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ट्रेन से गिरकर बिहार के युवक की मौत
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शाहजहांपुर/रोजा। पुरबिया एक्सप्रेस से दिल्ली से बिहार दादी को लेकर जा रहे एक युवक की शुक्रवार रात ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। वह गेट के पास झांकते हुए सफर कर रहा था। रोजा में प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन के बीच खड़े खंभे से टकराने के बाद हादसा हुआ। जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
बिहार के जिला सहरसा के थाना सोनवर्षा के गांव बेहटा निवासी 24 वर्षीय कार्तिक मिश्रा दिल्ली से पुरबिया एक्सप्रेस से दादी मनोरमा को बिहार छोड़ने जा रहा था। वह शुक्रवार शाम करीब तीन बजे दिल्ली से चला था। ट्रेन के कोच संख्या एस-12 में सीट नंबर 28, 30 दोनों के नाम बुक थीं। शुक्रवार रात करीब 12:15 बजे ट्रेन रोजा स्टेशन पर पहुंची। इस बीच कार्तिक गेट पहुंच झांकने लगा। तभी अचानक प्लेटफॉर्म नंबर दो और दो के बीच लगे खंभे से टकराकर वह नीचे गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके ट्रेन से गिरने के बाद यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। हरदोई पहुंचने पर ट्रेन को चेन पुलिंग करके रोका गया। यहां जीआरपी को सूचना देकर रोजा जीआरपी से संपर्क करके दादी से परिवार का नंबर लेकर बात की गई तो नंबर युवक के पिता का निकला। मोबाइल पर ही पिता को इसकी सूचना दी गई। मृतक के पिता दिल्ली के थाना ख्याला के रघुवीरनगर जै-जै कॉलोनी डी-159 निवासी विशेश्वर मिश्रा दोपहर बाद रिश्तेदारों के साथ शाहजहांपुर पहुंचे। पिता को जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के बाद सुपुर्दगी में दे दिया। पीड़ित पिता ने बताया कि वह लोग मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। कमाने खाने के उद्देश्य दिल्ली में रहने लगे। बेटा कार्तिक होटल में काम करता था और एक छोटा बेटा गनपति है, जिसकी उम्र लगभग 10 वर्ष है। विश्वेश्वर ने बताया कि वह भी दिल्ली में मेहनत मजदूरी करते हैं।
दादी को नहीं दी गई पौत्र की मौत की जानकारी
हरदोई में ट्रेन रुकने पर जब दादी मनोरमा से मोबाइल नंबर लेकर मृतक के पिता विशेश्वर से बात की गई। पिता ने बताया कि दादी को पौत्र के मौत की सूचना मत देना। नहीं तो बूढ़ी दादी सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाएगी। इस पर दादी को बता दिया गया कि कार्तिक से यह ट्रेन छूट गई है, वह दूसरी ट्रेन से आ जाएगा। इतना कहकर दादी मनोरमा को उसी ट्रेन से बिहार के लिए भेज दिया गया।
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बिहार के जिला सहरसा के थाना सोनवर्षा के गांव बेहटा निवासी 24 वर्षीय कार्तिक मिश्रा दिल्ली से पुरबिया एक्सप्रेस से दादी मनोरमा को बिहार छोड़ने जा रहा था। वह शुक्रवार शाम करीब तीन बजे दिल्ली से चला था। ट्रेन के कोच संख्या एस-12 में सीट नंबर 28, 30 दोनों के नाम बुक थीं। शुक्रवार रात करीब 12:15 बजे ट्रेन रोजा स्टेशन पर पहुंची। इस बीच कार्तिक गेट पहुंच झांकने लगा। तभी अचानक प्लेटफॉर्म नंबर दो और दो के बीच लगे खंभे से टकराकर वह नीचे गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके ट्रेन से गिरने के बाद यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। हरदोई पहुंचने पर ट्रेन को चेन पुलिंग करके रोका गया। यहां जीआरपी को सूचना देकर रोजा जीआरपी से संपर्क करके दादी से परिवार का नंबर लेकर बात की गई तो नंबर युवक के पिता का निकला। मोबाइल पर ही पिता को इसकी सूचना दी गई। मृतक के पिता दिल्ली के थाना ख्याला के रघुवीरनगर जै-जै कॉलोनी डी-159 निवासी विशेश्वर मिश्रा दोपहर बाद रिश्तेदारों के साथ शाहजहांपुर पहुंचे। पिता को जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के बाद सुपुर्दगी में दे दिया। पीड़ित पिता ने बताया कि वह लोग मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। कमाने खाने के उद्देश्य दिल्ली में रहने लगे। बेटा कार्तिक होटल में काम करता था और एक छोटा बेटा गनपति है, जिसकी उम्र लगभग 10 वर्ष है। विश्वेश्वर ने बताया कि वह भी दिल्ली में मेहनत मजदूरी करते हैं।
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दादी को नहीं दी गई पौत्र की मौत की जानकारी
हरदोई में ट्रेन रुकने पर जब दादी मनोरमा से मोबाइल नंबर लेकर मृतक के पिता विशेश्वर से बात की गई। पिता ने बताया कि दादी को पौत्र के मौत की सूचना मत देना। नहीं तो बूढ़ी दादी सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाएगी। इस पर दादी को बता दिया गया कि कार्तिक से यह ट्रेन छूट गई है, वह दूसरी ट्रेन से आ जाएगा। इतना कहकर दादी मनोरमा को उसी ट्रेन से बिहार के लिए भेज दिया गया।
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