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गोवंश के फसल खा लेने से क्षुब्ध किसान पेड़ पर चढ़ा, दी फांसी की धमकी
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जलालाबाद(शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव चकरैना हमीरपुर में स्थित अस्थाई गोशाला में बंद जानवर भूख से व्याकुल होकर बृहस्पतिवार रात बाड़ा कूदकर बाहर निकल आए और पास के खेतों में घुस गए। जानवर किसानों की करीब चार एकड़ गेहूं की अधिकांश फसल को चट कर गए। इससे क्षुब्ध एक किसान अंगौछा लेकर पेड़ पर चढ़ गया और मुआवजा न मिलने पर फांसी लगा लेने की धमकी दी। जानकारी पर प्रशासन में खलबली मच गई एसडीएम के निर्देेश पर पहुंचे कोतवाल ने सभी प्रभावितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर किसी तरह पेड़ पर चढ़े किसान को नीचे उतारा।
प्रशासन द्वारा बनवाए गए इस अस्थाई गोशाला में 30-35 जानवर बंद हैं इसे चारों ओर से बल्लियों से कवर कर दिया गया था बीती रात कई जानवर बल्लियां कूदकर बाहर निकल आए और पास में स्थित गेहूं के खेतों में घुस गए। जानवरों ने फसल को खाने के अलावा उसे रौंद दिया जिससे अधिकांश फसल बर्बाद हो गई। सुबह जब खेत मालिक उस तरफ पहुंचे तो मामले की जानकारी हुई।
गांव हारगुरैया निवासी खेत मालिक राजू की आठ, पृथ्वीराज की छह, रामप्रकाश की तीन, मान सिंह की चार और बृजलाल की पांच बीघा जमीन शामिल है। राजू के पास केवल आठ बीघा ही खेत है उसमें खड़ी गेंहू की फसल बर्बाद हो जाने का उसे गहरा आघात लगा और वह पास में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़ गया। उसका कहना था कि उसके घर में छह सदस्य है फसल बर्बाद हो जाने के बाद वह अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेगा उसका जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए प्रशासन मुआवजा दे अन्यथा वह फांसी लगाकर जान दे देगा। अन्य ग्रामीणों के द्वारा जब यह बात प्रशासन तक पहुंची तो खलबली मच गई मौके पर पहुंचे कोतवाल हरेंद्र सिंह ने राजू की बात मोबाइल से एसडीएम वेद सिंह चौहान से कराई। एसडीएम ने राजू के अलावा सभी पीड़ित को यथासंभव मुआवजा देने का भरोसा दिया इसके बाद लगभग तीन घंटे से पेड़ पर चढ़ा किसान नीचे उतार आया। एसडीएम ने बताया कि फसल के नुकसान की लेखपाल से जांच कराकर प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल योजना से मुआवजा दिलाया जाएगा।
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कई दिनों से भूखे थे जानवर
प्रशासन द्वारा बनवाई गई अस्थाई गोशाला में बंद जानवरों को कई दिनों से चारा नसीब नहीं हुआ था ग्रामीणों का कहना था कि करीब पांच दिनों से यहां बंद जानवरों को भूसा या किसी तरह का चारा नहीं दिया गया भूखे जानवर बल्लियां कूदकर बाहर निकल आए और फसल खा गए।
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प्रशासन द्वारा बनवाए गए इस अस्थाई गोशाला में 30-35 जानवर बंद हैं इसे चारों ओर से बल्लियों से कवर कर दिया गया था बीती रात कई जानवर बल्लियां कूदकर बाहर निकल आए और पास में स्थित गेहूं के खेतों में घुस गए। जानवरों ने फसल को खाने के अलावा उसे रौंद दिया जिससे अधिकांश फसल बर्बाद हो गई। सुबह जब खेत मालिक उस तरफ पहुंचे तो मामले की जानकारी हुई।
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गांव हारगुरैया निवासी खेत मालिक राजू की आठ, पृथ्वीराज की छह, रामप्रकाश की तीन, मान सिंह की चार और बृजलाल की पांच बीघा जमीन शामिल है। राजू के पास केवल आठ बीघा ही खेत है उसमें खड़ी गेंहू की फसल बर्बाद हो जाने का उसे गहरा आघात लगा और वह पास में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़ गया। उसका कहना था कि उसके घर में छह सदस्य है फसल बर्बाद हो जाने के बाद वह अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेगा उसका जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए प्रशासन मुआवजा दे अन्यथा वह फांसी लगाकर जान दे देगा। अन्य ग्रामीणों के द्वारा जब यह बात प्रशासन तक पहुंची तो खलबली मच गई मौके पर पहुंचे कोतवाल हरेंद्र सिंह ने राजू की बात मोबाइल से एसडीएम वेद सिंह चौहान से कराई। एसडीएम ने राजू के अलावा सभी पीड़ित को यथासंभव मुआवजा देने का भरोसा दिया इसके बाद लगभग तीन घंटे से पेड़ पर चढ़ा किसान नीचे उतार आया। एसडीएम ने बताया कि फसल के नुकसान की लेखपाल से जांच कराकर प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल योजना से मुआवजा दिलाया जाएगा।
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कई दिनों से भूखे थे जानवर
प्रशासन द्वारा बनवाई गई अस्थाई गोशाला में बंद जानवरों को कई दिनों से चारा नसीब नहीं हुआ था ग्रामीणों का कहना था कि करीब पांच दिनों से यहां बंद जानवरों को भूसा या किसी तरह का चारा नहीं दिया गया भूखे जानवर बल्लियां कूदकर बाहर निकल आए और फसल खा गए।