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अर्थ दंड से बचने को खुद को घोषित किया मृतक
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:06 PM IST
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शाहजहांपुर। मावा का नमूना जांच में फेल होने पर लाखों रुपये अर्थदंड से बचने के लिए जलालाबाद के मावा आढ़ती ने अपनी पत्नी के जरिये स्वयं को मृतक घोषित कर खाद्य सुरक्षा अपील अधिकरण मुरादाबाद में अर्थ दंड माफ करने की याचिका दायर करा दी। इस व्यक्ति की झूठी शिकायतों से तंग आ चुके पेट्रोलियम व्यवसायी की पत्नी पूजा गुप्ता ने डीएम और एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर मावा आढ़ती के जीवित अथवा मृतक होने की जांच कराने की गुहार की है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वर्ष 2014 में जलालाबाद के एक मावा आढ़ती के प्रतिष्ठान से मावा का नमूना लिया था। यह नमूना लखनऊ लैब में फेल होने पर सीएफएसओ ने आढ़ती के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 51 के तहत न्याय निर्णायक अधिकारी/ एडीएम प्रशासन कोर्ट में वाद दायर किया। इस मुकदमे में एडीएम जितेंद्र शर्मा ने मावा आढ़ती को दोषी पाते हुए उस पर 5.25 लाख रुपये जुर्माना ठोंका था।
अर्थ दंड के तौर पर इतनी बड़ी धनराशि राजकीय कोष में जमा कराने से बचने के लिए मावा आढ़ती ने मुरादाबाद के डीजे कोर्ट/ खाद्य सुरक्षा अपील अधिकरण में पत्नी की ओर से इस आशय की अपील दायर करा दी कि पति की मौत होने के कारण जुर्माना माफ कर दिया जाए। इस संबंध में डीएम/ एडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में पेट्रोल पंप संचालक विशाल गुप्ता की पत्नी पूजा ने कहा है कि खुद को मृतक घोषित कराने के बावजूद मावा आढ़ती जीवित और भला-चंगा घूम रहा है।
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अधिकारियों को गुप्ता दंपति ने बताया कि मावा आढ़ती ने अपनी मृत्यु की घोषणा के बाद अपने नाम से एक समिति इसी उद्देश्य से गठित की है कि संस्था के माध्यम से झूठी शिकायतें करके धन की उगाही की जा सके। यही नहीं, उसने खुद को बहरा दर्शाकर झूठी रिपोर्ट के सहारे विकलांगता प्रमाण पत्र भी हासिल कर रखा है, जबकि असल जिंदगी में वह कान से एकदम स्वस्थ है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वर्ष 2014 में जलालाबाद के एक मावा आढ़ती के प्रतिष्ठान से मावा का नमूना लिया था। यह नमूना लखनऊ लैब में फेल होने पर सीएफएसओ ने आढ़ती के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 51 के तहत न्याय निर्णायक अधिकारी/ एडीएम प्रशासन कोर्ट में वाद दायर किया। इस मुकदमे में एडीएम जितेंद्र शर्मा ने मावा आढ़ती को दोषी पाते हुए उस पर 5.25 लाख रुपये जुर्माना ठोंका था।
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अर्थ दंड के तौर पर इतनी बड़ी धनराशि राजकीय कोष में जमा कराने से बचने के लिए मावा आढ़ती ने मुरादाबाद के डीजे कोर्ट/ खाद्य सुरक्षा अपील अधिकरण में पत्नी की ओर से इस आशय की अपील दायर करा दी कि पति की मौत होने के कारण जुर्माना माफ कर दिया जाए। इस संबंध में डीएम/ एडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में पेट्रोल पंप संचालक विशाल गुप्ता की पत्नी पूजा ने कहा है कि खुद को मृतक घोषित कराने के बावजूद मावा आढ़ती जीवित और भला-चंगा घूम रहा है।
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अधिकारियों को गुप्ता दंपति ने बताया कि मावा आढ़ती ने अपनी मृत्यु की घोषणा के बाद अपने नाम से एक समिति इसी उद्देश्य से गठित की है कि संस्था के माध्यम से झूठी शिकायतें करके धन की उगाही की जा सके। यही नहीं, उसने खुद को बहरा दर्शाकर झूठी रिपोर्ट के सहारे विकलांगता प्रमाण पत्र भी हासिल कर रखा है, जबकि असल जिंदगी में वह कान से एकदम स्वस्थ है।