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खाद फैक्ट्री के उप प्रबंधक का शव पहुंचा तो मच गया कोहराम
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कांट (शाहजहांपुर)। पिपरौला स्थित खाद फैक्ट्री कृभको श्याम फर्टिलाइजर के मैकेनिकल उप प्रबंधक (मैकेनिकल) पारसनाथ यादव का शव हरदोई से पोस्टमार्टम के बाद देर शाम यहां पहुंचा, तो घर में कोहराम मच गया। फैक्ट्री के कर्मचारी भी उनकी मौत पर शोक में थे, लेकिन वह यह नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर शैलेंद्र ने हत्या क्यों की।
वर्ष 2007 में उन्होंने फैक्ट्री में मैकेनिक के तौर पर ज्वाइनिंग ली थी। इसके बाद उनकी कार्यशैली को देखते हुए उन्हें मैकेनिक विभाग में उप प्रबंधक का पद मिला था। पारसनाथ की मौत की खबर हरदोई पुलिस के जरिये पहले कांट पुलिस के पास पहुंची, फिर कांट पुलिस ने उनकी पत्नी स्नेहा को घटना की जानकारी दी। पारसनाथ की मौत से उसके तीन साल के बेटे ध्रुव व सात साल की दिव्यांशी के सिर से पिता का साया उठ गया है। पारसनाथ दो भाई थे उनसे छोटा अतुल है। हरदोई से देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव फैक्ट्री स्थित कॉलोनी में उनके आवास पर लाया गया। इसके बाद शव परिजन आजमगढ़ लेकर चले गए। चर्चा यह भी है कि हरदोई पुलिस को एक ट्रक चालक ने आरोपी शैलेंद्र का मोबाइल दिया है। जिसमें उसकी आवाज रिकॉर्ड है। वह उसमें अपनी पत्नी से कह रहा है कि उसने पारसनाथ की हत्या कर दी है। बताते हैं कि ट्रक में चढ़ते समय उसने चालक से भी यह बात कही थी कि वह एक की हत्या करके आ रहा है, तो इस पर चालक ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इस पर वह भागा तो उसका मोबाइल छूट गया, जो अब हरदोई पुलिस के पास है।
साइको का मरीज है शैलेंद्र, कराने गया था इलाज
शैलेंद्र साइको का मरीज था। पारस से उसकी घनिष्ठता थी। इसलिए पारसनाथ उसकी दवा दिलवाने के लिए लखनऊ गए थे। वहीं से दोनों लौट रहे थे। रास्ते में अचानक शैलेंद्र ने हमला बोल दिया और हत्या कर दी।
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पारसनाथ के घर बैठी थी हत्यारोपी की पत्नी
बताया जा रहा है कि जिस समय रात नौ बजे पारसनाथ ने घर पर फोन किया था, उस समय शैलेंद्र की पत्नी पारसनाथ के ही घर उसकी पत्नी स्नेहा के पास बैठी हुई थी और दोनों के लौटने के बाद पारसनाथ के घर पर ही खाना खाने का प्रोग्राम था, लेकिन कुछ देर बाद शैलेंद्र ने अपनी पत्नी को कॉल की और इसके बाद शैलेंद्र की पत्नी स्नेहा के पास से उठी और चली गई। उसने अपने आवास का ताला लगाया और गायब हो गई। दो साल से दोनों परिवार में काफी घनिष्ठता थी।
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वर्ष 2007 में उन्होंने फैक्ट्री में मैकेनिक के तौर पर ज्वाइनिंग ली थी। इसके बाद उनकी कार्यशैली को देखते हुए उन्हें मैकेनिक विभाग में उप प्रबंधक का पद मिला था। पारसनाथ की मौत की खबर हरदोई पुलिस के जरिये पहले कांट पुलिस के पास पहुंची, फिर कांट पुलिस ने उनकी पत्नी स्नेहा को घटना की जानकारी दी। पारसनाथ की मौत से उसके तीन साल के बेटे ध्रुव व सात साल की दिव्यांशी के सिर से पिता का साया उठ गया है। पारसनाथ दो भाई थे उनसे छोटा अतुल है। हरदोई से देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव फैक्ट्री स्थित कॉलोनी में उनके आवास पर लाया गया। इसके बाद शव परिजन आजमगढ़ लेकर चले गए। चर्चा यह भी है कि हरदोई पुलिस को एक ट्रक चालक ने आरोपी शैलेंद्र का मोबाइल दिया है। जिसमें उसकी आवाज रिकॉर्ड है। वह उसमें अपनी पत्नी से कह रहा है कि उसने पारसनाथ की हत्या कर दी है। बताते हैं कि ट्रक में चढ़ते समय उसने चालक से भी यह बात कही थी कि वह एक की हत्या करके आ रहा है, तो इस पर चालक ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इस पर वह भागा तो उसका मोबाइल छूट गया, जो अब हरदोई पुलिस के पास है।
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साइको का मरीज है शैलेंद्र, कराने गया था इलाज
शैलेंद्र साइको का मरीज था। पारस से उसकी घनिष्ठता थी। इसलिए पारसनाथ उसकी दवा दिलवाने के लिए लखनऊ गए थे। वहीं से दोनों लौट रहे थे। रास्ते में अचानक शैलेंद्र ने हमला बोल दिया और हत्या कर दी।
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पारसनाथ के घर बैठी थी हत्यारोपी की पत्नी
बताया जा रहा है कि जिस समय रात नौ बजे पारसनाथ ने घर पर फोन किया था, उस समय शैलेंद्र की पत्नी पारसनाथ के ही घर उसकी पत्नी स्नेहा के पास बैठी हुई थी और दोनों के लौटने के बाद पारसनाथ के घर पर ही खाना खाने का प्रोग्राम था, लेकिन कुछ देर बाद शैलेंद्र ने अपनी पत्नी को कॉल की और इसके बाद शैलेंद्र की पत्नी स्नेहा के पास से उठी और चली गई। उसने अपने आवास का ताला लगाया और गायब हो गई। दो साल से दोनों परिवार में काफी घनिष्ठता थी।