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पुवायां में हड़ताल कर धरने पर बैठे सिविल बार संघ के वकील
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शाहजहांपुर के पुवायां में धरने पर बैठे वकीलों से वार्ता करते सीओ।
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां। पुवायां सिविल बार एसोसिएशन के वकीलों ने पूर्व महामंत्री के खिलाफ दर्ज सामूहिक दुष्कर्म और छेड़छाड़ की रिपोर्ट को साजिश साजिश बताते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी और धरने पर बैठ गए। हालांकि सीओ के वार्ता करने के बाद वकीलों ने धरना समाप्त कर दिया।
सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ओमपाल यादव सहित दो लोगों के खिलाफ पुवायां थाने में सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ दूसरी रिपोर्ट सिंधौली थाने में एससीएसटी एक्ट और छेड़छाड़ के तहत दर्ज की गई। इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को वकीलों ने बेमियादी हड़ताल की घोषणा कर दी और सीओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इसका पता लगने पर सीओ बीएस वीर कुमार और पुवायां इंस्पेक्टर केबी सिंह ने धरने पर बैठे वकीलों से वार्ता की और निष्पक्ष जांच की का आश्वासन दिया। इसके बाद वकीलों ने धरना समाप्त कर दिया।
सिविल बार एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता ओमपाल सिंह यादव पर पुवायां में फर्जी एससीएसटी एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जो एक साजिश है। इसी साजिश के तहत सिंधौली थाने में एससीएसटी एक्ट और छेड़छ़ाड़ की रिपोर्ट कराई गई। उनके अलावा वकील शोभित भदौरिया और संजीव सिंह पर भी झूठे मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता समाज की छवि धूमिल करने पर इंस्पेक्टर और सीओ का तबादला कर पद के दुरुपयोग की जांच कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष केएन सिंह राठौर, महामंत्री मुकेश द्विवेदी, पवनदीप, अनिल सिंह, सुशील त्रिपाठी, रामऔतार, मनीष मिश्रा, संजीव सिंह, केसी राजपूत, रजनीश कुमार, अमरीक सिंह, अनुराग, जितेंद्र सक्सेना आदि रहे।
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सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ओमपाल यादव सहित दो लोगों के खिलाफ पुवायां थाने में सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ दूसरी रिपोर्ट सिंधौली थाने में एससीएसटी एक्ट और छेड़छाड़ के तहत दर्ज की गई। इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को वकीलों ने बेमियादी हड़ताल की घोषणा कर दी और सीओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इसका पता लगने पर सीओ बीएस वीर कुमार और पुवायां इंस्पेक्टर केबी सिंह ने धरने पर बैठे वकीलों से वार्ता की और निष्पक्ष जांच की का आश्वासन दिया। इसके बाद वकीलों ने धरना समाप्त कर दिया।
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सिविल बार एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता ओमपाल सिंह यादव पर पुवायां में फर्जी एससीएसटी एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जो एक साजिश है। इसी साजिश के तहत सिंधौली थाने में एससीएसटी एक्ट और छेड़छ़ाड़ की रिपोर्ट कराई गई। उनके अलावा वकील शोभित भदौरिया और संजीव सिंह पर भी झूठे मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता समाज की छवि धूमिल करने पर इंस्पेक्टर और सीओ का तबादला कर पद के दुरुपयोग की जांच कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष केएन सिंह राठौर, महामंत्री मुकेश द्विवेदी, पवनदीप, अनिल सिंह, सुशील त्रिपाठी, रामऔतार, मनीष मिश्रा, संजीव सिंह, केसी राजपूत, रजनीश कुमार, अमरीक सिंह, अनुराग, जितेंद्र सक्सेना आदि रहे।