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मांगों का निदान न होने पर भाकियू ने तहसील घेरी
जलालाबाद।
Updated Tue, 09 Jun 2015 09:13 PM IST
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कई बार शिकायतों के बाद भी समस्याओं का हल न निकाले जाने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता तहसील रोड पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने जोरदार नारेबाजी भी की। तहसीलदार वहां पहुंचे तो आंदोलनकारियों नेे उन्हें काफी देर तक धरनास्थल पर बैठाए रखा। इस दौरान उनसे तीखी नोकझोंक भी हुई।
भाकियू की जिलाध्यक्ष तारा यादव के नेतृत्व में मंगलवार सुबह दस बजे से कार्यकर्ताओं का तहसील पहुुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर करीब 12 बजे तक जारी रहा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे हुए कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार ऑफिस को जाने वाले रास्ते पर दरी बिछाकर डेरा जमा दिया। सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। तारा यादव के अनुसार अतिवृष्टि से हुए भारी नुकसान के बाद भी मिर्जापुर तथा कलान के गांवों में किसी भी काश्तकार को मुआवजा का चेक नहीं दिया गया है। इसके लिए उन लोगों ने कई बार मांग की। दोपहर के वक्त उधर से गुजरे कानूनगो तथा तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा को कार्यकर्ताओं ने धरनास्थल पर बैठा लिया। इस दौरान तहसीलदार से तारा यादव की तीखी नोकझोंक हुई। देर शाम तक किसानों का धरना जारी रहा। तारा यादव ने बताया कि उनका यह आंदोलन चेक वितरित होने तक जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया
भाकियू जिलाध्यक्ष तारा यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा को दिया। ज्ञापन में कहा है कि किसानों को राहत राशि के चेक वितरित कराए जाएं, समाजवादी पेंशन योजना में दलालों की दखलंदाजी रोकी जाए, ब्लाक कलान में बिजलीकरण से छूटे गांवों में काम शुरू कराया जाए, कलान में पानी की टंकी को शुरु कराया जाए तथा रामगंगा नदी पर तटबंधो का निर्माण हो। ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष रिषीपाल सिंह, ब्लाक अध्यक्ष बालकराम, सत्यवीर सिंह, नत्थू सिंह यादव, बलविन्दर सिंह, अजीत सिंह, रामौतार, अंजू देवी, शान्ती देवी, लक्ष्मी देवी, किरन देवी, गुड्डी आदि शामिल रहीं।
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धरनास्थल पर ही खाया खाना
धरना देने तहसील पहुंचे कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ आये थे। दोपहर बाद कार्यकर्ताओं के खाने के लिये गांव से पूड़ी-सब्जी बनकर आ गई, जिन्हें कार्यकर्ताओ ने वहीं बैठकर खाया। कार्यकर्ताओं के अनुसार मांगें पूरी न होने तक वह लोग यहीं डटे रहेंगे, इसके लिये पूरी व्यवस्था पहले ही कर ली गई थी।
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भाकियू की जिलाध्यक्ष तारा यादव के नेतृत्व में मंगलवार सुबह दस बजे से कार्यकर्ताओं का तहसील पहुुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर करीब 12 बजे तक जारी रहा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे हुए कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार ऑफिस को जाने वाले रास्ते पर दरी बिछाकर डेरा जमा दिया। सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। तारा यादव के अनुसार अतिवृष्टि से हुए भारी नुकसान के बाद भी मिर्जापुर तथा कलान के गांवों में किसी भी काश्तकार को मुआवजा का चेक नहीं दिया गया है। इसके लिए उन लोगों ने कई बार मांग की। दोपहर के वक्त उधर से गुजरे कानूनगो तथा तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा को कार्यकर्ताओं ने धरनास्थल पर बैठा लिया। इस दौरान तहसीलदार से तारा यादव की तीखी नोकझोंक हुई। देर शाम तक किसानों का धरना जारी रहा। तारा यादव ने बताया कि उनका यह आंदोलन चेक वितरित होने तक जारी रहेगा।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया
भाकियू जिलाध्यक्ष तारा यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा को दिया। ज्ञापन में कहा है कि किसानों को राहत राशि के चेक वितरित कराए जाएं, समाजवादी पेंशन योजना में दलालों की दखलंदाजी रोकी जाए, ब्लाक कलान में बिजलीकरण से छूटे गांवों में काम शुरू कराया जाए, कलान में पानी की टंकी को शुरु कराया जाए तथा रामगंगा नदी पर तटबंधो का निर्माण हो। ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष रिषीपाल सिंह, ब्लाक अध्यक्ष बालकराम, सत्यवीर सिंह, नत्थू सिंह यादव, बलविन्दर सिंह, अजीत सिंह, रामौतार, अंजू देवी, शान्ती देवी, लक्ष्मी देवी, किरन देवी, गुड्डी आदि शामिल रहीं।
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धरनास्थल पर ही खाया खाना
धरना देने तहसील पहुंचे कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ आये थे। दोपहर बाद कार्यकर्ताओं के खाने के लिये गांव से पूड़ी-सब्जी बनकर आ गई, जिन्हें कार्यकर्ताओ ने वहीं बैठकर खाया। कार्यकर्ताओं के अनुसार मांगें पूरी न होने तक वह लोग यहीं डटे रहेंगे, इसके लिये पूरी व्यवस्था पहले ही कर ली गई थी।