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हमसफर ट्रेन में यात्री की बिगड़ी तबीयत, लखनऊ से हरदोई तक नहीं मिला उपचार
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शाहजहांपुर। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना कंट्रोल को दिए जाने के बाद भी ढाई घंटे तक उपचार नहीं मिल सका। ट्रेन लखनऊ से रोजा पहुंचने पर यात्री को प्राथमिक उपचार मिला। इस बीच यात्री इलाज के अभाव में तड़पता रहा। रेलवे की इस लापरवाही से किसी की जान पर बन सकती थी।
रविवार को हमसफर एक्सप्रेस ( 03391) राजगीर-नई दिल्ली के कोच नंबर एस-1 की बर्थ संख्या 12 पर हाजीपुर पटना निवासी वीरेंद्र कुमार का 17 वर्षीय बेटा विक्की सफर कर रहा था। ट्रेन लखनऊ पहुंचने से पहले ही विक्की की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसकी सूचना उसके परिजनों ने टीटीई को दी। टीटीई अशोक द्वारा यात्री की तबीयत बिगड़ने की जानकारी तुरंत मैसेज द्वारा कंट्रोल दी गई। ट्रेन करीब 5:43 बजे लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंची और 6:16 बजे वहां से रवाना हुई, लेकिन इस बीच यात्री को कोई उपचार नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन बालामऊ और हरदोई रेलवे स्टेशन पहुंची, वहां भी डॉक्टर न होने की वजह से यात्री को उपचार नहीं मिल सका। रात 8:20 बजे ट्रेन को रोजा जंक्शन पर रोका गया, यहां पर डॉक्टर संजय राय और उनके साथी अनिल कुमार, सचिन राय ने पहुंचकर यात्री का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस तरह यात्री को उपचार मिलने में पूरे दो घंटे 42 लग गए।
रोजा स्टेशन पर 12 मिनट खड़ी रही ट्रेन
यात्री के उपचार के लिए हमसफर एक्सप्रेस को रात 8:20 बजे रोजा जंक्शन पर रोका गया। रेलवे के डॉक्टरों ने यात्री को प्राथमिक उपचार दिया। इस बीच ट्रेन 12 मिनट तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। 8:32 बजे ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
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35 मिनट पहले लखनऊ पहुंच गई थी ट्रेन
ट्रेन के टीटीई अशोक ने बताया कि यात्री की तबीयत लखनऊ पहुंचने से पहले ही खराब हो गई। लखनऊ स्टेशन पहुंचने पर यात्री को उपचार नहीं मिल सका, जबकि ट्रेन अपने निर्धारित समय से 35 मिनट पहले ही पहुंच गई थी। इसके बाद ट्रेन बालामऊ और हरदोई भी रुकी, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ।
हमसफर एक्सप्रेस में यात्री की तबीयत खराब होने पर ट्रेन को रोजा जंक्शन पर रोका गया था। यात्री को प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद ट्रेन रवाना हो गई। इस बीच ट्रेन करीब 12 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही - जेपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक रोजा
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रविवार को हमसफर एक्सप्रेस ( 03391) राजगीर-नई दिल्ली के कोच नंबर एस-1 की बर्थ संख्या 12 पर हाजीपुर पटना निवासी वीरेंद्र कुमार का 17 वर्षीय बेटा विक्की सफर कर रहा था। ट्रेन लखनऊ पहुंचने से पहले ही विक्की की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसकी सूचना उसके परिजनों ने टीटीई को दी। टीटीई अशोक द्वारा यात्री की तबीयत बिगड़ने की जानकारी तुरंत मैसेज द्वारा कंट्रोल दी गई। ट्रेन करीब 5:43 बजे लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंची और 6:16 बजे वहां से रवाना हुई, लेकिन इस बीच यात्री को कोई उपचार नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन बालामऊ और हरदोई रेलवे स्टेशन पहुंची, वहां भी डॉक्टर न होने की वजह से यात्री को उपचार नहीं मिल सका। रात 8:20 बजे ट्रेन को रोजा जंक्शन पर रोका गया, यहां पर डॉक्टर संजय राय और उनके साथी अनिल कुमार, सचिन राय ने पहुंचकर यात्री का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस तरह यात्री को उपचार मिलने में पूरे दो घंटे 42 लग गए।
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रोजा स्टेशन पर 12 मिनट खड़ी रही ट्रेन
यात्री के उपचार के लिए हमसफर एक्सप्रेस को रात 8:20 बजे रोजा जंक्शन पर रोका गया। रेलवे के डॉक्टरों ने यात्री को प्राथमिक उपचार दिया। इस बीच ट्रेन 12 मिनट तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। 8:32 बजे ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
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35 मिनट पहले लखनऊ पहुंच गई थी ट्रेन
ट्रेन के टीटीई अशोक ने बताया कि यात्री की तबीयत लखनऊ पहुंचने से पहले ही खराब हो गई। लखनऊ स्टेशन पहुंचने पर यात्री को उपचार नहीं मिल सका, जबकि ट्रेन अपने निर्धारित समय से 35 मिनट पहले ही पहुंच गई थी। इसके बाद ट्रेन बालामऊ और हरदोई भी रुकी, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ।
हमसफर एक्सप्रेस में यात्री की तबीयत खराब होने पर ट्रेन को रोजा जंक्शन पर रोका गया था। यात्री को प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद ट्रेन रवाना हो गई। इस बीच ट्रेन करीब 12 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही - जेपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक रोजा