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हत्या के बाद दहशत में परिवार, गांव से किया पलायन
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बच्चे की हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने छोड़ा गांव
मुड़िया पमार (शाहजहांपुर)। थाना सिंधौली क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर में 19 जनवरी को बालक की बेरहमी से पीट कर व आंख फोड़ कर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने भले ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हो, लेकिन पीड़ित परिवार के दिल में बैठी भय व दहशत अभी कायम है। पीड़ित परिवार को अब आरोपी के परिवार के लोगों से खुद की जान का खतरा सताने लगा है। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से उसके घर के आसपास कुछ लोग रात में पिछले तीन दिन से चहलकदमी कर रहे हैं। इसकी उसकी शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने उसकी गुहार अनसुनी कर दी। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने गांव से छोड़ना ही बेहतर समझा।
बता दें कि 19 जनवरी को नगला शाहजहां निवासी वीरपाल का 11 वर्षीय पुत्र शोभित उर्फ बादल बकरी चराने गया था। जहां उसकी बकरी नगला शाहजहां के ही रोहित सिंह के खेत में चली गई थी। इस पर रोहित ने शोभित उर्फ बादल की बुरी तरह पिटाई करने के साथ उसकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं। गंभीर रूप से घायल शोभित ने इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। शोभित की बेरहमी से पिटाई के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी रोहित सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक बालक के ताऊ मोतीलाल का कहना है कि घटना के तीन दिन बाद तक उसके घर के आस-पास रात 12 बजे से एक बजे के बीच कुछ लोगों की आहट सुनाई दी। लगातार तीन दिन तक आहट सुनाई पड़ने से उसका परिवार दहशत में आ गया। इस संबंध में उसने थाना पुलिस से मौखिक और लिखित तौर पर भी शिकायत करते हुए सुरक्षा की मांग की, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि आरोपी के जेल जाने के बाद से उसके परिवार के लोग अब और रंजिश मानने लगे हैं। इस लिए उन लोगों से उसकी जान को खतरा पैदा हो गया है। पुलिस भी उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही है। लिहाजा मजबूरन उन्हें परिवार समेत गांव छोड़ना पड़ रहा है। मोतीलाल ने बताया कि उसका पूरा परिवार अब गांव छोड़कर रायपुर में रह रहा है। मोतीलाल ने बताया कि रायपुर में उसकी माधुरी रामरतन को ब्याही है। वहीं थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुभाष कुमार का कहना है कि उनके पास कोई नहीं आया, इंस्पेक्टर छुट्टी पर हैं। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा।
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बालक की हत्या के बाद से दहशतजदा पीड़ित परिवार के गांव छोड़ चले जाने का मामला मेरे संज्ञान में अभी नहीं आया है। यदि ऐसा कुछ है तो मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या आरोपी जेल भेजा जा चुका है।
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डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी
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मुड़िया पमार (शाहजहांपुर)। थाना सिंधौली क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर में 19 जनवरी को बालक की बेरहमी से पीट कर व आंख फोड़ कर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने भले ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हो, लेकिन पीड़ित परिवार के दिल में बैठी भय व दहशत अभी कायम है। पीड़ित परिवार को अब आरोपी के परिवार के लोगों से खुद की जान का खतरा सताने लगा है। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से उसके घर के आसपास कुछ लोग रात में पिछले तीन दिन से चहलकदमी कर रहे हैं। इसकी उसकी शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने उसकी गुहार अनसुनी कर दी। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने गांव से छोड़ना ही बेहतर समझा।
बता दें कि 19 जनवरी को नगला शाहजहां निवासी वीरपाल का 11 वर्षीय पुत्र शोभित उर्फ बादल बकरी चराने गया था। जहां उसकी बकरी नगला शाहजहां के ही रोहित सिंह के खेत में चली गई थी। इस पर रोहित ने शोभित उर्फ बादल की बुरी तरह पिटाई करने के साथ उसकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं। गंभीर रूप से घायल शोभित ने इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। शोभित की बेरहमी से पिटाई के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी रोहित सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक बालक के ताऊ मोतीलाल का कहना है कि घटना के तीन दिन बाद तक उसके घर के आस-पास रात 12 बजे से एक बजे के बीच कुछ लोगों की आहट सुनाई दी। लगातार तीन दिन तक आहट सुनाई पड़ने से उसका परिवार दहशत में आ गया। इस संबंध में उसने थाना पुलिस से मौखिक और लिखित तौर पर भी शिकायत करते हुए सुरक्षा की मांग की, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि आरोपी के जेल जाने के बाद से उसके परिवार के लोग अब और रंजिश मानने लगे हैं। इस लिए उन लोगों से उसकी जान को खतरा पैदा हो गया है। पुलिस भी उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही है। लिहाजा मजबूरन उन्हें परिवार समेत गांव छोड़ना पड़ रहा है। मोतीलाल ने बताया कि उसका पूरा परिवार अब गांव छोड़कर रायपुर में रह रहा है। मोतीलाल ने बताया कि रायपुर में उसकी माधुरी रामरतन को ब्याही है। वहीं थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुभाष कुमार का कहना है कि उनके पास कोई नहीं आया, इंस्पेक्टर छुट्टी पर हैं। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा।
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बालक की हत्या के बाद से दहशतजदा पीड़ित परिवार के गांव छोड़ चले जाने का मामला मेरे संज्ञान में अभी नहीं आया है। यदि ऐसा कुछ है तो मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या आरोपी जेल भेजा जा चुका है।
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