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पुवायां के गांव मीरपुर में कक्षा दो के छात्र की हत्या

Sat, 21 Jul 2018 11:44 PM IST
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:44 PM IST
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पुवायां के गांव मीरपुर में कक्षा दो के छात्र की हत्या
फोटो-27,28,29,30
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पुवायां के गांव मीरपुर में बच्चे की हत्या, दरिंदगी का शक
पिता बोला- घर के बाहर शराब पीने का विरोध करने का हिसाब चुकाया
- गन्ने के खेत में निर्वस्त्र पड़ा मिला शव
- तीन लोग नामजद, एक को पकड़कर पुलिस को सौंपा

अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव मीरपुर में सात वर्षीय बच्चे का शव गांव के बाहर गन्ने के खेत में निर्वस्त्र हालत में पड़ा मिला है। उसके साथ दरिंदगी करने का शक जताया जा रहा है। बच्चे के पिता का आरोप है कि घर के बाहर शराब पीने का विरोध करने पर गांव नाहिल के तीन लोगों ने उसके पुत्र की हत्या कर हिसाब चुकाया है। उसने तीनों को नामजद कर तहरीर दी। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया है। मृतक गांव के ही प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो का छात्र था।
गांव मीरपुर निवासी आसाराम ने बताया कि गांव नाहिल के रामकिशोर, जुगलकिशोर और मलैया उसके गांव में कच्ची शराब पीने आते थे। उक्त लोग बाइक उसके दरवाजे के सामने खड़ी कर देते थे, जिस पर वह कई बार एतराज जता चुका था। बाइक खड़ी करने को लेकर आरोपी उसे कई बार सबक सिखाने की धमकी भी दे चुके थे, लेकिन उसने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार शाम पांच बजे उसका 10 वर्षीय पुत्र शिवम और सात वर्षीय पुत्र कौशल गांव से कुछ दूर राजवीर सिंह के नलकूप पर नहाने गए थे। शिवम वापस आ गया और कौशल नलकूप पर ही रह गया। देर रात तक वापस नहीं आने पर उसकी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चलने पर रात 12 बजे कोतवाली आकर सूचना दी गई।
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शनिवार को वह गांव के तमाम लोगों के साथ फिर से कौशल की तलाश में जुटा तो दोपहर 12 बजे गांव मीरपुर कोंप मार्ग पर गन्ने के खेत में कौशल का निर्वस्त्र शव पड़ा मिला। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। आसराम ने रामकिशोर, जुगलकिशोर और मलैया पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। रामकिशोर पुलिस हिरासत में है, उसने हत्या से इंकार किया है और झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। कौशल की मौत से मां रीता देवी, पिता आसाराम और भाई शिवम का रो रोकर बुरा हाल है।
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दरिंदगी के बाद हत्या किए जाने की भी चर्चा
पुवायां। कौशल की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे तमाम लोग उसकी दरिंदगी के बाद हत्या किए जाने की चर्चा करते दिखे। लोगों का कहना था कि नामजदों से आसाराम का इतना बड़ा विवाद नहीं हुआ था कि उसके पुत्र की हत्या कर दी जाए।
जिस खेत में शव मिला है वह गांव कोंप के अनुपम का है। खेत में शव पीठ के बल पड़ा हुआ था और शव पर एक भी कपड़ा नहीं था। कौशल का कच्छा शव से कुछ दूर पड़ा मिला है और मौके पर गन्ना भी टूटा हुआ है, इससे साफ है कि कौशल और हत्यारे के बीच हाथापाई भी हुई है। शव की गर्दन पर निशान मिले हैं, जिससे हत्या गला दबाकर किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
एसएसआई विनोद यादव ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद काफी हद तक स्थित साफ हो जाएगी। उधर गांव के लोगों का कहना है कि जिन लोगों को नामजद कराया गया है, उनका आसाराम से इतना बड़ा विवाद नहीं हुआ था कि उसके पुत्र की हत्या कर दी जाए। जबकि कुछ लोग आरोपियों को नशेड़ी बताते हुए कह रहें हैं कि वह कुछ भी कर सकते हैं।

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फोटो-31,कौशल के स्कूल के छात्र रोते हुए
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रो उठे कौशल के स्कूल के साथी
पुवायां। शव मिलने की जानकारी पाकर गांव से तमाम लोग पहुंचे तो कौशल के स्कूल से भी तमाम बच्चे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को सील किया और लेकर चली तो कौशल के तमाम सहपाठी जोर जोर से रोने लगे। परिवार के लोगों ने बच्चों को शांत किया। बच्चों को रोता देख मौके पर मौजूद तमाम लोगों की आंखें नम हो उठीं।
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कच्ची शराब का गढ़ है मीरपुर गांव
पुवायां। पुवायां का मीरपुर गांव कच्ची शराब का गढ़ है। यहां के कई घरों में कच्ची शराब की भट्ठियां हैं। शराब को आसपास के गांवों में सप्लाई करने के साथ ही घरों से भी बेचा जाता है।

कच्ची शराब बेचने वाले लोग मीरपुर से थोक में शराब ले जाते हैं और अपने यहां ले जाकर बिक्री करते हैं। ट्रकों के ट्यूब, केन आदि में शराब भरकर गांवों तक पहुंचाए जाने की भी व्यवस्था यहां के शराब बनाने वाले कर देते हैं। इतने बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाने और बेचने का काम पुलिस की बिना मिलीभगत के नहीं किया जा सकता है। गांव के लोग बताते हैं कि पुलिसकर्मी गांव आते हैं, लेकिन शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। कोई अभियान आदि चलने पर 10-20 लीटर शराब के साथ एकाध लोगों को पकड़कर खानापूर्ति के कारण ही यहां शराब का कारोबार बढ़ता जा रहा है और इस कारण झगड़ा फसाद, गाली गलौज, हंगामा रोज की बात हो गई है। कोतवाली प्रभारी सुधाकर पंाडे का कहना है कि जहां भी अवैध शराब बनाए और बेचे जाने की सूचना मिलती है, कार्रवाई कराई जाती है।
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