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नौ जमातियों का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
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शाहजहांपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह ने अस्थाई जेल में बंद थाईलैंड के नौ जमातियों के प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। वहीं दिलाजाक निवासी मसी उल्ला की जमानत सोमवार को न्यायालय में दाखिल की गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 अप्रैल से अस्थाई जेल में बंद हसई, सोब्री, युसुफ, अब्दुल रोरसा, सुराचाई, मखोशी, मारुफी व हसनमीना के जमानत पर बहस 17 मई को हुई थी। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद सीजेएम ने इन लोगों का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। थाईलैंड निवासी नौ जमातियों को धारा 188, 269, 270, 271 आईपीसी 1946 के तहत थाना सदर बाजार में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इनके अलावा मसीउल्ला व तमिलनाडू निवासी हुसैन अहमद, अब्दुल सरताज उर्फ सरदार की जमानत 13 मई को मंजूर हो चुकी थी, जिनकी जल्द रिहाई हो सकती है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 अप्रैल से अस्थाई जेल में बंद हसई, सोब्री, युसुफ, अब्दुल रोरसा, सुराचाई, मखोशी, मारुफी व हसनमीना के जमानत पर बहस 17 मई को हुई थी। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद सीजेएम ने इन लोगों का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। थाईलैंड निवासी नौ जमातियों को धारा 188, 269, 270, 271 आईपीसी 1946 के तहत थाना सदर बाजार में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इनके अलावा मसीउल्ला व तमिलनाडू निवासी हुसैन अहमद, अब्दुल सरताज उर्फ सरदार की जमानत 13 मई को मंजूर हो चुकी थी, जिनकी जल्द रिहाई हो सकती है।
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