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शहरी उपभोक्ताओं पर बिजली का 15 करोड़ बकाया

अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।  Updated Sun, 21 May 2017 11:56 PM IST
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बिजली - फोटो : अमर उजाला

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बिजली बिल चुकाने को ओटीएस में नहीं करा रहे रजिस्ट्रेशन 
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एक माह में विभाग को मिले केवल नौ करोड़ रुपये
शेष रकम वसूलने के लिए जून माह से होगी सख्ती

करोड़ों रुपये का बकाया बिजली राजस्व वसूल करने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना में सरचार्ज पर छूट का लाभ घोषित किए जाने के बाद भी अधिकांश बिजली बकाएदार उपभोक्ता कोई भाव नहीं दे रहे हैं। केवल शहरी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ता 15 करोड़ रुपये का राजस्व दबाए बैठे हैं, लेकिन ओटीएस में रजिस्ट्रेशन कराने की उनमें कोई दिलचस्पी नहीं है। इसे देखते विभाग ने भी योजना अवधि खत्म होने के तुरंत बाद बड़े बाकीदारों पर सख्ती करने का निर्णय किया है। 
 
4.50 लाख की आबादी में कनेक्शन सिर्फ 68 हजार
शहर की आबादी करीब 4.50 लाख हो चुकी है। शहरी सीमा का सभी दिशाओं में तेजी से विस्तार हो रहा है और नए रिहायशी क्षेत्र विकसित होने के साथ धड़ाधड़ कॉलोनियां और मकान बन रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि एक परिवार में औसतन पांच सदस्य के अनुपात में शहरी क्षेत्र में कम से कम 90 हजार कनेक्शन होने चाहिए। आबादी के मानक की कसौटी पर शहरी क्षेत्र में लगभग 25 हजार बिजली कनेक्शन बढ़ने चाहिए। 

 
45 प्रतिशत उपभोक्ता नियमित जमा कर रहे बिल
कनेक्शन लेने वालों को उपभोग की गई बिजली बिलों का भुगतान हर माह करना चाहिए। उनकी सुविधा के लिए बहादुरगंज और सदर तहसील में स्पॉट बिलिंग सेंटर समेत 33 केवी क्षमता वाले सभी सातों सब स्टेशनों पर कैश काउंटर खोले गए हैं। यही नहीं, घर बैठे बिलिंग सुविधा देने के लिए शहर के विभिन्न मोहल्लों में निश्चित ठिकानों पर दो मोबाइल वैन का मूवमेंट कराया जा रहा है। इसके बावजूद केवल 40 से 45 प्रतिशत उपभोक्ता बिजली की देनदारी नियमित चुका रहे हैं।  
 
ओटीएस में 24 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य
गत 15 अप्रैल से लागू हुई ओटीएस स्कीम में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं से करीब 24 करोड़ रुपये राजस्व जमा कराया जाना है, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी योजना को अपेक्षित रिस्पांस नहीं मिल रहा है। इसीलिए अभी तक केवल नौ करोड़ रुपये बिजली राजस्व विभागीय कोष में जमा हो सका। खास यह है कि जो लोग बिलों में दर्ज रकम अधिक बताकर संशोधन कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटते घूम रहे थे, वे भी ओटीएस लागू होने के बाद से देनदारी चुकता करने से बच रहे हैं। यह लोग न तो कैश काउंटरों पर पहुंच रहे हैं और न ही रजिस्ट्रेशन कराने को बिजली दफ्तर। 
 
बकाएदारों पर पहले भी कसा जा चुका शिकंजा 
बकाएदारों पर कार्रवाई का शिकंजा ओटीएस स्कीम लागू होने से पहले भी कसा जा चुका है। गत मार्च माह में वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले शासन से बकाया वसूली का दबाव बढ़ने पर विभागीय टीमों ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सैकड़ों उपभोक्ताओं से मौके पर बकाया रकम वसूल कर उनकी रसीद काटी गईं। इस दौरान देनदारी चुकता नहीं करने और काटे गए कनेक्शन जोड़ लेने पर 54 लोगों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की विविध धाराओं में एफआईआर कराई गई। इनमें से 15 ऐसे मामले पकड़े गए, जिनमें मीटर बाईपास करके बिजली चोरी की जा रही थी। यही नहीं, बकाया अदा नहीं करने वाले लोगों के विरुद्ध 98 आरसी जारी कराई गईं।
 
दस हजार रुपये से अधिक के 3800 बाकीदार
ओटीएस लागू होने पर लोगों को बिल जमा करने का मौका देने के लिए चेकिंग अभियान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप बकाया बिल जमा नहीं होने पर विभाग ने सख्ती का ताना-बाना बुन लिया है। पहले चरण में दस हजार और इससे अधिक बकाया रकम वाले 3800 उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं। इन सभी पर ओटीएस में रजिस्ट्रेशन कराने का दबाव बनाया जा रहा है। 
 
157 उपभोक्ताओं को सेक्शन-3 के नोटिस जारी
शहर में 157 ऐसे उपभोक्ता खोजे गए हैं, जिन पर लंबे समय से 25 हजार ओर इससे अधिक बिजली देय बकाया है। बार-बार कहे जाने पर भी इन लोगों पर कोई असर नहीं पड़ते देख उन्हें आरसी जारी करने को विद्युत अधिनियम के सेक्शन-3 के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जून के प्रथम सप्ताह में इन सभी को विधिक कार्रवाई के दायरे मे लाया जाएगा। 
-विवेक पटेल, एक्सईएन (सिटी), पॉवर कारपोरेशन

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