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अनुसूचित को धमकाना गैर जमानती अपराध, होगी जेल
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शाहजहांपुर। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता का पालन कराने में जुटे सरकारी तंत्र का काम आसान करने के लिए निर्वाचन से संबंधित अपराध को स्पष्ट करने के साथ उसमेें सजा का निर्धारण भी कर दिया है। उदाहरणार्थ, अनुसूचित जाति के किसी व्यक्ति को सामान्य वर्ग का कोई व्यक्ति किसी विशेष प्रत्याशी को वोट देने अथवा नहीं देने या फिर नामांकन में प्रस्तावक बनने से रोकता है तो उसे अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 3(1) एल के तहत संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध का दोषी माना जाएगा। ऐसे मामले में आरोपी को अधिकतम पांच वर्ष की जेल भुगतने के साथ जुर्माना भी भरना होगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आयोग ने ऐसे प्रयास को अधिनियम की धारा 135(2) के तहत गैर जमानती संज्ञेय अपराध घोषित किया है। इसमें न्यूनतम तीन वर्ष से अधिकतम पांच वर्ष तक कारावास होगी और साथ में अर्थ दंड भी भुगतना पड़ सकता है। इसी तरह निर्वाचन के संबंध में शत्रुता एवं घृणा की भावनाएं भड़काने पर तीन वर्ष कारावास और मतदान से 48 घंटे पहले की अवधि में कोई सभा, समारोह करने पर दो वर्ष जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
प्रिंटिंग प्रेसों को मुद्रित प्रचार सामग्री देने के निर्देश
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को पार्टियों और प्रत्याशियों द्वारा छपवाई जाने वाली मुद्रित सामग्री तीन दिन के अंदर तीन प्रतियों में जमा करने और प्रकाशक का घोषणा पत्र संलग्न करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उल्लंघन होने पर विविध धाराओं सहित चुनाव आयोग के अन्य अनुदेशों के तहत कार्रवाई होगी।
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उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आयोग ने ऐसे प्रयास को अधिनियम की धारा 135(2) के तहत गैर जमानती संज्ञेय अपराध घोषित किया है। इसमें न्यूनतम तीन वर्ष से अधिकतम पांच वर्ष तक कारावास होगी और साथ में अर्थ दंड भी भुगतना पड़ सकता है। इसी तरह निर्वाचन के संबंध में शत्रुता एवं घृणा की भावनाएं भड़काने पर तीन वर्ष कारावास और मतदान से 48 घंटे पहले की अवधि में कोई सभा, समारोह करने पर दो वर्ष जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
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प्रिंटिंग प्रेसों को मुद्रित प्रचार सामग्री देने के निर्देश
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को पार्टियों और प्रत्याशियों द्वारा छपवाई जाने वाली मुद्रित सामग्री तीन दिन के अंदर तीन प्रतियों में जमा करने और प्रकाशक का घोषणा पत्र संलग्न करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उल्लंघन होने पर विविध धाराओं सहित चुनाव आयोग के अन्य अनुदेशों के तहत कार्रवाई होगी।
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