम के समय मोनू को नेहरू गार्डन पुलिस चौकी बुलाया गया। मोनू साथी के साथ पुलिस चौकी पहुंचा। चौकी पर पहले से ही आरोपी पक्ष बैठा हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता करने को कहा। मोनू ने समझौता करने से इन्कार कर दिया और कार्रवाई की मांग करने लगा।
मेरी सुनवाई नहीं हो रही मैं खुद ही मर जाउंगा
मोनू का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों उस पर दबंगों से समझौता करने का दबाव बनाने लगे। पुलिस का दबाव नहीं मानने पर मोनू को धमकाया गया।
पुलिस का दबाव और दबंगों की धमकी से आहत होकर मोनू आनन फानन में पुलिस चौकी के बाहर आया। उसने पेट्रोल अपने ऊपर डालकर खुद को आग लगा ली। आग बुझने के बाद मोनू को दिल्ली के जीटीबी में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि मोनू के दोनों हाथ और शरीर कई जगह से जल गए हैं। इलाज किया जा रहा है।
साथी की मदद करना मोनू को भारी पड़ा
मोनू ने बताया कि आरोपी पानी का कारोबार करते हैं। आरोपियों के पानी के प्लांट के पास जैद सिद्दीकी की हार्डवेयर की दुकान थी। आरोपी अक्सर पानी के टैंकर जैद सिद्दीकी की दुकान के बाहर खड़ा कर देते थे। जिससे दुकान में आने वाले ग्राहकों को परेशानी होती थी। जैद सिद्दीकी ने कई बार पानी के टैंकरों को हटाने को कहा था। कई बार पानी के टैंकरों को लेकर विवाद भी हुआ था। कुछ समय पूर्व जैद सिद्दीकी के साथ मारपीट के बाद आरोपियों ने उसकी दुकान में ताला भी डाल दिया था।
दुकान में ताला लगाने पर भारतीय किसान यूनियन गजय ने थाने पर धरना-प्रदर्शन किया था। जिसके बाद पुलिस ने दुकान खुलवाकर जैद सिद्दीकी का सामान दुकान से निकलवा दिया था। इस धरने में इरफान उर्फ मोनू भी शामिल हुआ था। जिसके चलते दबंग उससे रंजिश मानने लगे थे।
भाकियू गजय के प्रदेश अध्यक्ष अनीस पांडे ने बताया कि पुलिस की दबंगों से सांठगांठ के चलते ही संगठन के कार्यकर्ता को आत्मदाह के लिए विवश होना पड़ा। संगठन अपने कार्यकर्ता को न्याय दिलवाने के लिए आंदोलन करेगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक शांत नहीं बैठेगा।
क्या बोली पुलिस
एसीपी प्रभारी इंदिरापुरम अमित सक्सेना ने बताया कि मामले में पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। अस्पताल में पीड़ित की हालत में सुधार है।