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सामूहिक आत्महत्या प्रकरण : आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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शाहजहांपुर। सात जून को हुई सामूहिक आत्महत्या के मामले में दो आरोपियों ने अपनी जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। दूसरे आरोपी की जमानत पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 अगस्त तय की गई है। घटना के बाद से तीनों आरोपी जेल में बंद हैं।
सूदखोरी के आरोपी अविनाश वाजपेयी उर्फ आकाश से परेशान होकर चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी अखिलेश गुप्ता, उनकी पत्नी रेशु और दो बच्चों ने सात जून को घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। बरेली के कस्बा फरीदपुर के मोहल्ला ऊंचा अस्तल निवासी अखिलेश के पिता अशोक की तहरीर पर कांट थाना क्षेत्र के रहने वाले सूदखोर अविनाश वाजपेयी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी । पुलिस ने आरोपी अविनाश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच में आरोपी अविनाश वाजपेयी के मित्र सुशील गुप्ता और मिथिलेश के नाम सामने आए थे। बाद में पुलिस ने उन दोनों को जेल भेजा था।
सुशील कुमार गुप्ता और मिथिलेश की तरफ से एडीजे प्रथम किरन पाल सिंह की कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना दिया गया था। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट में बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी मिथिलेश की जमानत के लिए दिया गया प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। आरोपी सुशील गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख 12 अगस्त तय की ग्रइ है। मुख्य आरोपी अविनाश वाजपेयी की तरफ से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र कोर्ट में नहीं दिया गया।
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घटना केे बाद अखिलेश के घर से पुलिस को सुसाइड नोट और अखिलेश की डायरी मिली थी। इसमें आरोपी अविनाश पर सूदखोरी का आरोप लगाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। आरोपी ने अखिलेश के घर की रजिस्ट्री भी अपने नाम करा ली थी। इसके बाद आरोपी अखिलेश से करीब 70 लाख रुपये मांग रहा था। सात जून को घटना से पहले अखिलेश की पत्नी और आरोपी अविनाश के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी। पुलिस ने वायरल ऑडियो को भी विवेचना में शामिल कर लखनऊ की लैब में जांच के लिए भेजा है।
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सूदखोरी के आरोपी अविनाश वाजपेयी उर्फ आकाश से परेशान होकर चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी अखिलेश गुप्ता, उनकी पत्नी रेशु और दो बच्चों ने सात जून को घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। बरेली के कस्बा फरीदपुर के मोहल्ला ऊंचा अस्तल निवासी अखिलेश के पिता अशोक की तहरीर पर कांट थाना क्षेत्र के रहने वाले सूदखोर अविनाश वाजपेयी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी । पुलिस ने आरोपी अविनाश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच में आरोपी अविनाश वाजपेयी के मित्र सुशील गुप्ता और मिथिलेश के नाम सामने आए थे। बाद में पुलिस ने उन दोनों को जेल भेजा था।
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सुशील कुमार गुप्ता और मिथिलेश की तरफ से एडीजे प्रथम किरन पाल सिंह की कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना दिया गया था। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट में बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी मिथिलेश की जमानत के लिए दिया गया प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। आरोपी सुशील गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख 12 अगस्त तय की ग्रइ है। मुख्य आरोपी अविनाश वाजपेयी की तरफ से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र कोर्ट में नहीं दिया गया।
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घटना केे बाद अखिलेश के घर से पुलिस को सुसाइड नोट और अखिलेश की डायरी मिली थी। इसमें आरोपी अविनाश पर सूदखोरी का आरोप लगाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। आरोपी ने अखिलेश के घर की रजिस्ट्री भी अपने नाम करा ली थी। इसके बाद आरोपी अखिलेश से करीब 70 लाख रुपये मांग रहा था। सात जून को घटना से पहले अखिलेश की पत्नी और आरोपी अविनाश के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी। पुलिस ने वायरल ऑडियो को भी विवेचना में शामिल कर लखनऊ की लैब में जांच के लिए भेजा है।