फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Both were on the same funeral pyre

एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार

Thu, 30 Apr 2015 11:20 PM IST
पुवायां।
पुवायां। Updated Thu, 30 Apr 2015 11:20 PM IST
विज्ञापन
Both were on the same funeral pyre
 गांव बेला छेदा में मंगलवार को रामलड़ैते और उनकी पत्नी प्रभा देवी की हत्या के मामले में बुधवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों के शव परिवार के लोगों को सौंप दिए गए। पति-पत्नी के शव को पैतृक गांव खीरी के मोहम्मदी थाने के गांव अटसार ले जाया गया। बृहस्पतिवार को एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि मंगलवार रात रामलड़ैते और उनकी पत्नी प्रभा देवी की धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रामलड़ैते के बड़े भाई शिवशंकर ने गांव अटसार के चार और गांव बेला छेदा के तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे थे। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव जब परिवार के लोगों को सौंपे गए तो उन्होंने अंतिम संस्कार बेला छेदा के बजाय अटसार में करने को फैसला किया।
विज्ञापन

अंतिम संस्कार होने तक सतर्कता की दृष्टि से पुवायां और मोहम्मदी की पुलिस मौके पर मौजूद रही। तमाम रिश्तेदारों और परिवार के लोगों ने दंपति को नम आंखों से अंतिम विदाई दी और एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब बेला में नहीं रहना चाहता शिवशंकर
पुवायां। मृतक रामलड़ैते अपने बड़े भाई शिवशंकर के साथ एक ही घर में रहता था। मकान में दोनों के हिस्से अलग हैं, लेकिन बीच में कोई बेड़ा आदि नहीं पड़ा हुआ है। रंजिश के चलते शिवशंकर गांव अटसार छोड़कर गांव बेला में रहने को आया तो रामलड़ैते भी उसके साथ ही आ गया। रिश्तेदारों ने कई बार रामलड़ैते से सुरक्षा की दृष्टि से किसी अन्य गांव में रहने को कहा, लेकिन उसने बड़े भाई का साथ छोड़ने से इंकार कर दिया। रामलड़ैते का कहना था कि भाई की रंजिश चल रही है, ऐसे में उससे अलग रहना कतई ठीक न होगा।
एक चर्चा यह भी है कि हत्यारे शिवशंकर को ही मारना चाहते थे। घर में घुसने के बाद उन्होंने परिवार के लोगों से शिवशंकर के बारे में भी पूछा था। रामलड़ैते ने भाई को बचाने के लिए हमलावरों से कह दिया कि शिवशंकर बाहर गए हैं, जबकि शिवशंकर घर की छत पर लेटा था। शिवशंकर के बारे में जानकारी देने से हो सकता था कि रामलड़ैते की जान बच जाती, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। रामलड़ैते की मौत से शिवशंकर पूरी तरह टूट गया है। अब वह गांव बेला से पलायन करने की सोच रहा है। शिवशंकर का कहना है कि रामलडै़त उसके दाहिने हाथ की तरह था। भाई के नहीं रहने पर अकेले गांव बेला में रहने का मन नहीं कर रहा है। वह अपने पैतृक गांव अटसार जाकर रहेगा।


रामलड़ैते के हत्यारे अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर
पुवायां। रामलड़ैते और उसकी पत्नी प्रभा देवी की हत्या करने वाले 36 घंटे बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। नामजद सभी आरोपी घरों से गायब हैं।
दंपति की हत्या में गांव बेला के तीन और गांव अटसार के चार लोगों को नामजद कराया गया है। एएसपी ने सीओ उमेश शर्मा और कोतवाली प्रभारी एके सिंह के नेतृत्व में दो टीमों का गठन कर मामले का खुलासा करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की, लेकिन हत्थे नहीं चढ़ सका। कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही हैं। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed