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गंगसरा के चर्चित नवजोत प्रकरण की विवेचना में खेल करने का आरोप

Wed, 25 Jul 2018 12:08 AM IST
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:08 AM IST
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गंगसरा के चर्चित नवजोत प्रकरण की विवेचना में खेल करने का आरोप
गंगसरा के चर्चित नवजोत प्रकरण की विवेचना में खेल करने का आरोप
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इंस्पेक्टर ने नामजद कराए थे तेरह लोग, एसआई ने विवेचना में सात लोगों को बताया निर्दोष
आरोपी ठहराए गए लोग एसपी से मिले, फिर से विवेचना कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। गांव गंगसरा के चर्चित नवजोत सिंह प्रकरण में पुवायां के तत्कालीन इंस्पेक्टर ने 13 लोगों को नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि विवेचक ने जांच में खेल कर दिया और इंस्पेक्टर के नामजद कराए सात लोगों को निर्दोष बताते हुए चार्जशीट भेज दी। इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एसपी से पुन: विवेचना कराए जाने की मांग की गई है।
गांव गंगसरा निवासी उपजीत सिंह का 22 वर्षीय पुत्र नवजोत सिंह 19 अगस्त 17 की रात को अचानक गायब हो गया था। गायब होने से पहले उसने बहन को फोन कर बताया था कि कुछ लोग उसका अपहरण कर ले जा रहे हैं। नवजोत के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गांव गंगसरा के बाबूराम, बाबूराम के पुत्र रमाकांत, बादाम सिंह, रामआसरे, बाबूराम का दामाद नाम अज्ञात, वीरपाल, अमर सिंह, सतेंद्र और रंजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में 22 अगस्त को गंगसरा में हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। पुवायां के तत्कालीन इंस्पेक्टर हरीश राजपूत की ओर से चक्का जाम करने, वाहनों में तोड़फोड़ करने, प्रशासन विरोधी नारे लगाने, अराजकता फैलाने के आरोप में गुरमीत सिंह, निशान सिंह, जसवीर सिंह, परमेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, बलजीत सिंह, स्वर्ण सिंह नामधारी, ज्ञानेंद्र सिंह, नवजोत की बुआ, मुनेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, शुभजीत सिंह और 60 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच नवजोत सिंह लखनऊ के पास से मिल गया और उसने बताया कि उसने प्यार पाने के लिए खुद की अपहरण का ड्रामा रख था।
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चक्का जाम प्रकरण की विवेचना एसआई सुरेश सिंह को दी गई, लेकिन प्रकरण में गवाह भी होने के कारण विवेचना एसआई जसवंत सिंह रंधावा को दी गई। जसवंत सिंह रंधावा ने विवेचना में अपने ही इंस्पेक्टर की बात को झुठलाते हुए नवजोत की बुआ, गुरमीत सिंह, निशान सिंह, जसवीर सिंह, जगदीश सिंह, बलजीत सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह को जुर्म में शामिल नहीं होना बताकर क्लीन चिट दे दी। मामले में चार्जशीट भी लगा दी गई। जानकारी पाकर आरोपी साबित किए गए लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की फिर से विवेचना कराए जाने की मांग की है।
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60 अज्ञात में केवल चार पर चार्जशीट
इंस्पेक्टर की ओर से रिपोर्ट में 60 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन विवेचक केवल चार लोगों गांव तेंदुआ के मिन्ना, इनायतपुर के उमंगवीर सिंह, बलविंदर सिंह और गांव गदाईसांडा के मनमोहन सिंह फुकरा को ही तलाश कर सके और चार्जशीट लगा दी।
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मुख्यमंत्री से की शिकायत में भी विवेचक पर जताया संदेह
स्वर्ण सिंह नामधारी आदि ने मुख्यमंत्री से जो शिकायत की है उसमें इंस्पेक्टर की ओर से नामजद कराए गए लोगों को चक्का जाम करने में शामिल बताते हुए खुद को चश्मदीद बताया गया है। आरोप है कि तमाम फोटो और वीडियो क्लिप होने के बाद भी आरोपियों को निर्दोष और निर्दोष लोगों को आरोपी बना दिया गया।

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नेता पर भी उठाई अंगुली
क्षेत्र के एक नेता पर विवेचना में दखल देने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की विवेचना वीडियो और फोटो के साक्ष्यों के आधार पर कराए जाने की मांग की गई है। आरोपी है कि नेता ने कई लोगों से भारी रकम की वसूली की है। अज्ञात लोगों के मामले में भी खेल किया गया है। वीडियो, फोटो में तमाम लोग जाम लगाए दिख रहे हैं, लेकिन मात्र चार लोगों को ही आरोपी बनाया गया है।
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