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महिला की गला घोंटकर हत्या, नदी किनारे मिला शव
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महिला की गला घोटकर हत्या, नदी किनारे मिला शव
जलालाबाद। क्षेत्र के गांव तिकोला में मंगलवार रात महिला की गला घोटकर हत्या कर दी गई। शव घर से दो सौ मीटर दूर बुधवार सुबह बहगुल नदी किनारे पड़ा मिला। उसके गले में बिजली का केबिल कसा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। घटना को लेकर पुलिस की शक की सुई महिला के करीबियों पर घूम रही है। पति ने किसी से भी रंजिश होने से इंकार किया है। पुलिस ने पति की सूचना के आधार पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीएम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
गांव तिकोला निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात वह खाना खाने के बाद पत्नी 40 वर्षीय सीता व तीन बच्चों के साथ घर के बरामदे में बिछे पुआल के बिस्तर पर सो गया। रात करीब एक बजे उसे पास पड़ोस के लोगों ने सूचना दी कि घर के पास ही रखे उसके कंडे के बठिया में किसी ने आग लगा दी है। वह और उसके तीनों बेटे बिस्तर से उठकर आग बुझाने चले गए। इस दौरान उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई। आग बुझाकर वह वापस घर लौटा तो पत्नी बिस्तर पर नहीं थी। इसके बाद वह लोग सीता की तलाश में जुट गए लेकिन उसका पता नहीं चला। उसने बड़े बेटे 16 वर्षीय पवन को गांव से तीन किलोमीटर दूर स्थित साढू रामनिवास के घर गांव खंडहर भेजा लेकिन पता चला कि पत्नी वहां भी नहीं है। इसके बाद वह लोग दिन निकलने का इंतजार करने लगे। मनोज के अनुसार बुधवार सुबह गांव के कुछ लोग बहगुल नदी किनारे शौच को गए तो वहां महिला की लाश देख उसे ग्रामीणों ने सूचना दी जब वह वहां पहुंचा तो वह लाश उसकी पत्नी सीता की थी। उसके गले में बिजली का केबिल कसा हुआ था। उसने पुलिस ने बताया कि बिजली के मोटे केबिल से गला घोट कर पत्नी को मारा गया लेकिन उसने किसी से भी रंजिश से इंकार कर दिया। महिला के शरीर में किसी और जगह चोट के निशान नहीं थे। महिला के शरीर पर पेटीकोट और पूरे आस्तीन का ब्लाउज था जबकि उसकी साड़ी उसके बिस्तर पर ही मिली। मृतका के चार बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी बेटी शिवानी की शादी हो चुकी है जबकि उसका बेटा पवन 16, कौशल 14 व केशव 10 साल का है।
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तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि महिला की हत्या की गई है लेकिन पति की ओर से किसी से रंजिश या हत्या किए जाने की कोई तहरीर नहीं दी गई है। पति की सूचना के आधार पर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका के मायके वालों का इंतजार किया जा रहा है। घटना की गहनता से जांच की जा रही है, जल्द की मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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हरेंद्र सिंह कोतवाल जलालाबाद।
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किसी के गले नही उतर रही मनोज बताई कहानी
गांव वालों की सूचना पर पहुंची थी मौके पर पुलिस
जलालाबाद। गांव तिकोला निवासी मनोज कुमार अपनी पत्नी सीता की मौत को लेकर जो बात बता रहा है, वह पुलिस से लेकर ग्रामीणों तक के गले नहीं उतर रही है। इस कहानी में कई ऐसे झोल हैं, जो पूरी घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। मसलन जब वह बच्चों सहित बठिया में लगी आग को बुझाने के लिए उठा, तब उसकी पत्नी बिस्तर पर थी या नही? यदि थी, तो वह आग बुझाने क्यों नही गई? यदि मान लें कि उस दौरान मनोज ने पत्नी का ध्यान नहीं दिया, तो फिर बाद में जब उसे पत्नी के गायब होने की जानकारी हुई तो उसने यह बात पास पड़ोसियों को बताना क्यों उचित नहीं समझी और रात में उसे अकेले ही तलाशने निकल पड़ा। जिस जगह मनोज का घर है उसके पीछे कोई मकान नहीं हैं। खेत और कुछ दूर बहगुल नदी बह रही है जबकि पास में कई घर उसके परिवार के लोगों के ही है। दूसरी बात यह कि वह महिला रात में अकेली और ठंड में बिना साड़ी पहने किन परिस्थितियों में नदी किनारे उस सुनसान जगह पहुंच गई। अचानक रात में बठिया में आग लगने की घटना का महिला की हत्या की घटना से संबंध होने से भी इंकार नही किया जा सकता। सबसे अहम बात यह कि सीता की मौत की जानकारी उसके पति से नहीं बल्कि किसी गांव वाले के फोन से पुलिस तक पहुंची। पुलिस अभी कुछ भी बताने से बच जरूर रही है लेकिन वह काफी हद तक मामले की तह तक पहुंच चुकी है।
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जलालाबाद। क्षेत्र के गांव तिकोला में मंगलवार रात महिला की गला घोटकर हत्या कर दी गई। शव घर से दो सौ मीटर दूर बुधवार सुबह बहगुल नदी किनारे पड़ा मिला। उसके गले में बिजली का केबिल कसा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। घटना को लेकर पुलिस की शक की सुई महिला के करीबियों पर घूम रही है। पति ने किसी से भी रंजिश होने से इंकार किया है। पुलिस ने पति की सूचना के आधार पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीएम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
गांव तिकोला निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात वह खाना खाने के बाद पत्नी 40 वर्षीय सीता व तीन बच्चों के साथ घर के बरामदे में बिछे पुआल के बिस्तर पर सो गया। रात करीब एक बजे उसे पास पड़ोस के लोगों ने सूचना दी कि घर के पास ही रखे उसके कंडे के बठिया में किसी ने आग लगा दी है। वह और उसके तीनों बेटे बिस्तर से उठकर आग बुझाने चले गए। इस दौरान उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई। आग बुझाकर वह वापस घर लौटा तो पत्नी बिस्तर पर नहीं थी। इसके बाद वह लोग सीता की तलाश में जुट गए लेकिन उसका पता नहीं चला। उसने बड़े बेटे 16 वर्षीय पवन को गांव से तीन किलोमीटर दूर स्थित साढू रामनिवास के घर गांव खंडहर भेजा लेकिन पता चला कि पत्नी वहां भी नहीं है। इसके बाद वह लोग दिन निकलने का इंतजार करने लगे। मनोज के अनुसार बुधवार सुबह गांव के कुछ लोग बहगुल नदी किनारे शौच को गए तो वहां महिला की लाश देख उसे ग्रामीणों ने सूचना दी जब वह वहां पहुंचा तो वह लाश उसकी पत्नी सीता की थी। उसके गले में बिजली का केबिल कसा हुआ था। उसने पुलिस ने बताया कि बिजली के मोटे केबिल से गला घोट कर पत्नी को मारा गया लेकिन उसने किसी से भी रंजिश से इंकार कर दिया। महिला के शरीर में किसी और जगह चोट के निशान नहीं थे। महिला के शरीर पर पेटीकोट और पूरे आस्तीन का ब्लाउज था जबकि उसकी साड़ी उसके बिस्तर पर ही मिली। मृतका के चार बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी बेटी शिवानी की शादी हो चुकी है जबकि उसका बेटा पवन 16, कौशल 14 व केशव 10 साल का है।
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तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि महिला की हत्या की गई है लेकिन पति की ओर से किसी से रंजिश या हत्या किए जाने की कोई तहरीर नहीं दी गई है। पति की सूचना के आधार पर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका के मायके वालों का इंतजार किया जा रहा है। घटना की गहनता से जांच की जा रही है, जल्द की मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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हरेंद्र सिंह कोतवाल जलालाबाद।
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किसी के गले नही उतर रही मनोज बताई कहानी
गांव वालों की सूचना पर पहुंची थी मौके पर पुलिस
जलालाबाद। गांव तिकोला निवासी मनोज कुमार अपनी पत्नी सीता की मौत को लेकर जो बात बता रहा है, वह पुलिस से लेकर ग्रामीणों तक के गले नहीं उतर रही है। इस कहानी में कई ऐसे झोल हैं, जो पूरी घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। मसलन जब वह बच्चों सहित बठिया में लगी आग को बुझाने के लिए उठा, तब उसकी पत्नी बिस्तर पर थी या नही? यदि थी, तो वह आग बुझाने क्यों नही गई? यदि मान लें कि उस दौरान मनोज ने पत्नी का ध्यान नहीं दिया, तो फिर बाद में जब उसे पत्नी के गायब होने की जानकारी हुई तो उसने यह बात पास पड़ोसियों को बताना क्यों उचित नहीं समझी और रात में उसे अकेले ही तलाशने निकल पड़ा। जिस जगह मनोज का घर है उसके पीछे कोई मकान नहीं हैं। खेत और कुछ दूर बहगुल नदी बह रही है जबकि पास में कई घर उसके परिवार के लोगों के ही है। दूसरी बात यह कि वह महिला रात में अकेली और ठंड में बिना साड़ी पहने किन परिस्थितियों में नदी किनारे उस सुनसान जगह पहुंच गई। अचानक रात में बठिया में आग लगने की घटना का महिला की हत्या की घटना से संबंध होने से भी इंकार नही किया जा सकता। सबसे अहम बात यह कि सीता की मौत की जानकारी उसके पति से नहीं बल्कि किसी गांव वाले के फोन से पुलिस तक पहुंची। पुलिस अभी कुछ भी बताने से बच जरूर रही है लेकिन वह काफी हद तक मामले की तह तक पहुंच चुकी है।