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मिलावटखोरी : मीरानपुर कटरा से लिए गए सरसों के तेल के नमूने फेल
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शाहजहांपुर। आमतौर पर फर्जी नाम से की गई शिकायतें रंजिश या दुर्भावनापूर्ण मानकर रद्दी की टोकरी में डाल दी जाती हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) के अधिकारियों ने तिलहर क्षेत्र के नगरिया गांव की एक महिला के फर्जी नाम से सरसों का मिलावटी तेल बिकने की शिकायत की थी, जिसे शिकायतकर्ता के न मिलने पर किनारे कर दिया गया। दोबारा में मिलावटी सरसों का तेल बिकने की शिकायत मीरानपुर कटरा के एक व्यक्ति ने की। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के आत्मदाह की धमकी देने पर एफएसडीए ने मीरानपुर कटरा की दुकानों पर छापा मारकर सरसों तेल और अरहर की दाल के दो नमूने लिए थे। प्रयोगशाला में जांच होने पर सरसों का नमूना फेल हो गया।
अगस्त माह में एफएसडीए को नगरिया (तिलहर) निवासी बिटोली देवी की ओर से लिखित शिकायत मिली कि मीरानपुर कटरा के मोहल्ला आतिशबाजान में किराना की दो दुकानों पर मिलावटी और घटिया खाद्य वस्तुओं की बिक्री की जा रही है। नगरिया और कटरा के बीच काफी फासला होने से अधिकारियों को शिकायत का औचित्य समझ नहीं आया तो उन्होंने शिकायतकर्ता से मिलने का निर्णय किया, लेकिन गांव जाने पर बिटोली नाम की कोई महिला नहीं मिलने पर अधिकारी मुख्यालय पर लौट आए। इसके साथ ही शिकायती प्रार्थना पत्र भी ठंडे बस्ते में चला गया। कोई कार्रवाई नहीं होने पर एफएसडीए को अगस्त के दूसरे सप्ताह में उन्हीं दुकानों पर मिलावटी सामान बिकने की दूसरी लिखित शिकायत कटरा के मोहल्ला आतिशबाजान निवासी सचिन राठौर की ओर से मिली, जिनका बिटोली देवी के प्रार्थना पत्र में जिक्र किया गया था। शिकायतकर्ता सचिन ने कोई कार्रवाई नहीं होने पर 31 अगस्त को मंडलायुक्त कार्यालय या फिर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेने की प्रार्थना पत्र में चेतावनी दी थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने तिलहर तहसील के एफएसओ की से मदद कटरा में बताए गए पते पर सचिन की खोजबीन कराई, लेकिन उसका भी कोई सुराग नहीं लगा। इसकेे बावजूद आत्मदाह की चेतावनी को देखते अधिकारियों ने इस बार कार्रवाई में ढील नहीं की। संबंधित दुकानों से लिए गए नमूने जांच को भेजे गए तो प्रयोगशाला रिपोर्ट में सरसों तेल का नमूना अधोमानक पाया गया। मामले मेें मुकदमे की पत्रावली जुर्माना कार्रवाई के लिए विभाग के न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम प्रशासन कोर्ट को भेजी गई है।
किसी शिकायत पर की गई कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाना एक सामान्य प्रक्रिया है। तिलहर क्षेत्र की एक महिला बार-बार नाम बदलकर पहले भी कई बार फर्जी शिकायत कर चुकी है। मामले मेें फर्जी शिकायत का संदेह इसलिए हुआ कि दोनों पतों पर छानबीन करने पर भी शिकायतकर्ता नहीं मिले। विभागीय जांच से पता चला कि कटरा निवासी एक शिक्षक की पत्नी का मोहल्ले के दुकानदार से विवाद हो चुका है और इसी खुन्नस में शिकायतें की गईं। जांच जो नमूना फेल हुआ, उसमें दस हजार रुपये और इससे अधिक जुर्माना हो सकता है।
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- विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी (एफएसडीए)
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अगस्त माह में एफएसडीए को नगरिया (तिलहर) निवासी बिटोली देवी की ओर से लिखित शिकायत मिली कि मीरानपुर कटरा के मोहल्ला आतिशबाजान में किराना की दो दुकानों पर मिलावटी और घटिया खाद्य वस्तुओं की बिक्री की जा रही है। नगरिया और कटरा के बीच काफी फासला होने से अधिकारियों को शिकायत का औचित्य समझ नहीं आया तो उन्होंने शिकायतकर्ता से मिलने का निर्णय किया, लेकिन गांव जाने पर बिटोली नाम की कोई महिला नहीं मिलने पर अधिकारी मुख्यालय पर लौट आए। इसके साथ ही शिकायती प्रार्थना पत्र भी ठंडे बस्ते में चला गया। कोई कार्रवाई नहीं होने पर एफएसडीए को अगस्त के दूसरे सप्ताह में उन्हीं दुकानों पर मिलावटी सामान बिकने की दूसरी लिखित शिकायत कटरा के मोहल्ला आतिशबाजान निवासी सचिन राठौर की ओर से मिली, जिनका बिटोली देवी के प्रार्थना पत्र में जिक्र किया गया था। शिकायतकर्ता सचिन ने कोई कार्रवाई नहीं होने पर 31 अगस्त को मंडलायुक्त कार्यालय या फिर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेने की प्रार्थना पत्र में चेतावनी दी थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने तिलहर तहसील के एफएसओ की से मदद कटरा में बताए गए पते पर सचिन की खोजबीन कराई, लेकिन उसका भी कोई सुराग नहीं लगा। इसकेे बावजूद आत्मदाह की चेतावनी को देखते अधिकारियों ने इस बार कार्रवाई में ढील नहीं की। संबंधित दुकानों से लिए गए नमूने जांच को भेजे गए तो प्रयोगशाला रिपोर्ट में सरसों तेल का नमूना अधोमानक पाया गया। मामले मेें मुकदमे की पत्रावली जुर्माना कार्रवाई के लिए विभाग के न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम प्रशासन कोर्ट को भेजी गई है।
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किसी शिकायत पर की गई कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाना एक सामान्य प्रक्रिया है। तिलहर क्षेत्र की एक महिला बार-बार नाम बदलकर पहले भी कई बार फर्जी शिकायत कर चुकी है। मामले मेें फर्जी शिकायत का संदेह इसलिए हुआ कि दोनों पतों पर छानबीन करने पर भी शिकायतकर्ता नहीं मिले। विभागीय जांच से पता चला कि कटरा निवासी एक शिक्षक की पत्नी का मोहल्ले के दुकानदार से विवाद हो चुका है और इसी खुन्नस में शिकायतें की गईं। जांच जो नमूना फेल हुआ, उसमें दस हजार रुपये और इससे अधिक जुर्माना हो सकता है।
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- विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी (एफएसडीए)