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बाबा की संदिग्ध हालात में मौत
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बाबा की संदिग्ध परिस्थिति मेें मौत
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। कोलाघाट पुल के नीचे झोपड़ी में रह रहे एक बाबा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। चारपाई के पास खून पड़ा था और कान के पास चोट का निशान भी दिखाई दे रहा था। पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना स्थल के आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि बाबा का नाम सीताराम था। उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष थी। मंगलवार सुबह लोग साधू की कुटिया पर गए, तो देखा कि बाबा चारपाई पर बिस्तर पर बैठी मुद्रा में प्राण त्याग चुके थे। चारपाई के पास खून पड़ा हुआ था। उनके कान में चोट का निशान था। जबकि बाबा की कुटिया में उनका मोबाइल, कुछ रुपये व उनके इस्तेमाल का सभी सामान ज्यों का त्यों रखा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि बाबा की बीमारी के चलते खून की उल्टी होने व चारपाई पर एक ओर गिरने से कान में चोट लगने से मौत हुई होगी। ग्रामीणों ने बाबा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की सूचना मिर्जापुर पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बाबा बताते थे, कि यहां से पहले वे बरेली जिले के थाना हाफिजगंज के गांव खाता रिठौरा के मंदिर पर भगवान की सेवा करते थे। वे मूल रूप से बरेली जिले के थाना नवाबगंज के गांव ज्योरा जयनगर के निवासी थे। ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व वह ढाईघाट में गंगा स्नान करने आए थे। कोलाघाट पुल के नीचे एकांत स्थान उन्हें पसंद आ गया। वे यहीं के होकर रह गए। क्षेत्र के लोग समय-समय पर बाबा की मदद करते रहते थे।
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बाबा की मौत का कारण जानने के लिए शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। ग्रामीणों के बताए पते पर बाबा की जानकारी की जा रही है।
सुधाकर पांडेय, प्रभारी निरीक्षक मिर्जापुर
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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। कोलाघाट पुल के नीचे झोपड़ी में रह रहे एक बाबा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। चारपाई के पास खून पड़ा था और कान के पास चोट का निशान भी दिखाई दे रहा था। पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना स्थल के आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि बाबा का नाम सीताराम था। उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष थी। मंगलवार सुबह लोग साधू की कुटिया पर गए, तो देखा कि बाबा चारपाई पर बिस्तर पर बैठी मुद्रा में प्राण त्याग चुके थे। चारपाई के पास खून पड़ा हुआ था। उनके कान में चोट का निशान था। जबकि बाबा की कुटिया में उनका मोबाइल, कुछ रुपये व उनके इस्तेमाल का सभी सामान ज्यों का त्यों रखा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि बाबा की बीमारी के चलते खून की उल्टी होने व चारपाई पर एक ओर गिरने से कान में चोट लगने से मौत हुई होगी। ग्रामीणों ने बाबा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की सूचना मिर्जापुर पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बाबा बताते थे, कि यहां से पहले वे बरेली जिले के थाना हाफिजगंज के गांव खाता रिठौरा के मंदिर पर भगवान की सेवा करते थे। वे मूल रूप से बरेली जिले के थाना नवाबगंज के गांव ज्योरा जयनगर के निवासी थे। ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व वह ढाईघाट में गंगा स्नान करने आए थे। कोलाघाट पुल के नीचे एकांत स्थान उन्हें पसंद आ गया। वे यहीं के होकर रह गए। क्षेत्र के लोग समय-समय पर बाबा की मदद करते रहते थे।
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बाबा की मौत का कारण जानने के लिए शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। ग्रामीणों के बताए पते पर बाबा की जानकारी की जा रही है।
सुधाकर पांडेय, प्रभारी निरीक्षक मिर्जापुर